By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: आपदा प्रबंधन पर पूर्व सीएम हरीश रावत के तीखे प्रहार: उत्तरकाशी से देहरादून तक सरकार को घेरा
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > आपदा प्रबंधन पर पूर्व सीएम हरीश रावत के तीखे प्रहार: उत्तरकाशी से देहरादून तक सरकार को घेरा
उत्तराखंडफीचर्ड

आपदा प्रबंधन पर पूर्व सीएम हरीश रावत के तीखे प्रहार: उत्तरकाशी से देहरादून तक सरकार को घेरा

The Hill India News
Last updated: April 17, 2026 2:10 am
The Hill India News
Published: April 17, 2026
Share
SHARE

उत्तरकाशी/देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने राज्य की वर्तमान सरकार के आपदा प्रबंधन और विकास कार्यों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अपने दो दिवसीय उत्तरकाशी जनपद के भ्रमण के दौरान रावत ने सीमांत क्षेत्रों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया और आरोप लगाया कि सरकार आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और चारधाम यात्रा की तैयारियों में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

Contents
धराली में भावुक हुए ग्रामीण, रावत ने याद दिलाया 2013 का ‘पुनर्निर्माण मॉडल’हर्षिल की झील और चारधाम यात्रा: “चिंता और डर के साथ लौट रहा हूँ”प्रमुख मांगें: कर्ज माफी और भूधंसाव पर ठोस नीतिदेहरादून में आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे रावत

धराली में भावुक हुए ग्रामीण, रावत ने याद दिलाया 2013 का ‘पुनर्निर्माण मॉडल’

अपने भ्रमण के दौरान हरीश रावत आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली पहुंचे, जहाँ ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि लंबे समय के बाद भी उन्हें व्यावसायिक नुकसान का उचित मुआवजा नहीं मिल सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इस अवसर पर हरीश रावत ने वर्ष 2012-13 की विनाशकारी केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा, “हमारी सरकार ने आपदा से निपटने और प्रभावितों को राहत देने के लिए एक सशक्त मॉडल तैयार किया था। आज की सरकार को उस अनुभव से सीख लेनी चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी ग्रामीण अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटक रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों की मांग के अनुसार गंगोत्री हाईवे का निर्माण पुराने एलाइनमेंट पर ही होना चाहिए क्योंकि मलबे के नीचे अभी भी लोगों की संपत्तियां दबी हुई हैं।

हर्षिल की झील और चारधाम यात्रा: “चिंता और डर के साथ लौट रहा हूँ”

बृहस्पतिवार को उत्तरकाशी के लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) गेस्ट हाउस में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए हरीश रावत का रुख काफी कड़ा रहा। उन्होंने हर्षिल क्षेत्र की स्थिति को अत्यंत भयावह बताया। रावत ने कहा कि वहां बनी झील आगामी मानसून सत्र में एक बड़े खतरे का संकेत दे रही है, जिसे सरकार नजरअंदाज कर रही है।

हरीश रावत उत्तरकाशी दौरा के दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने में अब बहुत कम समय शेष है, लेकिन बुनियादी ढांचा अभी भी अधूरा है। रावत के अनुसार, जिन कार्यों को यात्रा शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले संपन्न हो जाना चाहिए था, वे अभी भी फाइलों और शुरुआती चरणों में अटके हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रशासनिक ढिलाई का खामियाजा न केवल स्थानीय व्यापारियों को, बल्कि देशभर से आने वाले तीर्थयात्रियों को भी भुगतना पड़ सकता है।

प्रमुख मांगें: कर्ज माफी और भूधंसाव पर ठोस नीति

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से आपदा प्रभावितों के कर्ज को माफ करने की बात कही गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि:

  1. आपदा प्रभावितों का ऋण माफ किया जाए: आर्थिक रूप से टूट चुके ग्रामीणों को संबल देने के लिए सरकार को उनके ऋणों पर राहत देनी चाहिए।

  2. सरकारी भूमि पर नुकसान का आकलन: जिन लोगों का नुकसान सरकारी भूमि पर हुआ है, उनके प्रति भी सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सहायता प्रदान करनी चाहिए।

  3. भटवाड़ी भूधंसाव: भटवाड़ी क्षेत्र में हो रहे निरंतर भूधंसाव पर चिंता व्यक्त करते हुए रावत ने तत्काल भूगर्भीय जांच और विस्थापन की नीति स्पष्ट करने की मांग की।

देहरादून में आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे रावत

उत्तरकाशी का दौरा समाप्त कर ‘अर्जित अवकाश’ काट रहे पूर्व मुख्यमंत्री अचानक हेलीकॉप्टर से देहरादून पहुंचे। वे सीधे सहस्त्रधारा रोड स्थित एकता विहार पहुंचे, जहाँ विभिन्न संगठन अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। यहाँ उन्होंने नर्सिंग एकता मंच, पीआरडी कर्मियों और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग कर रहे आंदोलनकारियों से मुलाकात की।

रावत ने आंदोलनरत युवाओं और कर्मचारियों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि उनकी मांगें जायज हैं और सरकार को हठधर्मिता छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से गैरसैंण के मुद्दे पर कहा कि उत्तराखंड की जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इसे स्थायी राजधानी के रूप में विकसित करना ही राज्य आंदोलन के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

हरीश रावत के इस दौरे ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। एक ओर जहां वे आपदा प्रबंधन के अपने पुराने अनुभवों के आधार पर वर्तमान सरकार को घेर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चारधाम यात्रा जैसे संवेदनशील विषय पर उनकी टिप्पणियों ने शासन-प्रशासन को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन उठाए गए बिंदुओं पर क्या सुधारात्मक कदम उठाती है।

You Might Also Like

Big Breaking: फिर मंडराया ‘निपाह वायरस’ का खतरा, केरल में दो लोगों की मौत, अलर्ट जारी
रुद्रपुर: शादी का झांसा देकर 4 साल तक युवती का शारीरिक शोषण, अब दूसरी जगह निकाह की तैयारी में आरोपी
नैनीताल हाईकोर्ट: लोहाघाट विधायक के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई, 12 मई को होगी अगली बहस
इसरो की एक और बड़ी उपलब्धि, CE20 क्रायोजेनिक इंजन को गगनयान मिशन के लिए पाया गया मानव-रेटेड
दिल्ली में आम आदमी पार्टी को बहुत बड़ा झटका, कई नेताओं के कांग्रेस में जाने की खबर
TAGGED:Chardham Yatra 2026Dharali Disaster ReliefHarish Rawat Press ConferenceUttarakhand Disaster ManagementUttarkashi News.
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

UTU पेपर लीक कांड में बड़ा एक्शन: असिस्टेंट प्रोफेसर पर मुकदमा, अगस्त में दोबारा होगी परीक्षा; शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

The Hill India News
The Hill India News
July 23, 2026
TET पर सरकार का बड़ा ऐलान: लाखों सरकारी शिक्षकों को नहीं मिलेगी छूट, संसद में साफ कहा- परीक्षा पास करना रहेगा अनिवार्य
छात्रों से बातचीत को तैयार केंद्र सरकार, NEET विवाद के बीच संवाद से समाधान निकालने की पहल तेज
पेपर लीक और लाठीचार्ज के विरोध में बिहार उबल पड़ा: कई जिलों में छात्रों का प्रदर्शन तेज, शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
5 करोड़ शिवभक्तों के स्वागत को तैयार हरिद्वार: कांवड़ मेले में 32 अस्थायी अस्पताल, जंगलों में वनकर्मियों की चौकसी और सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम
‘बटवारा 1947’ को बिना किसी कट के मिली सेंसर बोर्ड की मंजूरी, 14 अगस्त को बड़े पर्दे पर दिखेगी विभाजन की दर्दभरी कहानी
रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव: अब TTE की टिकट जांच होगी बॉडी कैमरे की निगरानी में, बातचीत और विवाद की पूरी रिकॉर्डिंग होगी
अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! सेना के बाद CAPFs में 50% आरक्षण, जानिए आर्मी और अर्धसैनिक बलों की नौकरी में क्या है सबसे बड़ा अंतर
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक का बड़ा खुलासा: परीक्षा रद्द, हजारों छात्रों का भविष्य अधर में
ग्वालियर में बनेगी देश की पहली ‘3-इन-1’ हाईटेक फ्लोरीकल्चर नर्सरी, खेती, रिसर्च और पर्यटन का बनेगा नया राष्ट्रीय मॉडल
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?