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उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड: मंगलवार को CSB की बड़ी बैठक, इन IFS अधिकारियों को मिल सकती है नई जिम्मेदारी

The Hill India News
Last updated: March 24, 2026 2:45 am
The Hill India News
Published: March 24, 2026
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देहरादून | उत्तराखंड के गलियारों में पिछले काफी समय से चर्चा का विषय बनी भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की तबादला प्रक्रिया अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। वन विभाग के भीतर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति जल्द ही समाप्त होने वाली है। शासन स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड वन विभाग तबादला प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए सिविल सर्विस बोर्ड (CSB) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को आहूत की गई है। इस बैठक में उन नामों पर अंतिम मुहर लगेगी, जो पिछले कई हफ्तों से चर्चाओं और कयासों के केंद्र में बने हुए हैं।

Contents
प्रशासनिक संतुलन साधने की चुनौतीइन दिग्गजों की तैनाती पर टिकी हैं निगाहेंमुख्यालय में होगा फेरबदल, फील्ड में फिलहाल यथास्थितिपीसीसीएफ स्तर पर भी दिख सकते हैं बदलावकार्यकुशलता और पारदर्शिता की उम्मीद

प्रशासनिक संतुलन साधने की चुनौती

उत्तराखंड जैसे वन-संपदा से धनी राज्य में वन विभाग की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। हालांकि, पिछले कुछ समय से विभाग के भीतर एक अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई थी। एक ओर जहां कई महत्वपूर्ण पद रिक्त चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग के कई काबिल और वरिष्ठ अधिकारी बिना किसी स्थाई जिम्मेदारी (वेटिंग) के मुख्यालय में समय काट रहे हैं। इस विसंगति के कारण न केवल विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे थे, बल्कि अधिकारियों के मनोबल पर भी इसका असर दिख रहा था।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इसी असंतुलन को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर एक व्यापक ‘होमवर्क’ किया गया है। मंगलवार को होने वाली बैठक में तैयार किए गए प्रस्ताव को लगभग जस का तस स्वीकार किए जाने की संभावना है, जिससे अधिकारियों की नई तैनाती का मार्ग प्रशस्त होगा।

इन दिग्गजों की तैनाती पर टिकी हैं निगाहें

इस तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा उन अधिकारियों की है जो प्रतिनियुक्ति (Deputation) से वापस लौटे हैं। शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (APCCF) स्तर के वरिष्ठ अधिकारी सुरेंद्र मेहरा, संरक्षण (CF) स्तर के अधिकारी चंद्रशेखर सनवाल और नीतू लक्ष्मी की वापसी के बाद से ही उन्हें उपयुक्त जिम्मेदारी देने का दबाव था।

सुरेंद्र मेहरा जैसे अनुभवी अधिकारी की तैनाती विभाग के किसी महत्वपूर्ण विंग में होना लगभग तय माना जा रहा है। इसी प्रकार, लंबे समय से तैनाती का इंतजार कर रहे IFS अधिकारी विनय भार्गव के नाम पर भी इस बैठक में गंभीरता से विचार होगा। विभाग के भीतर चर्चा है कि इन अधिकारियों को उनकी वरिष्ठता और विशेषज्ञता के अनुरूप महत्वपूर्ण प्रभार सौंपे जा सकते हैं।

मुख्यालय में होगा फेरबदल, फील्ड में फिलहाल यथास्थिति

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की तबादला सूची ‘बड़े पैमाने’ पर होने के बजाय ‘रणनीतिक’ अधिक होगी। विभाग का मुख्य फोकस फिलहाल मुख्यालय स्तर पर अटकी फाइलों को गति देना है। इसके तहत कैंपा (CAMPA), प्रशासन, और मानव संसाधन जैसे विभागों में स्थाई नियुक्तियां की जा सकती हैं।

वर्तमान में कैंपा और प्रशासन जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं में अधिकारियों के पास अतिरिक्त प्रभार हैं, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हो गई है। बोर्ड की बैठक में इन पदों पर पूर्णकालिक अधिकारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक स्थिरता लाने की कोशिश की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर फील्ड पोस्टिंग, विशेषकर प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) स्तर पर फिलहाल बड़े बदलावों के संकेत नहीं हैं। विभाग का मानना है कि वनाग्नि काल और आगामी सीजन को देखते हुए फील्ड में स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है।

पीसीसीएफ स्तर पर भी दिख सकते हैं बदलाव

सिर्फ निचले या मध्यम स्तर ही नहीं, बल्कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) स्तर के कुछ पदों पर भी प्रभार की व्यवस्था को समाप्त कर स्थाई नियुक्तियां देने पर विचार चल रहा है। शासन की मंशा है कि नीतिगत निर्णयों में पारदर्शिता और निरंतरता बनी रहे, जो केवल स्थाई नियुक्तियों के माध्यम से ही संभव है।

कार्यकुशलता और पारदर्शिता की उम्मीद

मंगलवार को होने वाली CSB की बैठक केवल अधिकारियों के नाम तय नहीं करेगी, बल्कि यह उत्तराखंड के वनों और वन्यजीव प्रबंधन के भविष्य की रूपरेखा भी तय करेगी। उत्तराखंड वन विभाग तबादला प्रक्रिया के पूर्ण होते ही यह उम्मीद की जा रही है कि विभाग में अटके हुए कई प्रोजेक्ट्स और नीतिगत फैसलों में तेजी आएगी।

अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने से जहां प्रशासनिक ढांचा मजबूत होगा, वहीं बिना जिम्मेदारी के बैठे अधिकारियों की ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग हो सकेगा। अब सबकी नजरें मंगलवार की शाम पर टिकी हैं, जब इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद तबादला सूची आधिकारिक रूप से जारी हो सकती है।

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