हल्द्वानी: देवभूमि उत्तराखंड के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में नशे के बढ़ते जाल के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। काठगोदाम पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने एक शातिर नशे के सौदागर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़ा गया आरोपी समाज की नजरों में एक साधारण ‘माली’ बनकर रहता था, लेकिन उसकी असलियत करोड़ों के नशे के खेल से जुड़ी थी।
दमुवादूंगा क्षेत्र में घेराबंदी, बिछाया गया था जाल
नैनीताल जनपद में ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत एसएसपी के निर्देश पर पुलिस लगातार संदिग्ध इलाकों पर पैनी नजर रख रही है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक (नगर) हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल को गुप्त सूचना मिली थी कि काठगोदाम थाना क्षेत्र के अंतर्गत दमुवादूंगा इलाके में नशे की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए काठगोदाम पुलिस और एसओजी की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने दमुवादूंगा क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान जगन्नाथ कॉलोनी स्थित ‘विजन फ्यूचर कोचिंग’ के पास वाली गली में एक व्यक्ति पुलिस को देखकर सकपका गया और भागने की कोशिश करने लगा। सतर्क टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
दो किलो से अधिक चरस बरामद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कीमत
तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से दो किलो चौदह ग्राम (2.014 kg) अवैध चरस बरामद हुई। पकड़ी गई चरस की शुद्धता और मात्रा को देखते हुए बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने तत्काल बरामद माल को सील कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पकड़े गए आरोपी की शिनाख्त इन्द्रजीत सिंह (निवासी: हरिपुर कर्नल वार्ड, काठगोदाम) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ काठगोदाम थाने में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
माली का भेष और नशे का ‘बिजनेस मॉडल’
पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वे प्रशासनिक अमले को भी चौंकाने वाले हैं। आरोपी इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि वह इलाके के बड़े बंगलों और आम के बगीचों में माली (Gardener) के रूप में काम करता था। यह काम उसने केवल पुलिस और स्थानीय लोगों की नजरों से बचने के लिए एक ‘कवर’ के तौर पर चुना था।
आरोपी पहाड़ी जनपदों (मुख्यतः अल्मोड़ा और बागेश्वर के सीमावर्ती इलाके) से सस्ते दामों पर चरस की खेप मंगवाता था और उसे मैदानी इलाकों, विशेषकर हल्द्वानी और आसपास के शिक्षण संस्थानों के पास ऊंचे दामों पर बेचता था। हल्द्वानी चरस तस्करी का खुलासा करते हुए एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी का नेटवर्क काफी फैला हुआ था और वह छोटे-छोटे पैकेट बनाकर युवाओं को टारगेट करता था।
पुराना अपराधी: 2010 में भी गया था जेल
इन्द्रजीत सिंह कोई नौसिखिया अपराधी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि वह एक ‘हिस्ट्रीशीटर’ की तरह नशे के धंधे में पुराना खिलाड़ी है। वर्ष 2010 में भी उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी और वह जेल की हवा खा चुका है। लंबे समय तक शांत रहने के बाद उसने दोबारा इस काले कारोबार में पैर पसारे, लेकिन इस बार पुलिस की मुस्तैदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
बैकएंड सप्लायर की तलाश में पुलिस की दबिश
पूछताछ के दौरान इन्द्रजीत ने स्वीकार किया कि यह चरस उसे उसके एक ‘खास परिचित’ ने बिक्री के लिए मुहैया कराई थी। पुलिस अब उस मुख्य सप्लायर की तलाश में जुट गई है जो पहाड़ों से चरस की सप्लाई हल्द्वानी तक पहुंचा रहा है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल ने स्पष्ट किया कि इस तस्करी की चैन में शामिल हर छोटे-बड़े व्यक्ति को बेनकाब किया जाएगा।
एसपी सिटी का बयान: “नशे के खिलाफ हमारी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आरोपी इन्द्रजीत सिंह एक शातिर अपराधी है जिसने माली के भेष में समाज को गुमराह किया। हम इसके वित्तीय लेनदेन और अन्य साथियों की कुंडली भी खंगाल रहे हैं। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।”
नशे के खिलाफ जन-भागीदारी की आवश्यकता
हल्द्वानी चरस तस्करी का खुलासा होने के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। हालांकि, जगन्नाथ कॉलोनी जैसे रिहायशी और कोचिंग संस्थानों वाले इलाकों में नशे के सौदागरों की सक्रियता ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। काठगोदाम पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि या नशे का कारोबार होता दिखे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल, आरोपी इन्द्रजीत सिंह को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन ग्राहकों और छोटे तस्करों की लिस्ट तैयार कर रही है जो आरोपी के संपर्क में थे।


