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व्हाइट हाउस में ट्रंप पर हमले की बड़ी साजिश नाकाम, ड्रोन और स्नाइपर से जन्मदिन समारोह को दहलाने की थी तैयारी, मां की सूचना से पकड़े गए 5 आरोपी

The Hill India News
Last updated: June 17, 2026 5:22 am
The Hill India News
Published: June 17, 2026
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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जन्मदिन समारोह के दौरान कथित तौर पर एक बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा हुआ है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) और न्याय विभाग के अनुसार, ट्रंप के जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में आयोजित यूएफसी (UFC) इवेंट को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। इस कथित साजिश के तहत विस्फोटकों से लैस ड्रोन के जरिए अफरा-तफरी मचाने और फिर स्नाइपर हमले के जरिए बड़े राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने की तैयारी की जा रही थी। अमेरिकी एजेंसियों ने दावा किया है कि समय रहते कार्रवाई कर इस योजना को पूरी तरह विफल कर दिया गया।

Contents
जन्मदिन समारोह को बनाया गया था निशानापांच आरोपी गिरफ्तारघर से मिले हथियार और हजारों गोलियांएफबीआई का दावा- बड़ी त्रासदी टलीउपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयानराजनीतिक बयानबाजी भी तेजजांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

जन्मदिन समारोह को बनाया गया था निशाना

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने जन्मदिन के अवसर पर व्हाइट हाउस में एक विशेष यूएफसी कार्यक्रम आयोजित किया था। इस आयोजन में बड़ी संख्या में मेहमान और दर्शक मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी, लेकिन जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी आयोजन को निशाना बनाकर एक खतरनाक हमले की योजना तैयार की जा रही थी।

एफबीआई के अनुसार, आरोपियों का मकसद पहले विस्फोटकों से लैस ड्रोन उड़ाकर कार्यक्रम स्थल के आसपास दहशत फैलाना था। ड्रोन विस्फोटों के बाद वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मचने की आशंका थी। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर स्नाइपर शूटर भीड़ में मौजूद चुनिंदा वीआईपी और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने वाले थे।

पांच आरोपी गिरफ्तार

अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ आरोप दर्ज किए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि ये सभी लोग एक संगठित योजना के तहत हमले की तैयारी कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 19 वर्षीय टायसन प्रॉपर भी शामिल है, जिसे 10 जून को ओहायो से हिरासत में लिया गया था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसकी गिरफ्तारी में उसकी मां की भूमिका महत्वपूर्ण रही। रिपोर्ट के मुताबिक, टायसन की मां ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका बेटा इंटरनेट पर एक चरमपंथी संगठन के संपर्क में है और उसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही हैं। मां की सूचना के बाद जांच एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।

घर से मिले हथियार और हजारों गोलियां

न्याय विभाग के अनुसार, टायसन प्रॉपर के घर की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और हजारों गोलियां बरामद की गईं। जांचकर्ताओं का कहना है कि उसने संभावित लक्ष्यों की एक सूची भी तैयार कर रखी थी। इस सूची में अमेरिकी कांग्रेस के कई सदस्यों और अन्य प्रभावशाली नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

एजेंसियों का मानना है कि आरोपी केवल धमकी देने की मंशा नहीं रखते थे, बल्कि उनके पास हमले को अंजाम देने की वास्तविक तैयारी भी मौजूद थी। यही कारण है कि मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा माना जा रहा है।

एफबीआई का दावा- बड़ी त्रासदी टली

एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि एजेंसी ने समय रहते कार्रवाई कर एक योजनाबद्ध हमले को रोक दिया। उन्होंने बताया कि जांच अभी भी जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के संबंध किन संगठनों या नेटवर्क से जुड़े हुए थे।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यदि यह योजना सफल हो जाती तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते थे। व्हाइट हाउस जैसे अत्यधिक सुरक्षित परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसक घटना न केवल अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती, बल्कि देश की राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी बड़ा असर डाल सकती थी।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी उस यूएफसी कार्यक्रम में मौजूद थे, जिसे कथित तौर पर निशाना बनाया जाना था। उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि उन्हें हाल ही में इस साजिश की जानकारी मिली है। वेंस ने इसे एक समन्वित और सुनियोजित आतंकवादी साजिश बताया।

जब उनसे पूछा गया कि एफबीआई ने इस मामले की जानकारी सार्वजनिक क्यों की, तो उन्होंने कहा कि संभवतः इसके पीछे हमले की व्यापक योजना और उससे जुड़े बड़े नेटवर्क की आशंका हो सकती है। हालांकि उन्होंने आरोपियों की विचारधारा या संगठनात्मक संबंधों के बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिका में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। जेडी वेंस ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन कट्टरपंथी वामपंथी समूहों की फंडिंग और उनके नेटवर्क की जांच कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप विरोधी बयानबाजी देश में हिंसा का माहौल पैदा कर रही है।

वहीं दूसरी ओर, ट्रंप के आलोचकों का कहना है कि अमेरिका में बढ़ते राजनीतिक तनाव के लिए केवल विपक्ष को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उनका तर्क है कि राजनीतिक ध्रुवीकरण और तीखी बयानबाजी दोनों पक्षों से देखने को मिल रही है, जिसने देश में तनावपूर्ण माहौल को बढ़ावा दिया है।

जांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियां उनके संपर्कों, वित्तीय स्रोतों और ऑनलाइन गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस कथित साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि आधुनिक दौर में ड्रोन तकनीक और ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क किस तरह सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। हालांकि अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई।

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