नई दिल्ली (डिजिटल डेस्क)। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान उत्तर भारत के लोगों के लिए मौसम विभाग की ओर से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे पूरे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में देर रात हुई हल्की से मध्यम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। सुबह की शुरुआत ठंडी हवाओं और सुहाने मौसम के साथ हुई, जिसने पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी निजात दिलाई है।
लेकिन, राहत की यह कहानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होने वाली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर भारत में बरसात का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी की है कि अगले 5 दिनों तक पूरे उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, तूफान, आसमानी बिजली और तेज बारिश का यह सिलसिला लगातार जारी रहने वाला है। इसके तहत उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में भी मौसम विभाग ने अलर्ट घोषित कर दिया है।
दिल्ली-NCR और मैदानी राज्यों में अगले 5 दिन ‘ऑरेंज अलर्ट’
देश की राजधानी और उसके आसपास के इलाकों के लिए मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 से 17 जून तक आंधी-तूफान के साथ बारिश होने के प्रबल आसार हैं। इस दौरान हवाओं की रफ्तार काफी तेज रह सकती है, जो बढ़ते तापमान पर लगाम लगाकर रखेगी।
केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ छिटपुट और कुछ स्थानों पर मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
उत्तर प्रदेश की बात करें तो मौसम विभाग ने राज्य को दो हिस्सों में बांटकर अलर्ट जारी किया है। पूर्वांचल (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में आज यानी 13 जून को आंधी-तूफान और बिजली गिरने की प्रबल आशंका जताई गई है। वहीं, वेस्ट यूपी (पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में 14 से 17 जून के बीच मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) का अनुमान है।
उधर, रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में भी प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने आज (13 जून) पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही पूरे राज्य में भीषण धूल भरी आंधी (Dust Storm) चलने की चेतावनी जारी की गई है, जिससे दृश्यता (Visibility) प्रभावित हो सकती है और यातायात पर असर पड़ सकता है।
पहाड़ों पर भी आफत: उत्तराखंड और हिमाचल में भारी विंड अलर्ट
मैदानी इलाकों में जहां बारिश राहत बनकर आई है, वहीं पहाड़ी राज्यों में यह थोड़ी मुश्किलें बढ़ा सकती है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे और मध्य पहाड़ी इलाकों में 13 जून को अच्छी बारिश होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में 13 से 17 जून तक छिटपुट बारिश का दौर चलेगा, जबकि 14 से 16 जून के बीच मैदानी इलाकों की तरह यहाँ भी तेज हवाओं के झोंके चलेंगे। दूसरी ओर, उत्तराखंड में 13 से 15 जून तक आंधी, तूफान, बिजली गिरने और बारिश का कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। इस दौरान 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है, जिससे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने और मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत का हाल: एमपी, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बरसेगा पानी
मध्य भारत में भी प्री-मॉनसून और स्थानीय वेदर सिस्टम के कारण मौसम पूरी तरह बदल चुका है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 से 17 जून तक बारिश का दौर लगातार जारी है। वहीं, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 से 17 जून के बीच मानसूनी हलचल तेज होगी। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 13 से 15 जून के दौरान तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।
छत्तीसगढ़ में भी मौसम विभाग ने 13 से 15 जून तक आंधी, तूफान और बिजली गिरने की यलो और ऑरेंज चेतावनी जारी की है। विदर्भ में भी 14 और 15 जून को तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
तेजी से बढ़ रहा मॉनसून: 16 राज्यों को किया पार, इस दिन होगी यूपी में एंट्री
इस बीच देश के लिए सबसे बड़ी और अच्छी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मॉनसून अब तक देश के 16 राज्यों को पार कर चुका है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा में लगातार भारी बारिश दर्ज की जा रही है।
पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार में मॉनसून की पहली बारिश दस्तक दे चुकी है, जिससे वहां के लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। अब यह धीरे-धीरे झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश की तरफ रुख कर चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 20 से 22 जून के बीच मॉनसून उत्तर प्रदेश में आधिकारिक प्रवेश कर सकता है, जिसके बाद पूरे सूबे में व्यापक बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।
अलनीनो का साया: हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने एक चिंताजनक पहलू की तरफ भी इशारा किया है। मॉनसून की इस कछुआ और खरगोश जैसी चाल के बीच प्रशांत महासागर में अलनीनो (El Nino) भी सक्रिय हो गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अलनीनो के सक्रिय होने के बावजूद शुरुआती मॉनसून अच्छा रहेगा, लेकिन आने वाले महीनों में इसके प्रभाव पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
राहत के बीच सावधानी भी जरूरी
इसमें कोई दो राय नहीं है कि इस बारिश ने महीनों से भीषण गर्मी झेल रहे आम जनमानस, नौकरीपेशा लोगों और स्कूली बच्चों को एक बड़ी मानसिक और शारीरिक राहत दी है। सुबह के समय पार्कों में टहलने वाले लोगों के चेहरों पर ठंडी हवाओं का सुकून साफ देखा जा सकता है। लेकिन, इसके साथ ही मौसम विभाग की आंधी और बिजली गिरने की चेतावनियों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। दिल्ली एनसीआर में बारिश का अलर्ट 2026 के इस दौर में आंधी के समय कमजोर ढांचों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की जरूरत है, ताकि राहत का यह मौसम किसी के लिए आफत न बन जाए।
