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मनसे का रेलवे को ‘अल्टीमेटम’, कहा- 15 दिन में रत्नागिरी पैसेंजर बहाल करो, वरना नहीं चलेंगी UP-बिहार की ट्रेनें

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी आक्रामक कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली राज ठाकरे की पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने एक बार फिर कड़े तेवर दिखाए हैं। इस बार मनसे के निशाने पर भारतीय रेलवे प्रशासन है। मामला मुंबई से कोंकण को जोड़ने वाली ‘दादर-रत्नागिरी पैसेंजर’ ट्रेन से जुड़ा है। मनसे ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर इस ट्रेन सेवा को उसके पुराने स्वरूप (दादर तक) में बहाल नहीं किया गया, तो वे मुंबई से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन ठप कर देंगे।

विवाद की जड़: दादर से दिवा तक का सफर

यह पूरा विवाद दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन के रूट में किए गए बदलाव को लेकर है। दशकों से यह ट्रेन मुंबई के हृदय स्थल ‘दादर’ से सीधे रत्नागिरी के लिए चलती थी, जो कोंकण क्षेत्र के यात्रियों के लिए जीवनरेखा मानी जाती थी। हालांकि, कोरोना काल के बाद जब सेवाओं को पुनर्गठित किया गया, तो रेलवे ने इस ट्रेन का टर्मिनस दादर से हटाकर ठाणे जिले के दिवा स्टेशन पर स्थानांतरित कर दिया।

मनसे का आरोप है कि रेलवे ने बिना किसी ठोस कारण के यह बदलाव किया है। इस फैसले के कारण कोंकण जाने वाले हजारों यात्रियों को भारी असुविधा हो रही है। अब यात्रियों को दादर से सीधे ट्रेन पकड़ने के बजाय पहले लोकल ट्रेन से दिवा जाना पड़ता है और फिर वहां से रत्नागिरी पैसेंजर पकड़नी पड़ती है, जो बुजुर्गों और भारी सामान वाले परिवारों के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है।

’15 दिन का समय, वरना चक्का जाम’

मनसे के स्थानीय और वरिष्ठ नेताओं ने रेलवे प्रशासन को सौंपे अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि उनकी सहनशक्ति अब समाप्त हो चुकी है। पार्टी का कहना है कि वे पिछले लंबे समय से इस मांग को लेकर शांतिपूर्ण पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंग रही है।

MNS vs Railway के इस नए अध्याय में पार्टी ने सीधे तौर पर उत्तर भारतीय राज्यों की ट्रेनों को ढाल बनाया है। मनसे पदाधिकारियों का कहना है, यदि प्रशासन कोंकण के लोगों की सुविधा का ध्यान नहीं रख सकता, तो हम मुंबई से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को भी चलने नहीं देंगे।

कोंकण बनाम उत्तर भारत: राजनीतिक मायने

मनसे का यह रुख एक बार फिर ‘मराठी मानुष’ और क्षेत्रीय अस्मिता की राजनीति को हवा दे रहा है। गौरतलब है कि राज ठाकरे की पार्टी अक्सर उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषा के प्रभुत्व के विरोध के कारण सुर्खियों में रहती है। रत्नागिरी पैसेंजर के मुद्दे को UP-बिहार की ट्रेनों से जोड़ना, पार्टी की उसी पुरानी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे वह अपने मुख्य वोट बैंक (मराठी भाषी) को एकजुट कर सके।

मनसे का तर्क है कि रेलवे प्रशासन अन्य राज्यों के लिए नई ट्रेनें शुरू कर रहा है और मौजूदा सेवाओं को विस्तार दे रहा है, लेकिन भूमिपुत्रों के लिए दशकों से चल रही एक महत्वपूर्ण सेवा को छोटा (Truncate) कर दिया गया है। पार्टी इसे कोंकण के लोगों के साथ सीधा ‘अन्याय’ करार दे रही है।

यात्रियों की परेशानी और आंदोलन की आहट

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि दिवा स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और वहां से पैसेंजर ट्रेन पकड़ना काफी जोखिम भरा होता है। दादर एक सेंट्रल हब है, जहां पहुंचना मुंबई के किसी भी कोने से आसान है। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक की भीड़ (Congestion) का हवाला देते हुए इस ट्रेन को दिवा शिफ्ट किया था, लेकिन मनसे इस तर्क को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।

पार्टी नेताओं के अनुसार:

“रेलवे ने कोरोना के बहाने इस ट्रेन को दादर से छीना है। बार-बार निवेदन के बावजूद हमारी उपेक्षा की गई। अब निवेदन नहीं, आंदोलन होगा। 15 से 20 दिनों का समय प्रशासन के पास है, इसके बाद जो भी स्थिति पैदा होगी, उसकी जिम्मेदारी रेल मंत्रालय की होगी।”

रेलवे प्रशासन की चुप्पी और चुनौतियां

फिलहाल, मध्य रेलवे (Central Railway) के अधिकारियों ने इस अल्टीमेटम पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि दादर स्टेशन पर प्लेटफार्मों की कमी और टर्मिनेटिंग ट्रेनों के बढ़ते दबाव के कारण पैसेंजर ट्रेनों को बाहरी स्टेशनों पर शिफ्ट किया जा रहा है। लेकिन मनसे की इस आक्रामक चेतावनी ने सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे पुलिस (RPF/GRP) की चिंता बढ़ा दी है।

आने वाले दो सप्ताह मुंबई की रेल व्यवस्था के लिए अत्यंत संवेदनशील होने वाले हैं। यदि रेलवे प्रशासन और मनसे के बीच कोई बीच का रास्ता नहीं निकलता है, तो इसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ेगा, विशेषकर उन लोगों पर जो छुट्टियों के सीजन में UP और बिहार की यात्रा करने वाले हैं। MNS vs Railway की यह जंग अब प्रशासनिक गलियारों से निकलकर पटरियों पर आने को तैयार दिख रही है।

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