By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड: हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड: हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त
उत्तराखंडफीचर्डस्वास्थय

उत्तराखंड: हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त

The Hill India News
Last updated: May 6, 2026 5:06 am
The Hill India News
Published: May 6, 2026
Share
SHARE

हरिद्वार जिले में नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। जांच में सामने आया कि कुछ सेंटर बिना जरूरी मानकों के पंजीकृत किए गए थे, जबकि एक सेंटर में तैनात डॉक्टर की डिग्री तक फर्जी पाई गई। इतना ही नहीं, एक सील किए गए सेंटर से अल्ट्रासाउंड मशीन गायब होने का मामला भी सामने आया है, जिसने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

मंगलवार को रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों की स्थिति, नए पंजीकरण और नियमों के पालन की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में यह तथ्य सामने आया कि जिन चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, वे करीब एक वर्ष पहले पंजीकृत तो हो गए थे, लेकिन वहां न तो नियमित संचालन शुरू हुआ और न ही योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की गई। ऐसे में विभाग ने इन केंद्रों को नियमों के खिलाफ मानते हुए उनके रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्णय लिया।

स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान सबसे गंभीर मामला उस सेंटर का सामने आया जिसे पहले ही सील किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां रखी अल्ट्रासाउंड मशीन गायब पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि यह बेहद गंभीर लापरवाही और कानून का खुला उल्लंघन है। संबंधित डॉक्टर और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

कलियर क्षेत्र में स्थित एक अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। यहां कार्यरत डॉक्टर की डिग्री ही फर्जी पाई गई। जांच टीम ने जब दस्तावेजों का सत्यापन किया तो डिग्री संदिग्ध मिली, जिसके बाद सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही उसका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने कहा कि फर्जी डिग्री के आधार पर मरीजों का इलाज करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ भी है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जिले में पीसीपीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। नए अल्ट्रासाउंड सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन किया जाता है। इसके बाद ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होती है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की नियमित जांच की जाए। उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट का उद्देश्य केवल लिंग जांच पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी सेंटर को बख्शा नहीं जाएगा।

इसके अलावा बैठक में नए अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण और नवीनीकरण के मामलों पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए पांच आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से केवल एक आवेदन को मंजूरी दी गई, जबकि बाकी मामलों में आवश्यक मानक पूरे नहीं पाए गए।

वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को समिति ने मंजूरी दे दी है। इससे ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण से जुड़े 12 आवेदनों पर भी बैठक में विचार किया गया, जिनमें से 11 को स्वीकृति दी गई, जबकि पशु चिकित्सालय बहादराबाद के नवीनीकरण को फिलहाल रोक दिया गया है।

हरिद्वार में सामने आए इन मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अब जांच और कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में जिले के अन्य निजी स्वास्थ्य केंद्रों और अल्ट्रासाउंड यूनिटों की भी सघन जांच की जाएगी, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लगाई जा सके।

You Might Also Like

मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन को लेकर छात्रों को किया जागरूक
“खामोश जरूर किया गया हूं, हारा नहीं…”: राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने पर Raghav Chadha का तीखा वीडियो संदेश, AAP से टकराव खुलकर सामने
देश में ‘एक प्रधान, एक निशान, एक विधान’… लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पर अमित शाह का बड़ा बयान
Uttarakhand: केदारनाथ तीर्थयात्रियों ने बेहतर रेस्क्यू के लिए, सरकार व जिला प्रशासन की करी खूब सराहना
Uttarakhand: तत्काल प्रभाव से शस्त्र लाइसेंस निलंबित, पत्नी व पुत्र को धमकाने पर डीएम की कड़ी कार्रवाई
TAGGED:Fake Doctorfraud caseHaridwarHealth DepartmentHealthcare AlertPCPNDT ActUltrasound Center
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डविदेश

सीजफायर पर संकट: लेबनान में इजरायल के नए हमले, 7 की मौत, मध्य पूर्व में शांति प्रयासों पर मंडराया खतरा

The Hill India News
The Hill India News
June 20, 2026
देहरादून के नशा मुक्ति केंद्रों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, गंभीर खामियां मिलने पर केंद्र सील
20 साल बाद आया फैसला: पूर्व गृह मंत्री पर हत्या की साजिश का आरोप, 128 गवाहों की गवाही के बावजूद सभी आरोपी बरी
नाबालिग से दुष्कर्म कर बनाया अश्लील वीडियो, वर्षों तक ब्लैकमेल कर करता रहा शोषण, हरिद्वार से गिरफ्तार हुआ आरोपी
ऋषिकेश में बड़ा हादसा: पशुलोक बैराज से मिले तीन लापता लोगों के शव, SDRF के रेस्क्यू अभियान से खत्म हुई परिजनों की तलाश
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की जांच तेज, चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव पर गिरफ्तारी की तलवार
अब सिर्फ एक ही शिवसेना है : अमित शाह के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल, उद्धव गुट पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश: NEET परीक्षा से पहले फिर बुझा एक सपना, गाजियाबाद में 22 वर्षीय अभ्यर्थी ने की आत्महत्या, एक सप्ताह में कई छात्रों की मौत से बढ़ी चिंता
चीन की ओर बढ़ता बांग्लादेश: तीस्ता प्रोजेक्ट समेत 17 समझौतों की तैयारी, भारत की बढ़ सकती है रणनीतिक चिंता
नैनीताल दुष्कर्म कांड: आरोपी उस्मान खान को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, ट्रायल की प्रगति रिपोर्ट तलब
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?