जाजपुर, ओडिशा: ओडिशा के जाजपुर जिले से फूड पॉइजनिंग का एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। जाजपुर जिले के दशरथपुर ब्लॉक स्थित पातापुर गांव में स्थानीय विक्रेता से दहीबड़ा खाने के बाद 58 लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पीड़ितों में 27 बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें उल्टी और बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं।
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना। वहीं, खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शुक्रवार को दशरथपुर ब्लॉक के पातापुर गांव में घटी। गांव के एक स्थानीय विक्रेता द्वारा बेचे गए दहीबड़े का सेवन करने के बाद स्थानीय लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते 58 लोगों को पेट दर्द, उल्टी और बुखार की गंभीर समस्या होने लगी। पीड़ितों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल थे।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए, स्थानीय लोगों और परिजनों ने आनन-फानन में सभी पीड़ितों को दशरथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और जाजपुर जिला मुख्यालय अस्पताल (DHH) में भर्ती कराया। समय पर इलाज मिलने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का बयान
मामले की सूचना मिलने के बाद जाजपुर के जिला कलेक्टर अंबर कुमार ने अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने जानकारी दी कि त्वरित चिकित्सा के बाद 21 लोगों की हालत में सुधार हुआ है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
“58 लोगों को भर्ती किया गया था, जिनमें से ज्यादातर का इलाज सफलतापूर्वक किया जा रहा है। खाद्य पदार्थों और पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए गए हैं।” — अंबर कुमार, जिला कलेक्टर, जाजपुर
वहीं, स्थानीय भाजपा सांसद रबींद्र नारायण बेहरा ने भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि सभी पीड़ित खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला के निधन का भी उल्लेख किया, लेकिन स्पष्ट किया कि उनके निधन का कारण अभी मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने की उच्च स्तरीय जांच की घोषणा
ओडिशा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग ने जाजपुर स्थित अस्पताल का दौरा कर पीड़ितों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा:
“यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। प्रारंभिक रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि यह घटना दूषित दहीबड़ा के सेवन के कारण हुई है। राज्य सरकार ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया है, जो पूरे प्रकरण की तह तक जाएंगी।”
बढ़ती गर्मी और खान-पान में सावधानी
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे देश में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और चिकित्सकों का मानना है कि गर्मियों के मौसम में खाद्य और पेय पदार्थों के खराब होने की संभावना बहुत अधिक होती है। ऐसे में बाहर का खुला या स्ट्रीट फूड खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस मौसम में खान-पान को लेकर अत्यधिक सतर्क रहें।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें पातापुर गांव में जाकर अन्य लोगों के स्वास्थ्य पर भी नजर बनाए हुए हैं। जाजपुर जिले की इस घटना ने एक बार फिर से स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



