
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बदरीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून लौट रहा एक हेलीकॉप्टर टिहरी गढ़वाल जिले में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन में उलझ गया। हेलीकॉप्टर अचानक हवा में असंतुलित होने लगा और उसमें सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हालांकि महिला पायलट अनुपमा चौधरी ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराकर सभी यात्रियों की जान बचा ली।
यह घटना टिहरी गढ़वाल जिले के सकलाना क्षेत्र के सत्यों-नौगांव इलाके में हुई। जानकारी के अनुसार ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से छह यात्रियों को लेकर देहरादून लौट रहा था। हेलीकॉप्टर को पहले निर्धारित रूट के अनुसार गुप्तकाशी होकर जाना था, लेकिन बीच उड़ान में उसे सीधे देहरादून जाने का निर्देश मिला। इसी कारण हेलीकॉप्टर ने नया मार्ग अपनाया और चंबा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने लगा।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब साढ़े नौ बजे उड़ान के दौरान अचानक हेलीकॉप्टर का पिछला रोटर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के तार में उलझ गया। तार फंसते ही हेलीकॉप्टर बुरी तरह हिचकोले खाने लगा और नीचे की ओर झुकने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ पल के लिए ऐसा लगा कि हेलीकॉप्टर सीधे जमीन पर गिर जाएगा और बड़ा हादसा हो जाएगा।
हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों के अनुसार उस समय बेहद भयावह स्थिति पैदा हो गई थी। लोग घबरा गए थे और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा। लेकिन पायलट अनुपमा चौधरी ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने बेहद सावधानी से हेलीकॉप्टर को नियंत्रित किया और बिजली के तार में फंसे होने के बावजूद उसे नीचे खेतों की ओर मोड़ दिया। आखिरकार उन्होंने सत्यो-सकलाना क्षेत्र के खेतों में सफलतापूर्वक इमरजेंसी लैंडिंग करा दी।
इस हादसे में हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन सबसे राहत की बात यह रही कि पायलट समेत सभी छह यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए। हेलीकॉप्टर में पायलट अनुपमा चौधरी के अलावा पुत्र राज सूरी, श्रीराज सूरी, भूमि सूरी, पार्थ सूरी, हिमांशी पटेल और निष्का सवार थे।
घटना की जानकारी मिलते ही चंबा-सत्यो पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में सभी यात्रियों को सड़क मार्ग से देहरादून भेज दिया गया।
धनोल्टी तहसीलदार मोहम्मद शादाब ने बताया कि पायलट की समझदारी और त्वरित निर्णय के कारण बड़ा हादसा टल गया। यदि समय रहते हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग नहीं कराई जाती तो गंभीर जानमाल का नुकसान हो सकता था। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है कि आखिर रूट परिवर्तन के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया और हेलीकॉप्टर हाईटेंशन लाइन के इतने करीब कैसे पहुंच गया।
चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं का इस्तेमाल बड़ी संख्या में श्रद्धालु करते हैं। ऐसे में इस घटना ने हवाई सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि यात्रियों और स्थानीय लोगों ने महिला पायलट अनुपमा चौधरी की बहादुरी और सूझबूझ की जमकर सराहना की है। उनकी सतर्कता के कारण एक बड़ा हवाई हादसा टल गया और छह परिवारों की खुशियां सुरक्षित बच गईं।



