नई दिल्ली/गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर के लाखों रेल यात्रियों के लिए मंगलवार की सुबह परेशानी भरी साबित हुई, जब गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर साहिबाबाद के पास एक मालगाड़ी के छह लदे हुए डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। इस हादसे के बाद देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक पर रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। दुर्घटना के चलते कुल 53 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ, जिनमें 16 ट्रेनें पूरी तरह रद्द, 24 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित (डायवर्ट), 5 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द तथा 8 ट्रेनों को नियंत्रित (रेगुलेट) कर चलाया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री या रेलकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार हादसा साहिबाबाद से नई दिल्ली की ओर लगभग एक किलोमीटर पहले हुआ। मालगाड़ी के छह लोडेड वैगन पटरी से उतरने के बाद रेल संचालन तुरंत रोक दिया गया और पूरे सेक्शन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सूचना मिलते ही उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM), अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM), इंजीनियरिंग और ऑपरेशन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद ट्रैक को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए युद्धस्तर पर बहाली कार्य शुरू कर दिया गया।
यह रेलखंड दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार की ओर जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में दुर्घटना का असर दूर-दराज के राज्यों तक जाने वाली ट्रेनों पर भी देखने को मिला। सुबह से ही गाजियाबाद, नई दिल्ली, आनंद विहार, पुरानी दिल्ली और साहिबाबाद रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। कई यात्रियों को घंटों तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी या सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ा।
रेलवे प्रशासन ने परिचालन को सामान्य बनाए रखने के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की। जिन ट्रेनों को प्रभावित सेक्शन से गुजरना था, उनमें से 24 ट्रेनों का मार्ग बदलकर अन्य रेल मार्गों से संचालित किया गया। इससे मुख्य लाइन पर दबाव कम करने और लंबी दूरी की ट्रेनों को गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। हालांकि डायवर्ट किए जाने के कारण कई ट्रेनों के निर्धारित समय में देरी होने की संभावना भी बनी रही।
हादसे के बाद रेलवे ने 16 यात्री ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया। इनमें मुख्य रूप से दिल्ली, गाजियाबाद, साहिबाबाद और आसपास के क्षेत्रों के बीच चलने वाली लोकल एवं पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। रोजाना नौकरी, व्यापार, पढ़ाई और अन्य कार्यों के लिए रेल यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को इससे सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पांच ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से रद्द किया गया। कुछ ट्रेनों को गाजियाबाद तक ही चलाया गया, जबकि कुछ सेवाओं का संचालन बीच के स्टेशनों तक सीमित रखा गया।
इसके अलावा आनंद विहार की ओर जाने वाली आठ ट्रेनों को अलग-अलग स्थानों पर नियंत्रित गति से चलाया गया। रेलवे का कहना है कि ऐसा यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैक पर बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक ट्रेनों का संचालन सावधानीपूर्वक किया जाएगा।
उत्तर रेलवे ने राहत की बात बताते हुए कहा कि दुर्घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हादसे के समय उस ट्रैक पर कोई यात्री ट्रेन मौजूद नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यदि इसी समय कोई एक्सप्रेस या पैसेंजर ट्रेन उस सेक्शन से गुजर रही होती, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी। रेलवे ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए तुरंत प्रभावित ट्रैक को सील किया और तकनीकी जांच शुरू कर दी।
दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए रेलवे ने जांच भी शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर ट्रैक, वैगन और तकनीकी प्रणाली की विस्तृत जांच की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाएगी कि डिब्बों के पटरी से उतरने की वजह तकनीकी खराबी, ट्रैक में दोष, वैगन की समस्या या कोई अन्य कारण था। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इधर रेलवे की इंजीनियरिंग, ट्रैक और सिग्नल विभाग की टीमें लगातार बहाली कार्य में जुटी हुई हैं। भारी क्रेन, ट्रैक मशीनों और विशेष तकनीकी उपकरणों की सहायता से पटरी से उतरे वैगनों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर रेल मार्ग को जल्द से जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि ट्रेनों का संचालन बिना किसी अतिरिक्त बाधा के फिर से शुरू किया जा सके।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस अवश्य जांच लें। जिन यात्रियों की ट्रेनें प्रभावित हुई हैं, उन्हें रेलवे की आधिकारिक सूचना, स्टेशन घोषणाओं और हेल्पलाइन के माध्यम से लगातार अपडेट प्राप्त करने की सलाह दी गई है। रेलवे का कहना है कि जैसे-जैसे बहाली कार्य पूरा होगा, ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से सामान्य कर दिया जाएगा।
फिलहाल साहिबाबाद रेल हादसे ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि देश के व्यस्ततम रेल मार्गों पर होने वाली छोटी-सी तकनीकी घटना भी लाखों यात्रियों की यात्रा को प्रभावित कर सकती है। राहत की बात यह है कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन 53 ट्रेनों के प्रभावित होने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। अब सभी की निगाहें रेलवे की बहाली और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
