हरिद्वार: उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार के नगर कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां के सप्तऋषि क्षेत्र में एक 34 वर्षीय महिला ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ गटक लिया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि महिला स्थानीय स्तर पर चलाई जाने वाली ‘कमेटी’ (चिट फंड जैसी निजी वित्तीय व्यवस्था) के पैसे वापस न मिलने और वित्तीय धोखाधड़ी के कारण गहरे मानसिक तनाव में थी। दो दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद आखिरकार शनिवार शाम को महिला ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और सनसनी का माहौल है। वहीं, घटना से जुड़े कुछ बेहद चौंकाने वाले ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्होंने पुलिस प्रशासन की जांच की दिशा बदल दी है।
अस्पताल में दो दिन तक चला संघर्ष, शनिवार को थमी सांसें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सप्तऋषि क्षेत्र की रहने वाली 34 वर्षीय महिला की दो दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। घर पर महिला अचेत अवस्था में मिली और उसके पास ही विषाक्त पदार्थ (जहरीली दवा) की एक बोतल भी बरामद हुई। परिजनों को जैसे ही मामले की भनक लगी, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में परिजन महिला को नजदीकी निजी अस्पताल ले गए, जहां उसे आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकों के मुताबिक, शुरुआती इलाज के बाद एक समय महिला की हालत में थोड़ा सुधार होता हुआ दिख रहा था और ऐसा लग रहा था कि उसकी जान बच जाएगी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; शनिवार दोपहर बाद अचानक महिला की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। शरीर में जहर फैलने के कारण अंदरूनी अंगों ने काम करना बंद कर दिया और शनिवार शाम के वक्त उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में परिजनों के बीच कोहराम मच गया। नगर कोतवाली पुलिस ने सूचना मिलते ही शव को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
सैलून संचालक पर 25 लाख रुपये और सोना हड़पने का गंभीर आरोप
इस पूरे आत्मघाती कदम के पीछे एक बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी की कहानी सामने आ रही है। स्थानीय सूत्रों और परिजनों के दावों के अनुसार, मृतका ने क्षेत्र में ही सक्रिय एक सैलून संचालक के पास लाखों रुपये की ‘कमेटी’ डाली हुई थी। जब कमेटी की अवधि पूरी हुई और महिला ने अपने गाढ़े पसीने की कमाई वापस मांगी, तो आरोपी सैलून संचालक अपनी बात से मुकर गया और पैसे देने में आनाकानी करने लगा।
महिला की मौत के ठीक बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसे मृतका का ‘डाइंग डिक्लेरेशन’ या अंतिम बयान माना जा रहा है। इस वायरल ऑडियो में महिला रोते और सिसकते हुए अपनी आपबीती सुना रही है। ऑडियो में वह स्पष्ट रूप से एक स्थानीय सैलून संचालक का नाम ले रही है और आरोप लगा रही है कि:
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आरोपी के पास उसकी जिंदगी भर की जमा पूंजी, जिसमें भारी मात्रा में गोल्ड (सोना) और लगभग 25 लाख रुपये की नकद राशि शामिल है, जमा थी।
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जब उसने अपनी पारिवारिक जरूरतों के लिए यह रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने उसे साफ मना कर दिया और धोखाधड़ी पर उतारू हो गया।
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बार-बार चक्कर काटने और मिन्नतें करने के बाद भी जब उसे न्याय नहीं मिला, तो वह आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई।
मारपीट का वीडियो भी आया सामने, कमरे में कैद खौफनाक मंजर
इस मामले में मोड़ तब आया जब ऑडियो के साथ-साथ एक वीडियो भी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने लगा। वायरल वीडियो किसी बंद कमरे का प्रतीत हो रहा है, जिसमें मृतका के साथ कुछ लोग अभद्रता और मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ अन्य महिलाएं भी मौजूद हैं जो मूकदर्शक बनी हुई हैं या फिर विवाद में शामिल हैं।
दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो आत्महत्या के प्रयास से कुछ समय पहले का है, जब महिला अपने पैसे मांगने आरोपी के ठिकाने पर गई थी। वहां उसके साथ न केवल गाली-गलौज की गई, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की गई। इस शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना ने महिला को इस कदर झकझोर दिया कि उसने घर आकर खौफनाक कदम उठाने का फैसला कर लिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आरोपी के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
पुलिस का पक्ष: ‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई’
इस संवेदनशील मामले को लेकर नगर कोतवाली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर सबूतों के रूप में तैर रहे ऑडियो और वीडियो को पुलिस ने अपनी जांच का हिस्सा बना लिया है।
नगर कोतवाली प्रभारी (SHO) कुंदन सिंह राणा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि:
“महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्राथमिक तौर पर मामला विषाक्त पदार्थ के सेवन से आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के सटीक कारणों और जहर के प्रकार की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।”
एसएचओ कुंदन सिंह राणा ने आगे कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो और वीडियो क्लिप की तकनीकी जांच (फॉरेंसिक जांच) कराई जा रही है ताकि उनकी सत्यता प्रमाणित हो सके। मृतका के परिजनों की तहरीर और इन वायरल साक्ष्यों के आधार पर सैलून संचालक और घटना में शामिल अन्य संदिग्धों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस हर कानूनी और आपराधिक पहलू की बारीकी से तफ्तीश कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
बढ़ते जा रहे हैं अवैध ‘कमेटी’ के अवैध कारोबार के शिकार
यह घटना एक बार फिर छोटे शहरों और मोहल्लों में बिना किसी कानूनी मान्यता के धड़ल्ले से चल रहे ‘कमेटी’ और ‘चिट फंड’ के काले कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अक्सर लोग अधिक ब्याज या आसान बचत के लालच में आकर अपनी गाढ़ी कमाई इन अनधिकृत कमेटियों में लगा देते हैं, जिसका संचालन कुछ रसूखदार या चालाक लोग करते हैं। जब भुगतान का समय आता है, तो संचालक अक्सर पैसे लेकर फरार हो जाते हैं या फिर खाताधारकों को डराने-धमकाने लगते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन का हमेशा से यह कहना रहा है कि आम जनता को ऐसे किसी भी गैर-पंजीकृत वित्तीय लेन-देन से बचना चाहिए। बहरहाल, हरिद्वार की इस अभागी महिला को तो वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन स्थानीय जनता अब पुलिस से यह मांग कर रही है कि इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि भविष्य में कोई और वित्तीय धोखाधड़ी के कारण मौत को गले लगाने पर मजबूर न हो।



