हरिद्वार। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने महिला सुरक्षा के दावों और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में एक 19 वर्षीय छात्रा के साथ न केवल जबरन दुष्कर्म किया गया, बल्कि उसकी अस्मत का सौदा करने के लिए अश्लील फोटो और वीडियो के जरिए उसे लगातार ब्लैकमेल भी किया गया। दिल दहला देने वाली इस वारदात में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इस पूरी घिनौनी साजिश की सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि मुख्य आरोपी की सगी भाभी थी।
पीड़ित छात्रा की महीनों की मानसिक प्रताड़ना और पुलिस प्रशासन की कथित बेरुखी के बाद, आखिरकार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट के कड़े आदेश पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की गहनता से तफ्तीश में जुट गई है।
साजिश की शुरुआत: पहले बढ़ाई दोस्ती, फिर नंबर देकर बनाया दबाव
ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय पीड़िता ने अदालत में दिए अपने प्रार्थना पत्र में न्याय की गुहार लगाते हुए आपबीती बयां की है। पीड़िता के मुताबिक, कुछ समय पहले उसकी मुलाकात पांवधोई क्षेत्र की रहने वाली एक महिला से हुई थी। धीरे-धीरे महिला ने छात्रा से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दीं और उसे बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाने लगी।
जल्द ही महिला के इरादे साफ हो गए। उसने छात्रा पर अपने देवर उवेश से दोस्ती करने का मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। छात्रा ने जब इस अनैतिक दोस्ती से साफ इनकार कर दिया, तो महिला ने साजिश के तहत छात्रा की मर्जी के बिना उसका मोबाइल नंबर अपने देवर उवेश को थमा दिया।
“नंबर मिलने के बाद आरोपी उवेश लगातार छात्रा को फोन कर प्रताड़ित करने लगा। वह हर दिन छात्रा के स्कूल के बाहर पहुंच जाता और सरेराह उसका रास्ता रोककर दोस्ती का दबाव बनाता। जब पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी ने उसे और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की खौफनाक धमकी दे डाली।”
अपहरण और बेहोशी की हालत में दरिंदगी
खौफ का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। बीती 16 मार्च को जब पीड़िता अपनी बोर्ड परीक्षा देकर स्कूल से बाहर निकली, तो बाहर पहले से ही घात लगाए बैठे आरोपी उवेश ने उसे रास्ते में ही रोक लिया। आरोपी ने छात्रा को डराया-धमकाया और जबरन अपनी बाइक पर बैठाकर उसे अपनी भाभी के घर ले गया।
घर पहुंचते ही साजिश के तहत पीड़िता को पीने के लिए पानी दिया गया। पानी पीते ही छात्रा अचेत (बेहोश) हो गई। पीड़िता का आरोप है कि बेहोशी की हालत में आरोपी उवेश ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। जब छात्रा को होश आया, तो उसे अपने साथ हुई दरिंदगी का अहसास हुआ। इसी दौरान आरोपियों ने उसकी कई आपत्तिजनक फोटो और अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए थे।
कोरे कागजों पर हस्ताक्षर और रंगदारी की मांग
हैवानियत की हदें पार करने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को कानून और समाज के नाम पर डराना शुरू कर दिया। बदनामी और जान से मारने की धमकी देकर आरोपी उवेश छात्रा को रोशनाबाद इलाके में ले गया। वहां डरा-धमकाकर कुछ कोरे कागजों पर उसके जबरन हस्ताक्षर कराए गए और एक कथित वीडियो भी तैयार कराया गया।
इसके बाद आरोपी ने छात्रा पर जबरन निकाह (शादी) करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब छात्रा ने घुटने टेकने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने उसके अश्लील फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और इसके एवज में 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी।
पुलिस की चौखट से मायूसी, कोर्ट के आदेश पर जागा प्रशासन
इस पूरे मामले में व्यवस्था की संवेदनहीनता भी उजागर हुई है। पीड़िता का आरोप है कि उसने इस घटना की लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस से की थी और न्याय की गुहार लगाई थी। लेकिन रसूख और लापरवाही के चलते पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हार मानकर पीड़िता ने हार नहीं मानी और सीजेएम कोर्ट (CJM Court) का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और महिला सुरक्षा के संवेदनशील विषय को देखते हुए तुरंत ज्वालापुर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए।
जांच में जुटी पुलिस: कोतवाली प्रभारी का बयान
अदालत के कड़े रुख के बाद हरकत में आई ज्वालापुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
“मामले में माननीय कोर्ट के आदेश पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। महिला सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।” — चंद्रभान सिंह अधिकारी, ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि आज भी समाज में महिलाओं को निशाना बनाने के लिए किस तरह के घिनौने जाल बुने जा रहे हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और सभी आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई और बेटी इस तरह की हैवानियत का शिकार न हो।
