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उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद परिणाम 2025-26: सक्षम प्रसाद ने किया प्रदेश टॉप, ज्योतिष में 99 अंक हासिल

श्रीनगर: उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 की परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस वर्ष का परिणाम कई मायनों में खास रहा, लेकिन सबसे अधिक चर्चा का केंद्र बने जयदयाल अग्रवाल संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय, श्रीनगर के होनहार छात्र सक्षम प्रसाद, जिन्होंने कक्षा 12वीं (उत्तर मध्यमा) में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर न सिर्फ अपने विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

सक्षम प्रसाद की इस उपलब्धि ने शिक्षा जगत में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई और शिक्षकों, सहपाठियों तथा स्थानीय लोगों ने सक्षम को बधाइयों से सराबोर कर दिया।

सक्षम की शैक्षणिक यात्रा पहले से ही उत्कृष्ट रही है। उन्होंने इससे पहले परिषद की हाईस्कूल परीक्षा में भी प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उनकी सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। लगातार बेहतर प्रदर्शन कर उन्होंने खुद को एक मेधावी और अनुशासित छात्र के रूप में स्थापित किया है।

अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए सक्षम प्रसाद ने बताया कि उन्होंने नियमित रूप से विद्यालय की पढ़ाई के साथ-साथ प्रतिदिन चार से पांच घंटे स्वाध्याय किया। उनका कहना है कि समय का सही प्रबंधन और पढ़ाई के प्रति निरंतरता ही उनकी सफलता का सबसे बड़ा राज है। उन्होंने विशेष रूप से ज्योतिष विषय में 99 अंक प्राप्त किए, जो उनकी इस विषय में गहरी रुचि और समझ को दर्शाता है। संस्कृत शिक्षा में ज्योतिष जैसे विषय में इतने उच्च अंक प्राप्त करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

सक्षम ने आगे बताया कि वह भविष्य में उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने ज्ञान को और विस्तारित करना चाहते हैं। उनका सपना है कि वे शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया और सार्थक योगदान दें, जिससे समाज को लाभ मिल सके। उनकी सोच और लक्ष्य यह दर्शाते हैं कि वे न केवल एक अच्छे छात्र हैं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी अग्रसर हैं।

सक्षम ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और अभिभावकों को दिया। उन्होंने कहा कि उनके शिक्षकों ने उन्हें हर विषय को गहराई से समझने में मदद की और हमेशा सही दिशा दिखाई। वहीं, उनके माता-पिता ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान किया। उनके पिता पूजा-पाठ का कार्य करते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद सकलानी ने सक्षम की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सक्षम का यह प्रदर्शन उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और शिक्षकों के उचित मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय हमेशा छात्रों को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध है, और सक्षम जैसे छात्र अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं।

विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि सक्षम आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे और भविष्य में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। उनकी सफलता से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी उत्तर मध्यमा (कक्षा 12) के परिणामों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला था। उस समय अभिषेक ममगाईं ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया था। इस वर्ष सक्षम प्रसाद ने उस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद का इस वर्ष का परिणाम शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की मेहनत का प्रमाण है। सक्षम प्रसाद की सफलता न केवल उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।

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