
उत्तराखंड की राजनीति में लोकायुक्त का मुद्दा एक बार फिर गर्माता नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो सबसे पहले लोकायुक्त की नियुक्ति की जाएगी और पूर्व में हुए भ्रष्टाचारों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में फैली राजनीतिक और प्रशासनिक बीमारियों का इलाज केवल सत्ता परिवर्तन है।
देहरादून में मीडिया से बातचीत के दौरान गणेश गोदियाल ने पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में देश का सबसे सख्त और ऐतिहासिक लोकायुक्त कानून लागू किया था। गोदियाल ने कहा कि खंडूड़ी हमेशा से ही पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख रखने वाले नेता रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद की सरकारों ने इस कानून को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया और लोकायुक्त व्यवस्था को कमजोर कर दिया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब हरीश रावत राज्य के मुख्यमंत्री थे, तब भी लोकायुक्त की स्थापना को लेकर गंभीर प्रयास किए गए थे। उन्होंने बताया कि उस समय सरकार की ओर से राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन वह प्रस्ताव आज तक लंबित पड़ा हुआ है। गोदियाल ने कहा कि वर्षों बीत जाने के बावजूद उस फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और वह आज भी राजभवन में धूल खा रही है।
गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस सरकार के मंत्री और तंत्र पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हों, वह भला लोकायुक्त जैसी संस्था को मजबूत क्यों करना चाहेगी। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त का मुख्य उद्देश्य सत्ता और प्रशासन में फैले भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगाना होता है, लेकिन वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार रोकने के बजाय उसे संरक्षण देने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में मजबूत लोकायुक्त व्यवस्था होती तो कई मामलों में जवाबदेही तय हो सकती थी और भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई होती। गोदियाल ने आरोप लगाया कि जानबूझकर लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की जा रही, ताकि सत्ता में बैठे लोगों पर कोई निगरानी न रहे। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और लोग समझ चुके हैं कि केवल सत्ता परिवर्तन से ही व्यवस्था में सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि राज्य में राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर कई प्रकार की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इन समस्याओं की सबसे बड़ी वजह भ्रष्टाचार और जवाबदेही की कमी है।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्राथमिकता के आधार पर लोकायुक्त की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही पुराने मामलों की भी जांच कराई जाएगी ताकि जिन लोगों ने जनता के पैसे का दुरुपयोग किया है, उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का पहला कर्तव्य होगा कि जनता के साथ हुए अन्याय और भ्रष्टाचार को उजागर किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पारदर्शी शासन व्यवस्था में विश्वास करती है और जनता को जवाबदेह सरकार देना चाहती है। लोकायुक्त जैसी संस्था लोकतंत्र को मजबूत करने का काम करती है और इससे प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ती है। गोदियाल ने कहा कि प्रदेश की जनता अब ऐसी सरकार चाहती है जो ईमानदारी से काम करे और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
उत्तराखंड की राजनीति में लोकायुक्त का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा इसे फिर से प्रमुखता से उठाना आने वाले समय में राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और जनता इस बहस को किस नजरिए से देखती है।



