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देहरादून: डीएम सविन बंसल के ‘जनता दर्शन’ में उमड़ा जनसैलाब, संवेदनशीलता और त्वरित न्याय की दिखी मिसाल; 170 मामलों का हुआ निस्तारण

देहरादून: मुख्यमंत्री के ‘जन सेवा के संकल्प’ को धरातल पर उतारते हुए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक बार फिर प्रशासनिक संवेदनशीलता की नई परिभाषा लिखी है। सोमवार, 09 मार्च 2026 को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम महज एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि न्याय का वह द्वार साबित हुआ जहां समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को तत्काल समाधान मिला।

कार्यक्रम में उमड़े फरियादियों के हुजूम के बीच जिलाधिकारी ने कुल 170 शिकायतों को सुना और अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर अधिकारियों को सख्त लहजे में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

मानवता की मिसाल: विधवा का बिल माफ और मासूम की रुकी परीक्षा बहाल

जनता दर्शन में कुछ ऐसे मामले सामने आए जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।

  • फीस के अभाव में नहीं रुकेगी परीक्षा: बंजारावाला निवासी कल्पना ने रोते हुए बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उनकी बेटी विदुषी की स्कूल फीस जमा नहीं हो पाई है, जिसके कारण स्कूल प्रबंधन उसे कक्षा 6 की परीक्षा में बैठने से रोक रहा है। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत मुख्य शिक्षा अधिकारी को आदेश दिया कि छात्रा को हर हाल में परीक्षा में बैठाया जाए। साथ ही, जिला कार्यक्रम अधिकारी को ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत छात्रा की फीस भरने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

  • विधवा अरुणा को मिली बड़ी राहत: राजीव नगर निवासी अरुणा, जिनके पति की मृत्यु 2008 में हो गई थी, मजदूरी कर परिवार चलाती हैं। उन्हें जल संस्थान द्वारा ₹34,395 का भारी-भरकम बिल थमाया गया था। डीएम सविन बंसल ने न केवल बिल के सैटलमेंट के निर्देश दिए, बल्कि सैटलमेंट की शेष धनराशि का भुगतान जिला प्रशासन के रायफल फंड से करने की स्वीकृति देकर एक मिसाल पेश की।

‘गुंडा एक्ट’ और ‘भरण-पोषण अधिनियम’ का प्रहार: लाचार बुजुर्गों को मिला सहारा

समाज में गिरते नैतिक मूल्यों और बुजुर्गों के प्रति बढ़ती क्रूरता के दो गंभीर मामले भी डीएम कोर्ट के सामने आए:

  1. नशेड़ी बेटे पर गुंडा एक्ट: गढ़ीकैंट निवासी एक 67 वर्षीय बुजुर्ग, जो हाल ही में हार्ट सर्जरी से उबरे हैं, ने बताया कि उनका पुत्र नशे की लत के कारण घर में आतंक मचाता है। जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी पुत्र के विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत वाद दर्ज करने का आदेश दिया।

  2. प्रताड़ित बुजुर्ग दंपति: धर्मपुर के एक बुजुर्ग दंपति ने अपनी पुत्रवधू द्वारा दी जा रही मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की शिकायत की। डीएम ने तत्काल भरण-पोषण अधिनियम (Maintenance Act) के तहत वाद दर्ज कराया और अधिकारियों को जल्द फैसला सुनिश्चित करने को कहा।

पीएमजीएसवाई अधिकारियों से मौके पर लिखवाई निस्तारण तिथि

प्रशासनिक शिथिलता के खिलाफ डीएम का कड़ा रुख तब दिखा जब चकराता के ग्राम कांडोई निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 से सड़क निर्माण के मलबे से उनकी कृषि भूमि और नहर क्षतिग्रस्त है और ₹5.04 लाख का मुआवजा अब तक नहीं मिला है।

डीएम बंसल ने कलेक्ट्रेट में मौजूद PMGSY के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और उनसे मौके पर ही निस्तारण की लिखित तिथि लिखवाई। अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि 12 मार्च 2026 तक समस्या का पूर्ण समाधान कर दिया जाएगा।

रायफल फंड और सरकारी योजनाओं से आर्थिक संबल

आर्थिक रूप से टूटे हुए परिवारों के लिए ‘रायफल फंड’ एक संजीवनी की तरह सामने आया:

  • शमशाद का उपचार: वर्ष 2023 में दुर्घटना का शिकार हुए बल्लूपुर निवासी शमशाद को आर्थिक मदद के साथ-साथ वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति दी गई।

  • दिव्यांग बच्चे को सहारा: खुड़बुड़ा निवासी सरिता गोयल के दिव्यांग पुत्र के उपचार के लिए स्पॉन्सरशिप योजना के तहत ₹4,000 प्रतिमाह की सहायता मंजूर की गई।

मुख्यमंत्री के ‘जन सेवा संकल्प’ से प्रेरित एक्शन

जिलाधिकारी सविन बंसल ने उपस्थित अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा कि जनता दर्शन में आने वाले असहाय, बुजुर्ग और जरूरतमंद लोगों की शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर संवेदनशीलता के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा, “प्रशासन का उद्देश्य केवल फाइलें निपटाना नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है।”

उन्होंने यह भी आदेश दिया कि हर प्रकरण की प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय के साथ-साथ सीधे शिकायतकर्ता को भी भेजी जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक में मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी

इस प्रभावी जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह और उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी सहित जनपद के सभी महत्वपूर्ण विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।


जनता दर्शन 09 मार्च 2026: एक नज़र में

शिकायतकर्ता समस्या डीएम का निर्णय/एक्शन
विदुषी (छात्रा) स्कूल फीस का संकट फीस भुगतान और परीक्षा में बैठने की अनुमति
विधवा अरुणा ₹34,395 का पानी बिल रायफल फंड से भुगतान और बिल सैटलमेंट
अनिल कुमार नहर क्षति (2017 से लंबित) 12 मार्च तक निस्तारण की लिखित गारंटी
बुजुर्ग (गढ़ीकैंट) बेटे द्वारा प्रताड़ना गुंडा एक्ट में वाद दर्ज
बुजुर्ग दंपति बहू द्वारा उत्पीड़न भरण-पोषण एक्ट के तहत कार्रवाई

देहरादून जिला प्रशासन का यह ‘जनता दर्शन’ मॉडल अन्य जनपदों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। डीएम सविन बंसल द्वारा लिए गए त्वरित निर्णय यह सुनिश्चित करते हैं कि लोकतंत्र में जनता की आवाज ही सर्वोपरि है।

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