By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: मनोरंजन के नाम पर ‘डिजिटल डाका’: सोशल मीडिया पर शॉर्ट ड्रामा के जरिए बैंक खाते साफ कर रहा है नया स्कैम
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > मनोरंजन के नाम पर ‘डिजिटल डाका’: सोशल मीडिया पर शॉर्ट ड्रामा के जरिए बैंक खाते साफ कर रहा है नया स्कैम
देशफीचर्ड

मनोरंजन के नाम पर ‘डिजिटल डाका’: सोशल मीडिया पर शॉर्ट ड्रामा के जरिए बैंक खाते साफ कर रहा है नया स्कैम

The Hill India News
Last updated: April 28, 2026 1:45 am
The Hill India News
Published: April 28, 2026
Share
SHARE

देहरादून: डिजिटल क्रांति के इस दौर में जहां तकनीक ने हमारी राहें आसान की हैं, वहीं साइबर अपराधियों ने ठगी के नए-नए और बेहद “ग्लैमरस” तरीके ईजाद कर लिए हैं। ताजा मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित देशभर के सोशल मीडिया यूजर्स से जुड़ा है। अब ठग आपको डराकर नहीं, बल्कि आपका मनोरंजन (Entertainment) करके आपकी जेब काट रहे हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों ‘चाइनीज और कोरियन शॉर्ट ड्रामा’ के नाम पर एक बड़ा स्कैम तेजी से पांव पसार रहा है।

Contents
उत्सुकता का जाल और संदिग्ध लिंक्स7 दिन का ‘फ्री ट्रायल’ और ऑटो-पेमेंट का फंदाअनइंस्टॉल करने से नहीं रुकती ठगीसाइबर एक्सपर्ट्स की राय: क्यों आसान है यह शिकार?बचाव के लिए क्या करें? (सुरक्षा गाइडलाइन)

उत्सुकता का जाल और संदिग्ध लिंक्स

इस ठगी की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) मनोवैज्ञानिक खेल पर आधारित है। ठग सबसे पहले फेसबुक और इंस्टाग्राम पर किसी बेहद दिलचस्प, सस्पेंस और ड्रामा से भरपूर कोरियन या चाइनीज शॉर्ट फिल्म का 30 से 40 सेकंड का विज्ञापन या प्रोमो चलाते हैं। जब यूजर उस कहानी के अंत को जानने के लिए उत्सुक होता है, तो वीडियो के ठीक नीचे ‘वॉच फुल मूवी’ (Watch Full Movie) या ‘देखना जारी रखें’ जैसे आकर्षक बटन दिए जाते हैं।

जैसे ही यूजर इन लिंक्स पर क्लिक करता है, उसे सीधे प्ले स्टोर या किसी थर्ड-पार्टी वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जहां एक अनजान ऐप इंस्टॉल करने का दबाव बनाया जाता है। यहीं से शुरू होता है डिजिटल सब्सक्रिप्शन स्कैम का असली खेल।

7 दिन का ‘फ्री ट्रायल’ और ऑटो-पेमेंट का फंदा

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐप इंस्टॉल होते ही यूजर को लुभाने के लिए ‘7-डे फ्री ट्रायल’ का विकल्प दिया जाता है। इस ट्रायल को एक्टिवेट करने के लिए ऐप आपसे यूपीआई (UPI) पिन या क्रेडिट/डेबिट कार्ड की डिटेल्स मांगता है। अधिकांश यूजर्स यह सोचकर बेफिक्र रहते हैं कि अभी तो पैसे कट नहीं रहे हैं और ट्रायल खत्म होने से पहले वे ऐप हटा देंगे।

लेकिन, हकीकत इसके उलट है। ‘स्टार्ट फ्री ट्रायल’ पर क्लिक करते ही यूजर अनजाने में ‘ऑटो-डेबिट’ (Auto-Debit) या ‘रेकरिंग पेमेंट’ (Recurring Payment) को अनुमति दे देता है। जैसे ही 7 दिन की अवधि समाप्त होती है, बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी (OTP) के 500 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की राशि स्वतः ही कटनी शुरू हो जाती है।

अनइंस्टॉल करने से नहीं रुकती ठगी

इस डिजिटल सब्सक्रिप्शन स्कैम की सबसे खतरनाक बात यह है कि पीड़ित यूजर जब परेशान होकर ऐप को फोन से डिलीट या अनइंस्टॉल कर देता है, तब भी पैसे कटना बंद नहीं होते। तकनीकी रूप से, आपने ऐप हटाया है, लेकिन बैंक या यूपीआई प्लेटफॉर्म पर दिया गया ‘पेमेंट मैंडेट’ अभी भी सक्रिय रहता है। जब तक यूजर मैन्युअल रूप से अपने पेमेंट ऐप (जैसे Google Pay, PhonePe या बैंक सेटिंग्स) में जाकर ‘सब्सक्रिप्शन’ या ‘ऑटो-पे’ को कैंसिल नहीं करता, तब तक ठगी का यह सिलसिला हर महीने चलता रहता है।

साइबर एक्सपर्ट्स की राय: क्यों आसान है यह शिकार?

देहरादून के साइबर सेल विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अक्सर ओटीपी (OTP) शेयर करने को ही ठगी मानते हैं, लेकिन अब ठग ‘मैंडेट अप्रूवल’ का सहारा ले रहे हैं। लोग नियमों और शर्तों (Terms & Conditions) को पढ़े बिना ‘एक्सेप्ट’ बटन दबा देते हैं।

एक विशेषज्ञ ने बताया, “यह डिजिटल सब्सक्रिप्शन स्कैम इसलिए सफल हो रहा है क्योंकि इसमें रकम शुरुआत में छोटी होती है और लोगों को लगता है कि उन्होंने गलती से कोई सर्विस ली है। कई बार लोग शर्म या जानकारी के अभाव में इसकी शिकायत भी दर्ज नहीं कराते।”

बचाव के लिए क्या करें? (सुरक्षा गाइडलाइन)

अगर आप भी सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के शौकीन हैं, तो इन सावधानियों को जरूर बरतें:

  1. अज्ञात ऐप्स से बचें: फेसबुक या इंस्टाग्राम के विज्ञापनों के जरिए किसी भी अनजान वीडियो स्ट्रीमिंग ऐप को डाउनलोड न करें। हमेशा आधिकारिक प्लेटफॉर्म (Netflix, Amazon Prime, आदि) का ही चुनाव करें।

  2. फ्री ट्रायल की हकीकत: कोई भी ऐप अगर फ्री ट्रायल के लिए कार्ड डिटेल्स या यूपीआई पिन मांगता है, तो वह संदिग्ध हो सकता है। बिना आवश्यकता के कार्ड की जानकारी न भरें।

  3. ऑटो-पे सेटिंग्स की जांच: समय-समय पर अपने यूपीआई ऐप्स (PhonePe, Paytm, Google Pay) की सेटिंग्स में जाकर ‘Autopay’ विकल्प की जांच करें। यदि कोई अनजान मैंडेट दिखे, तो उसे तुरंत रद्द करें।

  4. बैंक स्टेटमेंट पर नजर: अपने बैंक मैसेज और स्टेटमेंट को नियमित रूप से चेक करें। यदि छोटी रकम भी बिना वजह कट रही है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें।

  5. शिकायत दर्ज कराएं: यदि आप किसी डिजिटल सब्सक्रिप्शन स्कैम का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

मनोरंजन की भूख और तकनीक की कम जानकारी हमें बड़े आर्थिक नुकसान में डाल सकती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी अपनी विज्ञापन नीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है ताकि ऐसे संदिग्ध ऐप्स को बढ़ावा न मिले। याद रखें, इंटरनेट पर ‘मुफ्त’ मिलने वाली हर चीज की एक छिपी हुई कीमत होती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

You Might Also Like

जम्मू-कश्मीर: कभी हिंदू राजाओं का गढ़ रहा पहलगाम, 800 साल पुराना ममलेश्वर मंदिर आज भी इतिहास का साक्षी
सूडान की सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच खूनी संघर्ष, राजधानी खार्तूम में ड्रोन हमले से 30 लोगों की मौत
केंद्र का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: दिल्ली को मिले नए उपराज्यपाल, बिहार-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के बदले गवर्नर; देखें पूरी सूची
देहरादून एयरपोर्ट पर राहुल गांधी का भव्य स्वागत, “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम से युवाओं को मिलेगी नई दिशा : मोहित उनियाल
उत्तराखण्ड : राज्य सरकार द्वारा भी अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है- सीएम धामी
TAGGED:Cyber ​​Crime Alert Uttarakhand.Online fraud DehradunProtection from Digital FraudShort Drama ScamUPI Auto Payment Fraud
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्डराजनीति

मांजलपुर उपचुनाव में BJP की शानदार जीत: सतीश पटेल ने 30 हजार से अधिक वोटों से कांग्रेस को हराया, गुजरात में कमल फिर खिला

The Hill India News
The Hill India News
August 3, 2026
ITR Refund का इंतजार खत्म कब होगा? जानिए इनकम टैक्स रिफंड की पूरी प्रक्रिया, कितने दिनों में मिलेगा पैसा और किन वजहों से हो सकती है देरी
पप्पू यादव के भगवा प्रदर्शन पर INDIA गठबंधन में दरार! सपा ने किया किनारा, राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष के अलग-अलग सुर आए सामने
NEET पेपर लीक आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘छात्रों को मिलेगा न्याय, लेकिन अपराधियों को नहीं मिलेगी कोई राहत’; FIR, पुलिस कार्रवाई और जांच पर कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
JPSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल: हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर, परीक्षा रद्द करने से लेकर CBI जांच तक उठीं बड़ी मांगें
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट गंभीर: क्या बदलेगा विरोध प्रदर्शन का केंद्र? केंद्र सरकार से मांगा जवाब
बृज भूषण शरण सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट से बरी होने के बाद बोले— “अगर एक भी आरोप साबित होता तो खुद फांसी पर लटक जाता”
ऐतिहासिक फैसला! राष्ट्रपति मुर्मू ने एंटी-पेपर लीक कानून को दी मंजूरी, अब 2 महीने में जांच, 3 महीने में फैसला और 10 साल तक की जेल
गलत नंबर पर हो गया मोबाइल रिचार्ज? घबराएं नहीं! Airtel और Jio यूजर्स ऐसे वापस पा सकते हैं अपने पैसे, जानिए पूरा प्रोसेस
संसद के ‘भगवा प्रदर्शन’ पर कानूनी शिकंजा: राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ केस दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?