देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और आध्यात्मिक गुरु सतपाल महाराज की अचानक तबीयत बिगड़ने से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। बुधवार देर शाम स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं के चलते उन्हें तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। वर्तमान में डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।
अचानक बिगड़ा स्वास्थ्य: शुगर लेवल और सांस की समस्या
मिली जानकारी के अनुसार, सतपाल महाराज को बुधवार शाम को अचानक असहजता महसूस हुई। मंत्री के कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उन्हें हाई शुगर (मधुमेह) की शिकायत के साथ-साथ सांस लेने में कठिनाई (Breathing Difficulty) महसूस हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बिना देरी किए एम्स ऋषिकेश ले जाया गया।
अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उनकी प्रारंभिक जांच की और शुगर लेवल अनियंत्रित होने के कारण उन्हें तुरंत भर्ती करने का निर्णय लिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि हाई शुगर की स्थिति में अंगों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत आना स्वाभाविक है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एम्स पहुंचकर की मुलाकात
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को ऋषिकेश पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सीधे एम्स के वार्ड में जाकर सतपाल महाराज से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। सीएम धामी ने काफी समय अस्पताल में बिताया और महाराज जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान एम्स के वरिष्ठ डॉक्टरों और संस्थान के निदेशक से भी वार्ता की। उन्होंने डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और मंत्री को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी जनता को आश्वस्त किया कि महाराज जी की स्थिति अब स्थिर है।
कैसी है वर्तमान स्थिति? डॉक्टरों की रिपोर्ट
एम्स ऋषिकेश की ओर से जारी मेडिकल अपडेट के अनुसार, सतपाल महाराज की स्थिति फिलहाल स्थिर और सामान्य बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनके विभिन्न स्वास्थ्य मानकों (Health Parameters) की नियमित मॉनिटरिंग कर रही है।
अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया, “सतपाल महाराज जी को जब लाया गया था, तब उनका शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ था, जिसका असर उनके श्वसन तंत्र पर भी दिख रहा था। अब दवाइयों और उपचार के बाद शुगर नियंत्रण में है। हालांकि, एहतियात के तौर पर उन्हें कुछ दिन और अस्पताल में ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा ताकि भविष्य में कोई जटिलता (Complications) पैदा न हो।”
राजनीतिक हलकों में चिंता और समर्थकों की दुआएं
सतपाल महाराज उत्तराखंड की राजनीति के एक कद्दावर स्तंभ हैं। वह धामी सरकार में लोक निर्माण विभाग (PWD), पर्यटन, संस्कृति और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके बीमार होने की खबर फैलते ही राज्य के अन्य मंत्रियों, विधायकों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में चिंता की लहर दौड़ गई।
सोशल मीडिया पर उनके अनुयायियों और शुभचिंतकों द्वारा उनके दीर्घायु होने और जल्द स्वस्थ होकर काम पर लौटने के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं। उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से लोग उनकी सेहत का अपडेट लेने के लिए देहरादून और ऋषिकेश स्थित उनके कार्यालयों में संपर्क कर रहे हैं।
एक अनुभवी राजनेता और आध्यात्मिक व्यक्तित्व
सतपाल महाराज केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि एक विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु भी हैं। उत्तराखंड के विकास, विशेषकर पर्यटन और चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनकी कार्यकुशलता और अनुभव का लाभ वर्तमान धामी सरकार को लगातार मिल रहा है।
फिलहाल, एम्स प्रशासन ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है और मिलने वालों की संख्या पर भी सीमित पाबंदी लगाई गई है ताकि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो सके। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 2-3 दिनों में स्वास्थ्य मानकों के पूरी तरह सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।



