कोलकाता/नई दिल्ली: देश और दुनिया में आज योग की गूंज है। रविवार की अलसुबह कोलकाता का ऐतिहासिक रेड रोड एक अभूतपूर्व दृश्य का गवाह बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों नागरिकों और योग साधकों के साथ सुरम्य माहौल में योगासन किए। अवसर था 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का, जिसमें भारत ने एक बार फिर स्वास्थ्य, कल्याण और वैश्विक शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। एक तरफ भारतीय सेना के पूर्वी कमान का प्रतिष्ठित मुख्यालय (फोर्ट विलियम) और दूसरी तरफ फैला विशाल मैदान (ब्रिगेड परेड ग्राउंड), इस भव्य पृष्ठभूमि के बीच कॉमन योग प्रोटोकॉल सत्र का आयोजन किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल इस मुख्य राष्ट्रीय आयोजन की अगुवाई की, बल्कि कोलकाता की इस ऐतिहासिक धरती से पूरी दुनिया को योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश भी दिया।
‘हेल्दी एजिंग के लिए योग’: वक्त की मांग पर आधारित थीम
इस वर्ष का 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक विशेष और बेहद प्रासंगिक थीम के साथ मनाया जा रहा है—“हेल्दी एजिंग के लिए योग” (Yoga for Healthy Aging)। आज जब दुनिया भर में जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) बढ़ रही है, तब यह थीम वरिष्ठ नागरिकों और बढ़ती उम्र के लोगों के शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सेहत, भावनात्मक लचीलेपन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने में योग की महत्ता को रेखांकित करती है।
सत्र के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न कठिन और सरल आसनों का अभ्यास किया, जो यह संदेश देता है कि योग हर आयु वर्ग के लिए सुलभ और आवश्यक है। कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग के लोगों, स्कूली बच्चों, सैन्य अधिकारियों और गणमान्य हस्तियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
वैश्विक मंच पर योग: 210 से अधिक भारतीय मिशनों की भागीदारी
वर्ष 2015 में शुरू हुआ यह सफर आज अपने 12वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने दिसंबर 2014 में भारत के उस ऐतिहासिक प्रस्ताव को स्वीकार किया था, जिसमें 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने की मांग की गई थी। तब से लेकर आज तक, प्रधानमंत्री मोदी ने देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से इस उत्सव का नेतृत्व किया है। इसमें नई दिल्ली का राजपथ, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूर, न्यूयॉर्क (संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय), श्रीनगर और विशाखापत्तनम जैसे स्थान शामिल रहे हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस वर्ष वैश्विक स्तर पर लगभग 2,500 से अधिक चिन्हित स्थानों पर योग दिवस समारोहों की रूपरेखा तैयार की गई है। दुनिया भर में फैले 210 से अधिक भारतीय दूतावास, उच्चायोग और मिशन इन आयोजनों को संचालित कर रहे हैं। यह व्यापक भागीदारी इस बात की पुष्टि करती है कि योग अब किसी एक देश या संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि सामूहिक भलाई के लिए एक सशक्त वैश्विक आंदोलन बन चुका है।
“योग दुनिया का सबसे बड़ा कम्युनिटी सेलिब्रेशन” – प्रधानमंत्री मोदी
कोलकाता के रेड रोड पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग की वैश्विक स्वीकार्यता पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योग आज दुनिया का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव (Community Celebration) बन गया है, जो भौगोलिक सीमाओं को लांघकर अलग-अलग संस्कृतियों और विचारधाराओं के लोगों को एक सूत्र में पिरोता है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा:
“21 जून, जो खगोलीय रूप से धरती का सबसे लंबा दिन होता है, अब योग की शक्ति के कारण दुनिया का सबसे बड़ा कम्युनिटी सेलिब्रेशन दिवस बन चुका है। योग लोगों को तोड़ता नहीं, बल्कि जोड़ता है। यह दूरियों को मिटाता है और दिलों को मिलाता है। मैं इस पावन अवसर पर भारत सहित पूरे विश्व के नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूं।”
प्रधानमंत्री ने इस दौरान कोलकाता के नागरिकों की विशेष सराहना की। उन्होंने शहर में चलाई जा रही ‘स्वच्छता से स्वागत’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि जहां स्वच्छता और स्वास्थ्य का ऐसा सुंदर मिलन होता है, वहीं सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
उम्र सिर्फ एक संख्या: 50 की उम्र में 30 जैसी ऊर्जा का लक्ष्य
इस वर्ष की थीम ‘हेल्दी एजिंग’ पर विस्तार से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि बढ़ती उम्र का मतलब जीवन की सक्रियता का कम होना नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्राचीन भारतीय पद्धति शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय उम्र बढ़ने (Active Aging) में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाती है।
“योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम या कुछ आसनों का समूह नहीं है। यह किसी खास आयु वर्ग या बंधन में बंधा हुआ नहीं है। योग तो वास्तव में इंसानी जज्बे और उसकी चेतना का प्रकटीकरण है। जब हम हेल्दी एजिंग की बात करते हैं, तो हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि बढ़ती उम्र हमारे भीतर की मानवीय क्षमताओं (Human Potential) को कम न कर पाए।” – पीएम नरेंद्र मोदी
प्रधान मंत्री ने युवाओं और बुजुर्गों दोनों के सामने एक प्रेरक शारीरिक लक्ष्य रखते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हम 40 की उम्र में 20 की उम्र के मुकाबले अधिक लचीले (Flexible) रहें। हमारा टारगेट होना चाहिए कि जब हम 50 वर्ष के हों, तो हमारे भीतर 30 साल के युवा से भी अधिक ऊर्जा (Energetic) हो। यह रूपांतरण केवल नियमित योग साधना से ही संभव है।”
जीवनशैली का हिस्सा बने योग: केवल एक दिन का उत्सव नहीं
अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक दिन की औपचारिकता या किसी खास तारीख तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे केवल एक वार्षिक उत्सव के रूप में देखने के बजाय, प्रत्येक नागरिक को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या और जीवनशैली (Lifestyle) का हिस्सा बनाना होगा।
राष्ट्रीय स्तर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि आधुनिक युग की तनावभरी जिंदगी, गतिहीन जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतों के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारियों से बचने के लिए योग एक अचूक ढाल है। कोलकाता का यह सफल आयोजन न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश के लिए स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती का एक नया सवेरा लेकर आया है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे हजारों की संख्या में आए आम लोगों को बिना किसी असुविधा के योग सत्र का लाभ उठाने का अवसर मिला।
