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LPG संकट के बीच समंदर से आई खुशखबरी, 94 हजार टन गैस के साथ भारत पहुँच रहे दो विशाल जहाज

नई दिल्ली/मुंद्रा: देश के कई हिस्सों में रसोई गैस (LPG) की किल्लत और वितरण केंद्रों पर लग रही लंबी कतारों के बीच केंद्र सरकार और भारतीय नौसेना के साझा प्रयासों से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से जारी भारत में LPG संकट की आहट और अफवाहों के बाजार को शांत करने के लिए समंदर के रास्ते गैस का एक विशाल भंडार भारत की सीमा में प्रवेश कर चुका है। लगभग 94 हजार मीट्रिक टन LPG से लदे दो अत्याधुनिक जहाज भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं, जो देश के ऊर्जा भंडार को नई संजीवनी प्रदान करेंगे।

मुंद्रा पोर्ट पर आज लंगर डालेगा पहला ‘राहत दूत’

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन दो जहाजों में से पहला जहाज आज ही गुजरात के कच्छ जिले स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुंद्रा पोर्ट पर पहुँच जाएगा। इस जहाज पर लदी गैस की खेप को तुरंत बॉटलिंग प्लांट्स तक पहुँचाने की योजना तैयार कर ली गई है। वहीं, दूसरा जहाज अप्रैल के प्रथम सप्ताह में भारत पहुँचेगा।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय नौसेना संभाल रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में बिना किसी व्यवधान के यह आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। 94 हजार मीट्रिक टन की यह विशाल खेप न केवल घरेलू आपूर्ति को सुचारू करेगी, बल्कि उन अफवाहबाजों के दावों की भी हवा निकाल देगी जो देश में ईंधन खत्म होने का डर फैला रहे हैं।

केरोसिन नियमों में बड़ी ढील: सरकार का ‘प्लान-बी’ तैयार

एक तरफ जहाँ गैस की नई खेप आ रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने एहतियात के तौर पर भारत में LPG संकट के प्रभाव को कम करने के लिए केरोसिन (मिट्टी का तेल) के इस्तेमाल को लेकर ऐतिहासिक रियायतें दी हैं। रविवार को जारी एक विशेष नोटिफिकेशन के मुताबिक, देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केरोसिन के वितरण नियमों को सरल बनाया गया है।

सरकार के नए दिशा-निर्देशों की मुख्य बातें:

  • पेट्रोल पंपों पर उपलब्धता: अगले 60 दिनों तक हर जिले के कम से कम दो चिन्हित पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा केवल सार्वजनिक क्षेत्र की तेल मार्केटिंग कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा संचालित पंपों पर मिलेगी।

  • भंडारण की सीमा: इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन का स्टॉक रखा जा सकेगा।

  • उपयोग पर स्पष्टता: सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस केरोसिन का उपयोग केवल खाना पकाने और रोशनी (Lighting) के लिए ही किया जा सकेगा।

  • लाइसेंस में छूट: वितरण को गति देने के लिए एजेंटों और डीलरों को कुछ तकनीकी लाइसेंसों से छूट दी गई है और टैंकरों से तेल उतारने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।

स्टॉक की कमी नहीं, ‘पैनिक बाइंग’ और कालाबाजारी बड़ी चुनौती

पेट्रोलियम मंत्रालय और सरकार के शीर्ष अधिकारी बार-बार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि देश में तेल और गैस का स्टॉक पर्याप्त है। वर्तमान में जो कतारें दिख रही हैं, वे असल कमी के बजाय ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) और जमाखोरों की सक्रियता का परिणाम हैं।

शहर-शहर सक्रिय कालाबाजारी गिरोह इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में भोपाल में खाद्य विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 59 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए, जिन्हें अवैध रूप से छिपाकर रखा गया था। इस मामले में 4 से 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, लखनऊ जैसे शहरों में पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य हो चुकी है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से अभी भी पुलिस की मौजूदगी में गैस सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है ताकि अराजकता न फैले।

रडार पर अफवाहबाज और गैंग्स

सरकार ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या समूह गैस संकट की झूठी खबरें फैलाएगा या सिलेंडरों की कालाबाजारी करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां किसी भी समय स्टॉक की जांच कर सकती हैं। केरोसिन और गैस के वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

विशेषज्ञों की राय: कब तक सामान्य होगी स्थिति?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आज मुंद्रा पोर्ट पर पहुँचने वाले जहाज से आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में तत्काल सुधार होगा। जैसे ही यह 94 हजार मीट्रिक टन गैस ग्रिड में शामिल होगी, वितरण केंद्रों पर दबाव कम हो जाएगा। मुंद्रा से टैंकरों के जरिए उत्तर और पश्चिम भारत के राज्यों को त्वरित सप्लाई दी जाएगी, जिससे अगले 48 से 72 घंटों के भीतर गैस की किल्लत पूरी तरह समाप्त होने की उम्मीद है।

भारत सरकार का यह सक्रिय रवैया और भारतीय नौसेना की सुरक्षा में आ रही गैस की खेप यह दर्शाती है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है। जनता को धैर्य रखने और केवल अधिकृत डीलरों से ही गैस लेने की सलाह दी गई है। भारत में LPG संकट अब अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही रसोई गैस की आपूर्ति हर घर में बिना किसी बाधा के सुचारू होगी।

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