देहरादून। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से देवभूमि महासभा ने इस वर्ष बरसात के मौसम में वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। महासभा द्वारा दुल्हनिया नदी के दोनों किनारों पर छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। इस अभियान की विशेषता यह होगी कि केवल पौधे लगाए ही नहीं जाएंगे, बल्कि उनकी नियमित देखरेख और संरक्षण की भी जिम्मेदारी महासभा के कार्यकर्ता निभाएंगे।
देवभूमि महासभा के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए महासभा के अध्यक्ष प्रमोद कपरूवाण शास्त्री ने कहा कि विकास के नाम पर लगातार वृक्षों की कटाई हो रही है, जिसके कारण देहरादून सहित पूरे प्रदेश में तापमान में वृद्धि और पर्यावरणीय असंतुलन देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जहां देहरादून अपनी हरियाली और सुहावने मौसम के लिए जाना जाता था, वहीं आज तेजी से घटते वन क्षेत्र और बढ़ते शहरीकरण के कारण गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।
शास्त्री ने कहा कि सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष पर्यावरण दिवस और अन्य अवसरों पर लाखों पौधे लगाए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि अधिकांश पौधों की उचित देखरेख नहीं हो पाती। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में पौधे कुछ ही समय बाद नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सफल माना जा सकता है जब लगाए गए पौधे बड़े होकर वृक्ष का रूप धारण करें और पर्यावरण को वास्तविक लाभ पहुंचाएं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी वर्षा ऋतु में दुल्हनिया नदी के दोनों ओर आम, पीपल, बरगद और जामुन जैसे छायादार एवं फलदार वृक्षों का व्यापक स्तर पर रोपण किया जाएगा। महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता समय-समय पर पौधों की निगरानी करेंगे तथा उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करेंगे। संगठन का उद्देश्य केवल वृक्ष लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।
महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सेमवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी नैतिक कर्तव्य है। वहीं महासभा के महामंत्री एडवोकेट सुनील नौटियाल ने लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। संगठन महामंत्री आचार्य नरेशानंद नौटियाल ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं और इनके बिना स्वस्थ पर्यावरण की कल्पना नहीं की जा सकती।
बैठक में पूर्व प्रधान मूलचंद शीर्षवाल, अनुराग कुकरेती, सीमा रावत, शांति भंडारी, रेखा आनंद, गीता राणा, राजेंद्र कुमार, महेश लाल सहित अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
देवभूमि महासभा की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि समाज में वृक्षों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने का भी प्रभावी माध्यम बनेगी। महासभा को उम्मीद है कि यह अभियान क्षेत्र को हराभरा बनाने के साथ-साथ लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रेरित करेगा।
