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TCS धर्मांतरण केस में मुख्य आरोपी निदा खान गिरफ्तार, पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज

महाराष्ट्र के चर्चित TCS धर्मांतरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही निदा खान को आखिरकार नासिक क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। पिछले करीब एक महीने से फरार चल रही निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया जाना है, जहां पुलिस आगे की रिमांड मांग सकती है। इस गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि मामले से जुड़े कई गहरे राज सामने आ सकते हैं।

पुलिस के अनुसार, निदा खान लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थी ताकि वह गिरफ्तारी से बच सके। जांच में सामने आया है कि वह नासिक, ठाणे, भिवंडी, मुंब्रा और छत्रपति संभाजीनगर जैसे कई शहरों में अलग-अलग ठिकानों पर छिपी रही। आखिरकार तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से पुलिस उसके करीब पहुंची और उसे धर दबोचा गया।

बताया जा रहा है कि निदा खान नारेगांव स्थित कौसर कॉलोनी में अपने एक रिश्तेदार के किराए के फ्लैट में छिपी हुई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पिछले कुछ दिनों से अपने परिवार के सदस्यों के साथ वहीं रह रही थी। पुलिस को शक था कि वह हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, उसकी अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी थी।

इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। नासिक पुलिस की एक विशेष टीम पिछले चार दिनों से उस इलाके में सादे कपड़ों में निगरानी कर रही थी। टीम में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। पुलिस ने किसी भी तरह की खाकी वर्दी या आधिकारिक वाहन का इस्तेमाल नहीं किया ताकि आरोपी को भनक न लगे और वह दोबारा फरार न हो सके। देर रात कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और ट्रांजिट रिमांड हासिल कर नासिक ले जाने की प्रक्रिया शुरू की।

इस मामले में पहले ही दानिश शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और अख्तर जैसे आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का मानना है कि निदा खान की गिरफ्तारी इस पूरे नेटवर्क की परतें खोल सकती है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित धर्मांतरण रैकेट के पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और क्या इसके तार किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़े हैं।

मामले की पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे योजनाबद्ध तरीके से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव में लिया गया। आरोप है कि उसे इस्लाम धर्म से जुड़ी किताबें पढ़ने के लिए दी गईं, जिनमें “मुहम्मद पैगंबर का पवित्र जीवन” नामक पुस्तक भी शामिल थी। इसके अलावा उसे बुरखा और हिजाब पहनने के लिए प्रेरित किया गया और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाया गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि निदा खान ने कथित तौर पर पीड़िता के मोबाइल फोन में कई इस्लामिक एप्लिकेशन इंस्टॉल करवाए थे। इतना ही नहीं, उसे लगातार इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब वीडियो और धार्मिक लिंक भेजे जाते थे ताकि उसकी सोच और जीवनशैली को प्रभावित किया जा सके। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन डिजिटल कंटेंट का स्रोत क्या था और क्या इसके पीछे कोई संगठित ऑनलाइन नेटवर्क काम कर रहा था।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे नमाज पढ़ने का तरीका सिखाया गया और हिजाब-बुरखा पहनने की ट्रेनिंग दी गई। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी दानिश शेख ने पीड़िता के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाण पत्र अपने कब्जे में ले लिए थे। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने पीड़िता का नाम बदलने और उसकी नई पहचान तैयार करने की योजना बनाई थी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पीड़िता को नौकरी के बहाने मलेशिया भेजने की तैयारी भी की जा रही थी। जांच में “इमरान” नामक व्यक्ति का जिक्र सामने आया है, जिसके पास पीड़िता को भेजे जाने की योजना थी। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस पूरे मामले में विदेशी फंडिंग या किसी बाहरी संगठन की मदद शामिल थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, निदा खान से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। जांच एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि FIR दर्ज होने के बाद उसे किन लोगों ने शरण दी, उसकी आर्थिक मदद किसने की और फरार रहने के दौरान वह किन-किन लोगों के संपर्क में थी। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि कंपनी से ट्रांसफर होने के बाद भी वह बाकी आरोपियों के साथ कैसे जुड़ी रही।

इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर लोग इस पूरे मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होना जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

फिलहाल नासिक पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी कई खुलासे हो सकते हैं। निदा खान की गिरफ्तारी को जांच एजेंसियां इस केस का बड़ा मोड़ मान रही हैं और अब सबकी नजर उसकी पूछताछ पर टिकी हुई है।

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