By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड में ‘फ्यूल संकट’ महज अफवाह? IOCL ने जारी किए आंकड़े, पैनिक बुकिंग ने बिगाड़ा एलपीजी का गणित
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड में ‘फ्यूल संकट’ महज अफवाह? IOCL ने जारी किए आंकड़े, पैनिक बुकिंग ने बिगाड़ा एलपीजी का गणित
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड में ‘फ्यूल संकट’ महज अफवाह? IOCL ने जारी किए आंकड़े, पैनिक बुकिंग ने बिगाड़ा एलपीजी का गणित

The Hill India News
Last updated: April 6, 2026 2:33 pm
The Hill India News
Published: April 6, 2026
Share
SHARE

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की किल्लत को लेकर सोशल मीडिया पर तैर रही खबरों ने आम जनता के बीच बेचैनी पैदा कर दी है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों और तेल कंपनियों के दावों ने इन तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के डिविजनल रिटेल सेल्स हेड और स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर कृष्ण कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई चेन पूरी तरह सुचारु है।

Contents
आंकड़ों की जुबानी: पर्याप्त है पेट्रोल और डीजल का स्टॉकएलपीजी पर ‘फेक न्यूज’ का वार: 6 दिन का बना बैकलॉगनियमों में कड़ाई: बुकिंग का नया शेड्यूलग्राउंड जीरो: रामनगर में बढ़ा बवालअपील: पैनिक न हों, अफवाहों से बचेंविशेषज्ञों की राय: सप्लाई चेन का प्रबंधन है जरूरी

आंकड़ों की जुबानी: पर्याप्त है पेट्रोल और डीजल का स्टॉक

राज्य में ईंधन की उपलब्धता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे में तेल की कमी का कोई स्थान नहीं है। वर्तमान में प्रदेश भर में कुल 978 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। इनमें प्रमुख कंपनियों की भागीदारी इस प्रकार है:

  • इंडियन ऑयल (IOCL): 431 पंप

  • हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): 254 पंप

  • भारत पेट्रोलियम (BPCL): 214 पंप

  • रिलायंस व नायरा: क्रमशः 28 और 50 पंप

आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में हर महीने औसतन 60 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 75 हजार किलोलीटर डीजल की खपत होती है। विशेष बात यह है कि इस साल मार्च महीने में पेट्रोल की खपत में 2% और डीजल में 6% की वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों का तर्क है कि यदि सप्लाई में बाधा होती, तो खपत के इन बढ़ते आंकड़ों को छूना संभव नहीं था।

एलपीजी पर ‘फेक न्यूज’ का वार: 6 दिन का बना बैकलॉग

रसोई गैस को लेकर फैली भ्रांतियों ने स्थिति को थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना दिया है। कृष्ण कुमार गुप्ता ने स्वीकार किया कि पैनिक बुकिंग (डर के कारण समय से पहले बुकिंग) की वजह से करीब 6 दिन का बैकलॉग तैयार हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में हर महीने 18 लाख सिलेंडरों की खपत होती है।

तुलनात्मक आंकड़ों को देखें तो मार्च 2025 में प्रतिदिन 55 हजार सिलेंडर की सप्लाई होती थी, जो इस मार्च 2026 में बढ़कर 56 हजार सिलेंडर प्रतिदिन हो गई है। यानी सप्लाई कम होने के बजाय बढ़ी है, लेकिन अफवाहों के चलते उपभोक्ताओं ने जरूरत से ज्यादा बुकिंग कर दी, जिससे वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।

नियमों में कड़ाई: बुकिंग का नया शेड्यूल

गैस वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अनिवार्य अंतराल पर ही बुकिंग की जा सकेगी। इसके अलावा, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) की व्यवस्था को कड़ाई से लागू किया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि गैस सिलेंडर सही और पंजीकृत उपभोक्ता तक ही पहुंचे।

कमर्शियल सेक्टर की बात करें तो अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को 100% सप्लाई दी जा रही है, जबकि अन्य कमर्शियल सेक्टर्स को फिलहाल 70% आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। रिफाइनरीज अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं ताकि जल्द ही बैकलॉग को खत्म किया जा सके।


ग्राउंड जीरो: रामनगर में बढ़ा बवाल

एक ओर जहां अधिकारी सब कुछ सामान्य होने का दावा कर रहे हैं, वहीं धरातल पर कुछ जगहों से अव्यवस्था की खबरें भी आ रही हैं। नैनीताल जिले के रामनगर में गैस वितरण को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुमित लोहनी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गैस एजेंसी परिसर में जमकर हंगामा किया।

कांग्रेस का आरोप है कि एजेंसी परिसर में गैस से भरे वाहन खड़े हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इसे कृत्रिम किल्लत करार देते हुए प्रबंधन पर कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस धरने ने प्रशासन की ‘ऑल इज वेल’ की रिपोर्ट पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

अपील: पैनिक न हों, अफवाहों से बचें

स्टेट कोऑर्डिनेटर ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड में पेट्रोल डीजल और एलपीजी सप्लाई को लेकर कोई संकट नहीं है। रिफाइनरी से लेकर स्थानीय डिपो तक स्टॉक पर्याप्त है। उपभोक्ता केवल अपनी जरूरत के हिसाब से ही बुकिंग करें, ताकि बैकलॉग को जल्द से जल्द खत्म कर वितरण को फिर से सामान्य पटरी पर लाया जा सके।”

विशेषज्ञों की राय: सप्लाई चेन का प्रबंधन है जरूरी

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से विषम राज्य में सप्लाई चेन का प्रबंधन बेहद संवेदनशील होता है। पर्यटन सीजन शुरू होने से ठीक पहले इस तरह की अफवाहें न केवल स्थानीय निवासियों को परेशान करती हैं, बल्कि राज्य की पर्यटन छवि पर भी बुरा असर डालती हैं। सरकार को चाहिए कि वह न केवल आपूर्ति बढ़ाए, बल्कि स्थानीय स्तर पर हो रही वितरण की अनियमितताओं पर भी सख्त निगरानी रखे।

कुल मिलाकर, उत्तराखंड में ईंधन की उपलब्धता को लेकर तस्वीर साफ है—तेल और गैस की कमी नहीं है, बल्कि ‘डिमांड और पैनिक’ के बीच का संतुलन बिगड़ गया है। अधिकारियों के आश्वासनों और रामनगर जैसे आंदोलनों के बीच जनता को यह समझना होगा कि पैनिक बुकिंग समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या की जड़ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इस 6 दिन के बैकलॉग को खत्म कर जनता को राहत दिला पाता है।

You Might Also Like

UP, उत्तराखंड समेत 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली में दशहरे पर भीगी रावण दहन की रात
नई दिल्ली : वो कानून जो डॉ मनमोहन सिंह के राज में लागू हुए थे जिससे करोड़ों लोगों को मिला फायदा
मेहनत और पैसा खर्च कर पत्नी को बनाया ग्राम प्रधान, पति को छोड़ बॉयफ्रेंड संग शुरू की प्रधानी
अब देख सकेंगे सैटलाइट से ली गई अपने घर की तस्वीर, ‘पिक्सल स्पेस’ ने किया ये संभव
ममता के खिलाफ टिप्पणी से BJP प्रत्याशी अभिजीत गंगोपाध्याय की बढ़ी मुश्किलें, चुनाव आयोग ने भेजा कारण बताओ नोटिस
TAGGED:Krishna Kumar Gupta IOCLRamnagar Gas DisputeUttarakhand Fuel SupplyUttarakhand LPG Booking RulesUttarakhand Petrol Pump Stock.
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद सात मोड़ पर प्रस्तावित पेड़ों के कटान पर लगी रोक, पर्यावरण प्रेमियों के संघर्ष को मिली बड़ी सफलता : मोहित उनियाल

The Hill India News
The Hill India News
July 18, 2026
लोकसभा में ‘38+4’ का गणित क्यों बना एनडीए की सबसे बड़ी चुनौती? महिला आरक्षण, वन नेशन-वन इलेक्शन और यूसीसी जैसे अहम विधेयकों पर टिकी नजर
भारत में आएंगे प्लास्टिक के नोट! RBI की नई तैयारी से बदलेगी करेंसी की तस्वीर, जानिए क्या होंगे फायदे और क्यों नहीं बंद होगी कागजी मुद्रा
“प्रकृति को बचाकर ही होगा सच्चा विकास” : देहरादून–ऋषिकेश मार्ग पर वृक्ष कटान के बीच पद्मश्री एवं पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी का बड़ा संदेश
पाकिस्तान-कुवैत रक्षा समझौते की तैयारी: सऊदी मॉडल पर बढ़ती रणनीतिक साझेदारी, ईरान संकट के बीच बदलेगा पश्चिम एशिया का शक्ति संतुलन?
गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट एक्सप्रेसवे बनेगा पूर्वी भारत की नई लाइफलाइन, दिल्ली-NCR से बिहार तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी का खुलेगा नया दौर
सोना ₹2,200 और चांदी ₹4,900 से ज्यादा सस्ती: क्या अभी खरीदारी का सही मौका है या कीमतों में आएगी और गिरावट? एक्सपर्ट्स ने बताया आगे का पूरा गणित
भारत ने रचा इतिहास: श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुआ पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’, अंतरिक्ष क्षेत्र में नए युग की शुरुआत
महाराष्ट्र में फिर गरमाई ‘राम बनाम हनुमान’ की सियासत: उद्धव ठाकरे के ‘राम रक्षा स्तोत्र’ और नवनीत राणा के ‘हनुमान चालीसा’ पाठ से तेज हुई राजनीतिक जंग
सिर्फ गाली देना ‘अश्लीलता’ नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने IPC की धारा 294 की सीमा तय करते हुए दिया बड़ा फैसला
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?