भारतीय रेलवे ने करोड़ों यात्रियों के डिजिटल सफर को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए IRCTC (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन) की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च कर दिया है। लगभग 24 वर्षों बाद वेबसाइट के इंटरफेस, स्पीड और टिकट बुकिंग प्रक्रिया में इतने बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। रेलवे का दावा है कि नई वेबसाइट यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेगी। हर दिन करीब 14.5 लाख ट्रेन टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब तक लाखों यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान वेबसाइट स्लो होने, पेज लोड होने में अधिक समय लगने, बार-बार कैप्चा भरने और कई अनावश्यक पॉप-अप्स जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। खासकर तत्काल टिकट बुकिंग के समय वेबसाइट पर अत्यधिक ट्रैफिक के कारण टिकट बुक करना चुनौती बन जाता था। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से रेलवे ने पूरी वेबसाइट को नए सिरे से डिजाइन किया है।
नई वेबसाइट का बीटा वर्जन 15 जुलाई की शाम से लाइव कर दिया गया है। यात्री इसे www.irctc.co.in/eticket/ के माध्यम से एक्सेस कर सकते हैं। इसके अलावा मौजूदा IRCTC वेबसाइट के होमपेज पर भी नए पोर्टल का लिंक उपलब्ध कराया गया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग कर सकें और अपना फीडबैक दे सकें।
नई वेबसाइट का सबसे बड़ा बदलाव इसका आधुनिक और आकर्षक इंटरफेस है। वेबसाइट पहले की तुलना में अधिक साफ-सुथरी, व्यवस्थित और यूजर फ्रेंडली दिखाई देती है। पेज पहले की अपेक्षा काफी तेजी से लोड हो रहे हैं और स्क्रीन पर अनावश्यक ग्राफिक्स या विज्ञापनों की भरमार नहीं है। इससे उपयोगकर्ता बिना किसी रुकावट के अपनी टिकट बुकिंग प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। बेहतर फॉन्ट साइज, नया रंग संयोजन और सरल मेन्यू वेबसाइट को अधिक सहज बनाते हैं।
लॉगिन प्रक्रिया को भी पूरी तरह आसान बना दिया गया है। पहले जहां उपयोगकर्ताओं को कई बार अतिरिक्त स्टेप्स पूरे करने पड़ते थे, वहीं अब एक ही क्लिक में लॉगिन संभव हो गया है। इससे टिकट बुकिंग में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। विशेष रूप से तत्काल टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
नई वेबसाइट में ट्रेन सर्च करने का तरीका भी पहले से अधिक स्मार्ट बनाया गया है। अब यात्रियों को किसी ट्रेन की विभिन्न श्रेणियों जैसे फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और अन्य क्लासों की सीट उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर दिखाई देगी। पहले प्रत्येक श्रेणी की उपलब्धता अलग-अलग देखनी पड़ती थी, जिससे समय अधिक लगता था। अब सभी विकल्प एक साथ उपलब्ध होने से सही ट्रेन और सही श्रेणी का चयन करना आसान हो जाएगा।
रेलवे ने टिकट बुकिंग प्रक्रिया को भी छोटा और तेज बनाया है। पहले टिकट बुक करने के दौरान कई अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ता था, जबकि अब पूरे प्रोसेस में आवश्यक स्टेप्स की संख्या कम कर दी गई है। इससे टिकट बुकिंग पहले से कहीं अधिक तेजी से पूरी होगी। विशेष रूप से तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान कुछ सेकंड भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए यह बदलाव यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
नई वेबसाइट में बार-बार आने वाले कैप्चा कोड और अनावश्यक पॉप-अप्स को भी काफी हद तक कम किया गया है। पुराने पोर्टल पर कई बार बार-बार कैप्चा भरने के कारण टिकट बुकिंग में समय अधिक लगता था। अब वेबसाइट का इंटरफेस अधिक क्लीन और डिस्ट्रैक्शन-फ्री बनाया गया है, जिससे उपयोगकर्ता बिना किसी बाधा के अपनी बुकिंग पूरी कर सकेंगे।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक और महत्वपूर्ण फीचर जोड़ा है। अब यात्री अपनी व्यक्तिगत जानकारी वेबसाइट पर सुरक्षित रूप से सेव कर सकते हैं। अगली बार टिकट बुक करते समय बार-बार नाम, उम्र, पता या अन्य विवरण भरने की आवश्यकता नहीं होगी। कुछ ही क्लिक में पूरी बुकिंग प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इससे नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
IRCTC की वर्तमान वेबसाइट वर्ष 2002 में लॉन्च की गई थी। उस समय इंटरनेट का उपयोग सीमित था और ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी शुरुआती दौर में थी। लेकिन पिछले दो दशकों में डिजिटल तकनीक में जबरदस्त बदलाव आया है। आज करोड़ों लोग मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से टिकट बुक करते हैं। इसी बदलती आवश्यकता को देखते हुए रेलवे ने वेबसाइट को पूरी तरह आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार किया है।
रेलवे के अनुसार, इस नए पोर्टल के विकास में मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT), जयपुर के छात्रों का भी सहयोग लिया गया है। आधुनिक यूजर इंटरफेस, तेज सर्वर रिस्पॉन्स और बेहतर तकनीकी ढांचे को ध्यान में रखते हुए वेबसाइट को डिजाइन किया गया है, ताकि भविष्य में बढ़ती ऑनलाइन टिकट बुकिंग की मांग को आसानी से संभाला जा सके।
हालांकि फिलहाल यह वेबसाइट बीटा वर्जन के रूप में उपलब्ध कराई गई है। बीटा वर्जन का अर्थ है कि वेबसाइट अभी परीक्षण के चरण में है। इस दौरान आम उपयोगकर्ता इसका उपयोग कर सकते हैं और यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या, सुझाव या सुधार की आवश्यकता महसूस होती है तो उसका फीडबैक रेलवे को भेज सकते हैं। यात्रियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर वेबसाइट में आवश्यक सुधार किए जाएंगे और उसके बाद इसका पूर्ण रूप से विकसित फाइनल वर्जन लॉन्च किया जाएगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे नई वेबसाइट का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपने अनुभव साझा करें। इससे वेबसाइट को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। रेलवे का कहना है कि अगले कुछ सप्ताह में वेबसाइट का पूर्ण रूप से कार्यशील संस्करण लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ ही बैकएंड में नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को भी अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे भविष्य में भारी ट्रैफिक के दौरान भी वेबसाइट के हैंग होने या धीमी पड़ने जैसी समस्याओं में काफी कमी आएगी।
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत भारतीय रेलवे लगातार अपनी ऑनलाइन सेवाओं को आधुनिक बनाने पर काम कर रहा है। नई IRCTC वेबसाइट उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि बीटा टेस्टिंग सफल रहती है और यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो आने वाले समय में ट्रेन टिकट बुकिंग का अनुभव पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। करोड़ों यात्रियों के लिए यह बदलाव केवल वेबसाइट का नया डिजाइन नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे की डिजिटल सेवाओं में एक नई शुरुआत माना जा रहा है।
