नई दिल्ली: होली के बाद एक बार फिर उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए दो क्रमिक पश्चिमी विक्षोभों (Western Disturbances) के कारण मैदानी इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। इसके चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक झमाझम बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने वाला है।
दिल्ली-एनसीआर में तीन दिनों का ‘येलो अलर्ट’
देश की राजधानी में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। Rain Alert in Delhi NCR के तहत मौसम विभाग ने 26 मार्च से लेकर 29 मार्च के बीच रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है।
-
26 मार्च: गुरुवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। दोपहर बाद या शाम को गरज-चमक के साथ मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
-
27 मार्च: शुक्रवार को भी बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहेगा। तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से हल्की राहत मिलेगी।
-
29 मार्च: शनिवार को मौसम थोड़ा साफ रहने के बाद रविवार (29 मार्च) को एक बार फिर बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश दिल्ली-एनसीआर के मौसम को खुशनुमा बना देगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में आंधी का संकट
हिमालयी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में इस पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी (Snowfall) और निचले इलाकों में बारिश का अनुमान है।
उत्तराखंड में 27 मार्च को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। यहां 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं और बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 26 मार्च के साथ-साथ 28 से 30 मार्च के बीच भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तर प्रदेश और पंजाब-हरियाणा का हाल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी अंचलों तक मौसम विभाग ने बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। 27 मार्च को उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 26 मार्च को मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा। यहां तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका जताई जा रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि तेज हवाएं और बारिश खड़ी फसलों को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
मध्य भारत और महाराष्ट्र में भी दिखेगा असर
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। मध्य भारत के राज्यों में भी प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं:
-
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 और 28 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश होगी। वहीं, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 26-27 मार्च को बरसात का अलर्ट है।
-
महाराष्ट्र: मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में 24 से 26 मार्च के बीच बिजली गिरने (Lightening) और हल्की बारिश की चेतावनी दी गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम की स्थिति
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में 24 से 28 मार्च के बीच मौसम काफी उग्र रह सकता है। यहां तेज मानसूनी हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
क्षेत्रवार बारिश का कैलेंडर (IMD के अनुसार):
| तिथि | प्रभावित क्षेत्र | मौसम का प्रकार |
| 26-27 मार्च | दिल्ली, छत्तीसगढ़, विदर्भ, पंजाब, हरियाणा | बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं |
| 27-28 मार्च | पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश | मध्यम बारिश और बिजली चमकना |
| 28-30 मार्च | जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश | भारी बारिश और बर्फबारी |
| 29-30 मार्च | उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर | हल्की बारिश और बादल छाए रहना |
| 24-28 मार्च | पूर्वोत्तर भारत, मराठवाड़ा | गरज के साथ छींटे |
विशेषज्ञों की राय और सावधानी
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च के अंत में आने वाले ये पश्चिमी विक्षोभ सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन इस बार इनकी तीव्रता थोड़ी अधिक देखी जा रही है। Rain Alert in Delhi NCR के बीच बिजली कड़कने के दौरान लोगों को खुले पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है।
यात्रियों को विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी और बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ जाता है।
आने वाले चार-पांच दिन पूरे उत्तर और मध्य भारत के लिए मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव वाले रहेंगे। जहां एक ओर तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं से जान-माल के नुकसान का खतरा भी बना रहेगा। मौसम की पल-पल की जानकारी के लिए स्थानीय मौसम केंद्र के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।



