By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: अफगानिस्तान का पाकिस्तान के अंदर घुसकर बड़ा हमला, ISIS के ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > फीचर्ड > अफगानिस्तान का पाकिस्तान के अंदर घुसकर बड़ा हमला, ISIS के ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक
फीचर्डविदेश

अफगानिस्तान का पाकिस्तान के अंदर घुसकर बड़ा हमला, ISIS के ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक

The Hill India News
Last updated: July 1, 2026 1:30 am
The Hill India News
Published: July 1, 2026
Share
File Photo
SHARE

नई दिल्ली/काबुल/इस्लामाबाद: दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्कों—पाकिस्तान और अफगानिस्तान—के बीच लंबे समय से सुलग रहा सीमा विवाद और कूटनीतिक तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रणनीतिक रूप से संवेदनशील डूरंड रेखा के आर-पार जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र के भू-राजनीतिक (Geopolitical) समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। अफगानिस्तान ने आधिकारिक तौर पर यह दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तानी संप्रभुता की सीमाओं को लांघते हुए देश के भीतर मौजूद आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं।

Contents
पशीन जिले में तबाही: खुफिया इनपुट पर आधारित था ऑपरेशन36 बेगुनाह नागरिकों की मौत का प्रतिशोध: ‘खून का बदला खून’‘राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’: काबुल की खुली चेतावनीइस्लामाबाद की रहस्यमयी चुप्पी: क्या तूफान से पहले की शांति है?आरोपों और प्रत्यारोपों का पुराना दलदल

अफगान रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक और बेहद कड़े बयान के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के अशांत प्रांतों—बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा (KP)—में संचालित हो रहे चरमपंथी अड्डों को निशाना बनाकर की गई है। इस अप्रत्याशित सैन्य कदम ने न केवल दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है, बल्कि वैश्विक बिरादरी की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।

पशीन जिले में तबाही: खुफिया इनपुट पर आधारित था ऑपरेशन

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इस सैन्य ऑपरेशन की बारीकियों को साझा करते हुए बताया कि वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने बलूचिस्तान के पशीन जिले के अंतर्गत आने वाले सरानन इलाके को मुख्य रूप से निशाना बनाया। काबुल का दावा है कि इस विशेष क्षेत्र में आईएसआईएस के चरमपंथियों का एक बड़ा और सक्रिय कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर संचालित हो रहा था।

अफगान सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई किसी जल्दबाजी का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसे बेहद पुख्ता और सटीक खुफिया जानकारियों (Intelligence Inputs) के आधार पर अंजाम दिया गया था। बयान में स्पष्ट किया गया है कि हवाई बमबारी का एकमात्र उद्देश्य उन विशिष्ट ठिकानों को जमींदोज करना था, जहां से अफगान नागरिकों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ बड़े आत्मघाती हमलों और आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रची जा रही थी। हालांकि, एक अंतरराष्ट्रीय स्थापित नियम के तहत, इस तरह के सीमा पार हमलों की किसी भी स्वतंत्र वैश्विक एजेंसी या तीसरे पक्ष द्वारा तत्काल पुष्टि नहीं की जा सकी है।

36 बेगुनाह नागरिकों की मौत का प्रतिशोध: ‘खून का बदला खून’

इस हाई-प्रोफाइल सैन्य एक्शन की पृष्ठभूमि को समझें तो यह साफ हो जाता है कि यह सीधे तौर पर एक प्रतिशोधात्मक कार्रवाई यानी बदले की भावना से उठाया गया कदम है। दरअसल, इतिहास के पन्नों को कुछ दिन पीछे पलटें तो इसी साल 29 जून को पाकिस्तान की वायुसेना ने अफगान सीमा के भीतर कथित तौर पर एयरस्ट्राइक की थी। उस हमले में अफगानिस्तान के 36 आम नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जबकि 160 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

“जब 29 जून को हमारे निर्दोष नागरिकों का खून बहाया गया था, तभी काबुल ने साफ कर दिया था कि इस बर्बरता का माकूल जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान में अफगान एयरस्ट्राइक उसी वादे और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा का सीधा परिणाम है।” — अफगान रक्षा मामलों के विशेषज्ञ

काबूली प्रशासन ने उस समय वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान के इस कदम को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया था और चेतावनी दी थी कि वे इसका संप्रभु जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं। अब, महज कुछ ही दिनों के भीतर पाकिस्तान के भीतर घुसकर की गई इस बमबारी को अफगानिस्तान उसी 36 नागरिकों की मौत के प्रतिशोध के रूप में पेश कर रहा है।

‘राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’: काबुल की खुली चेतावनी

हवाई हमलों के बाद काबुल के तेवर बेहद आक्रामक नजर आ रहे हैं। अफगानिस्तान के कार्यवाहक प्रशासन और रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अफसरों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) के मामले में किसी भी स्तर पर झुकने या समझौता करने को तैयार नहीं है। अफगान अधिकारियों ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी पाकिस्तानी सरजमीं से अफगानिस्तान की सुरक्षा, शांति और स्थिरता को कोई खतरा पैदा करने की कोशिश की गई, या वहां से आतंकी साजिशें रची गईं, तो आगे भी इसी तरह की कठोर और दंडात्मक सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।

इस बयान से यह स्पष्ट है कि अफगानिस्तान अब रक्षात्मक मोड से बाहर निकलकर आक्रामक कूटनीति और ‘सक्रिय प्रतिरक्षा’ (Active Defense) की नीति पर चल पड़ा है, जो आने वाले दिनों में सीमावर्ती इलाकों में और अधिक रक्तपात का सबब बन सकती है।

इस्लामाबाद की रहस्यमयी चुप्पी: क्या तूफान से पहले की शांति है?

इस पूरे घटनाक्रम में जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली और रणनीतिक विश्लेषकों को परेशान कर रही है, वह है पाकिस्तान सरकार और उसकी शक्तिशाली सेना (GHQ, रावलपिंडी) की तरफ से आई रहस्यमयी चुप्पी। आम तौर पर अपनी सीमा पर एक मामूली परिंदे के पर मारने पर भी तीखी प्रतिक्रिया देने वाला इस्लामाबाद, इस इतनी बड़ी और संप्रभुता को चुनौती देने वाली एयरस्ट्राइक पर अब तक पूरी तरह मौन है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय या सैन्य प्रवक्ता (ISPR) की तरफ से इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक कोई आधिकारिक खंडन या पुष्टि बयान जारी नहीं किया गया है। कूटनीतिक गलियारों में इस खामोशी के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान जमीनी स्तर पर नुकसान का आकलन कर रहा है, जबकि कुछ का कहना है कि पाकिस्तान इस बात को स्वीकार करके अपनी जनता के सामने अपनी वायु सेना और हवाई सुरक्षा (Air Defense System) की नाकामी को उजागर नहीं करना चाहता। लेकिन यह चुप्पी किसी बड़े सैन्य जवाबी हमले की तैयारी भी हो सकती है।

आरोपों और प्रत्यारोपों का पुराना दलदल

यह कोई पहला मौका नहीं है जब दोनों देश एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े हैं। पिछले कई महीनों से दोनों पक्षों के बीच अविश्वास की खाई लगातार चौड़ी हुई है। पाकिस्तान लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह रोना रोता रहा है कि अफगान धरती का इस्तेमाल प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अन्य चरमपंथी उसके खिलाफ करते हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि काबुल इन आतंकियों को पनाह देता है।

इसके उलट, अफगानिस्तान इन दावों को सिरे से खारिज करता आया है। काबुल का उल्टा आरोप है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और कानून-व्यवस्था की कमजोरी का ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ना चाहता है। साथ ही, अफगानिस्तान ने कई बार पाकिस्तान पर उसकी सीमाई संप्रभुता का उल्लंघन करने, सीमा पर बाड़ लगाने (Fencing) और अफगान क्षेत्रों पर अवैध रूप से गोलाबारी करने का आरोप लगाया है।

ताजा घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच कूटनीति के सारे रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं और अब भाषाू संवाद की जगह बारूदी संवाद ने ले ली है। यदि पाकिस्तान इस हमले का सैन्य जवाब देता है, तो डूरंड रेखा के दोनों ओर एक ऐसा पूर्णकालिक क्षेत्रीय संघर्ष (Regional Conflict) छिड़ सकता है, जिसे संभालना अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के लिए भी नामुमकिन हो जाएगा।

इस समय पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देश संयम बरतेंगे, या फिर यह ‘आंख के बदले आंख’ की नीति पूरे दक्षिण एशिया को अस्थिरता के एक नए और गहरे कुएं में धकेल देगी।

You Might Also Like

गठबंधन से कांग्रेस का इनकार… सपा अध्यक्ष अखिलेश बोले- “कांग्रेस और भाजपा एक ही भाषा बोलती हैं”
Uttarakhand: बिना परमिट आदि कैलाश पहुंचे पर्यटक, वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में खलबली
नई दिल्ली: भारत सरकार के प्रमुख मानव संसाधन केन्द्र के रूप में डीओपीटी तेजी से उभर रहा है-केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
दिल्ली के सभी जिलों के जिलाधिकारी गांवों में गुजारेंगे एक रात, ग्रामीणों से करेंगे चर्चा
उत्तराखंड: पाखरो टाइगर सफारी प्रोजेक्ट फिर चर्चा में, विवादों के बाद नई तैयारी, रोजगार और पर्यटन पर सरकार की नजर
TAGGED:Afghanistan Pakistan airstrikeISIS camps BalochistanKhyber Pakhtunkhwa air attackPak Afghan Border TensionSouth Asia geopolitical conflict.
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डमौसम

Weather Update: दिल्ली-NCR में मानसून की धमाकेदार एंट्री, यूपी-बिहार से लेकर राजस्थान तक अगले 6 दिन झमाझम बारिश का रेड अलर्ट

The Hill India News
The Hill India News
July 1, 2026
उत्तराखंड शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा को मिले नए निदेशक, रामनगर बोर्ड के सचिव भी बदले
अफगानिस्तान का पाकिस्तान के अंदर घुसकर बड़ा हमला, ISIS के ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक
उत्तराखण्ड के लिए ऐतिहासिक दिन: धामी-गडकरी बैठक में ₹7,000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मिली महा-स्वीकृति, सीमांत क्षेत्रों और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त: 1 जुलाई से लागू हुआ ‘अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’, मानकों पर खरे उतरने वाले मदरसों को ही मिलेगी मान्यता
अंकिता भंडारी हत्याकांड: दोषियों को हाईकोर्ट से तगड़ा झटका, जमानत याचिका पर राहत देने से साफ़ इनकार
निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नैनीताल जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार; डीएम का सख्त आदेश- अतिरिक्त शुल्क लौटाएं या एडजस्ट करें, उल्लंघन पर 5 लाख तक जुर्माना
अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च व पुनीत कार्य, जनभागीदारी से इसे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाना आवश्यक: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?