जालंधर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के जालंधर से राज्य को ₹5,470 करोड़ से अधिक की लागत वाली कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने रेल, सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि पंजाब देश की प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र है और केंद्र सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक रेलवे, बेहतर सड़क संपर्क और नई परिवहन सुविधाएं न केवल पंजाब की अर्थव्यवस्था को गति देंगी बल्कि रोजगार, व्यापार और पर्यटन के नए अवसर भी पैदा करेंगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन पंजाब और विशेष रूप से जालंधर के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि इसी दिन उन्हें हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का अवसर भी मिला, जो भारत के हरित परिवहन अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही उन्होंने कुरुक्षेत्र में बनने वाले भव्य सिख संग्रहालय (सिख म्यूजियम) का शिलान्यास भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय गुरु परंपरा, सिख गुरुओं की शिक्षाओं, उनके त्याग, बलिदान और सेवा की भावना को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य करेगा तथा देशवासियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
जालंधर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कई नई रेल सेवाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि अमृतसर और वाराणसी (काशी) के बीच नई रेल सेवा शुरू होने से पंजाब के श्रद्धालुओं और यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और दोनों राज्यों के बीच संपर्क मजबूत होगा। इसके अलावा दौलतपुर चौक और करतौली के बीच नई रेल लाइन का उद्घाटन किया गया, जबकि करतौली से अंबाला के बीच नई रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा और यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सड़क अवसंरचना को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने लुधियाना बायपास परियोजना का शिलान्यास किया तथा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के एक महत्वपूर्ण खंड का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ बन रहे हैं। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योग, कृषि, व्यापार और पर्यटन सभी क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पंजाब देश के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब में कनेक्टिविटी से जुड़े अनेक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार न होने के बावजूद केंद्र सरकार विकास कार्यों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार का उद्देश्य देश के प्रत्येक राज्य का समान विकास सुनिश्चित करना है। पंजाब की जनता को बेहतर परिवहन, आधुनिक सुविधाएं और मजबूत आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने जालंधर के नागरिकों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने “स्वच्छता से स्वागत” अभियान चलाकर कार्यक्रम को विशेष बनाया है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। प्रधानमंत्री ने इसे गुरु रविदास जी के समरसता, समानता और सामूहिक प्रयास के संदेश का जीवंत रूप बताया तथा नागरिकों से इसी भावना के साथ देश निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर पंजाब के महान स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी सरदार तेजा सिंह समुंद्री को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आज उनका 100वां शहादत दिवस है और उन्होंने अंग्रेजी शासन के दौरान सिख समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए अनेक आंदोलन किए थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार तेजा सिंह समुंद्री का जीवन देशभक्ति, त्याग और सेवा का प्रतीक है तथा आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना को और मजबूत करेंगे।
रेलवे के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से पहले रेलवे के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनके अनुसार पहले की सरकारें नई ट्रेनों की घोषणाएं तो करती थीं, लेकिन रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यात्रियों की सुविधाओं पर अपेक्षित कार्य नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय बने कई रेलवे स्टेशन दशकों तक उपेक्षा का शिकार रहे, जबकि भारत जैसे विशाल देश में प्रतिदिन करोड़ों लोग रेल यात्रा करते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने रेलवे को आधुनिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि देशभर में रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इनमें आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर प्लेटफॉर्म, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, स्वच्छ शौचालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि इसी अभियान के अंतर्गत 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया गया है, जो भारतीय रेलवे के बदलते स्वरूप का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना भी आवश्यक है। बेहतर परिवहन व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, उद्योगों को लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक रेलवे और सड़क नेटवर्क देश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य देश के प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब में शुरू की गई नई रेल सेवाएं, आधुनिक रेलवे स्टेशन, एक्सप्रेसवे और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से व्यापार, पर्यटन, उद्योग और कृषि क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा तथा पंजाब विकसित भारत के निर्माण में और अधिक सशक्त भूमिका निभाएगा।
