नई दिल्ली: देश के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के आसमान पर दस्तक दे चुका है। इसका सीधा असर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमालयी राज्यों में देखने को मिलेगा। विभाग ने विशेष रूप से दिल्ली में बारिश का अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मंगलवार और बुधवार को मौसम का मिजाज सबसे अधिक बिगड़ने का अनुमान है, जिससे तापमान में एक बार फिर गिरावट दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली-NCR: मंगलवार को ‘येलो अलर्ट’ और तेज हवाओं का अनुमान
राजधानी दिल्ली में शनिवार को बादलों की आवाजाही के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री नीचे गिरकर 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि देखी गई जो 20.7 डिग्री सेल्सियस रही। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
आईएमडी के अनुसार, मंगलवार की शाम दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आसमान में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है। स्काईमेट के विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और मध्य पाकिस्तान के ऊपर बन रहे चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह मौसमी बदलाव आ रहा है। राहत की बात यह है कि इस बारिश और तेज हवाओं के चलते दिल्ली की वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार हुआ है, जो शनिवार को ‘मध्यम’ श्रेणी (137) में दर्ज की गई।
हिमाचल और कश्मीर: ‘ऑरेंज अलर्ट’ के बीच बर्फबारी का तांडव
पहाड़ी राज्यों में कुदरत का कहर जारी है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। गोंडला और केलांग जैसे क्षेत्रों में कई सेंटीमीटर ताजा बर्फ जमा हो चुकी है, जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
शिमला मौसम केंद्र ने 7 और 8 अप्रैल के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में ओलावृष्टि के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चल सकता है। वहीं, कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में भारी बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी की चेतावनी दी गई है, जिससे भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।
राजस्थान में आंधी और ओलावृष्टि: किसानों की बढ़ी चिंता
मरुधरा में भी मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों में राजस्थान के कोटड़ा और करणपुर समेत कई इलाकों में मध्यम बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग में अभी भी आंधी-तूफान का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से 7 अप्रैल को जोधपुर और बीकानेर संभाग में एक नए और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की बात कही है। इसके चलते राज्य के उत्तरी और पूर्वी भागों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
अन्नदाताओं के लिए विशेष परामर्श
मौसम की इस अनिश्चितता ने उन किसानों के माथे पर बल डाल दिए हैं जिनकी फसलें खेतों में कटने के लिए तैयार हैं या मंडियों में खुले में रखी हैं। मौसम विभाग ने किसानों को सख्त हिदायत दी है कि:
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कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
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कृषि मंडियों और धान मंडियों में अनाज को तिरपाल या वाटरप्रूफ कवर से ढककर रखें।
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ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव को फिलहाल टाल दें।
तापमान का पूर्वानुमान
अगले तीन से चार दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली में बुधवार तक पारा लुढ़ककर 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को अप्रैल की शुरुआती गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है।



