
रुड़की/देहरादून: पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों में गहराते युद्ध के संकट ने न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर घरेलू जरूरतों की वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी को भी हवा दे दी है। उत्तराखंड में इसी ‘पैनिक सिचुएशन’ का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने रुड़की में एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए अवैध रूप से भंडारित 101 एलपीजी सिलेंडरों को बरामद किया है।
आपदा में अवसर तलाश रहे कालाबाजारी करने वाले
वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के कारण आम जनता के बीच रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। इसी स्थिति को अवसर मानकर कुछ बिचौलिए और दलाल गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण कर रहे हैं ताकि आने वाले समय में इन्हें ऊंचे दामों पर बेचा जा सके। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस और जिला प्रशासन की मुस्तैदी ने इन मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अंजाम दिया गया है। डीजीपी दीपम सेठ के सख्त निर्देशों के बाद, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी, जिसे पेशेवर अपराधियों और अवैध भंडारण करने वालों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
रुड़की के सिविल लाइंस में भारी छापेमारी
एसटीएफ को मुखबिरों के जरिए सूचना मिली थी कि रुड़की के साउथ सिविल लाइंस इलाके में घरेलू गैस सिलेंडरों का एक बड़ा जखीरा अवैध रूप से छिपाकर रखा गया है। सूचना पुख्ता होते ही एसटीएफ की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। मौके से कुल 101 एलपीजी गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिनमें से अधिकांश ‘इंद्रा गैस कंपनी’ के बताए जा रहे हैं।
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, “होटलों और ढाबों पर घरेलू सिलेंडरों को कमर्शियल उपयोग के लिए महंगे दामों पर बेचने की योजना थी। पुलिस की सक्रियता के कारण इस नेटवर्क का भंडाफोड़ हो सका।”
आरोपी फरार, विभाग ने शुरू की विधिक कार्रवाई
बरामद किए गए सभी सिलेंडरों को विधिक कार्यवाही पूरी करने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग (Food Supply Department) के सुपुर्द कर दिया गया है। जांच में सामने आया है कि यह अवैध भंडारण साउथ सिविल लाइन निवासी जयवीर नामक व्यक्ति द्वारा किया गया था। छापेमारी के दौरान आरोपी मौके पर मौजूद नहीं मिला, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आपदा या संकट की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ ‘गैंगस्टर एक्ट’ जैसी कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
बाजार में पैनिक और प्रशासन की अपील
खाड़ी संकट की वजह से आपूर्ति बाधित होने की अफवाहों ने बाजार में अस्थिरता पैदा की है। इसी का लाभ उठाकर जमाखोरों ने घरेलू गैस को व्यावसायिक क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर खपाना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस या खाद्य विभाग को सूचित करें।



