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उत्तराखंड: हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4 अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त

हरिद्वार जिले में नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। जांच में सामने आया कि कुछ सेंटर बिना जरूरी मानकों के पंजीकृत किए गए थे, जबकि एक सेंटर में तैनात डॉक्टर की डिग्री तक फर्जी पाई गई। इतना ही नहीं, एक सील किए गए सेंटर से अल्ट्रासाउंड मशीन गायब होने का मामला भी सामने आया है, जिसने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

मंगलवार को रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों की स्थिति, नए पंजीकरण और नियमों के पालन की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में यह तथ्य सामने आया कि जिन चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, वे करीब एक वर्ष पहले पंजीकृत तो हो गए थे, लेकिन वहां न तो नियमित संचालन शुरू हुआ और न ही योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की गई। ऐसे में विभाग ने इन केंद्रों को नियमों के खिलाफ मानते हुए उनके रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्णय लिया।

स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान सबसे गंभीर मामला उस सेंटर का सामने आया जिसे पहले ही सील किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां रखी अल्ट्रासाउंड मशीन गायब पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि यह बेहद गंभीर लापरवाही और कानून का खुला उल्लंघन है। संबंधित डॉक्टर और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

कलियर क्षेत्र में स्थित एक अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। यहां कार्यरत डॉक्टर की डिग्री ही फर्जी पाई गई। जांच टीम ने जब दस्तावेजों का सत्यापन किया तो डिग्री संदिग्ध मिली, जिसके बाद सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही उसका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने कहा कि फर्जी डिग्री के आधार पर मरीजों का इलाज करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ भी है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने बताया कि जिले में पीसीपीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। नए अल्ट्रासाउंड सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन किया जाता है। इसके बाद ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होती है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की नियमित जांच की जाए। उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट का उद्देश्य केवल लिंग जांच पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी सेंटर को बख्शा नहीं जाएगा।

इसके अलावा बैठक में नए अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण और नवीनीकरण के मामलों पर भी चर्चा हुई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए पांच आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से केवल एक आवेदन को मंजूरी दी गई, जबकि बाकी मामलों में आवश्यक मानक पूरे नहीं पाए गए।

वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को समिति ने मंजूरी दे दी है। इससे ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण से जुड़े 12 आवेदनों पर भी बैठक में विचार किया गया, जिनमें से 11 को स्वीकृति दी गई, जबकि पशु चिकित्सालय बहादराबाद के नवीनीकरण को फिलहाल रोक दिया गया है।

हरिद्वार में सामने आए इन मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि अब जांच और कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में जिले के अन्य निजी स्वास्थ्य केंद्रों और अल्ट्रासाउंड यूनिटों की भी सघन जांच की जाएगी, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लगाई जा सके।

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