रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के मुख्यालय रुद्रपुर से एक रूहानी को कपा देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निजी फाइनेंस कंपनी के वसूली एजेंट (रिकवरी एजेंट) ने कथित तौर पर किश्त जमा करने के बहाने एक महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पीड़िता के पति की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
यह मामला न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि निजी फाइनेंस कंपनियों के वसूली एजेंटों के चरित्र और उनकी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
विश्वास के नाम पर विश्वासघात: क्या है पूरी घटना?
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, मामला एक छोटे से लोन की किश्त से शुरू हुआ था। पीड़िता के पति ने बताया कि उसने अपनी घरेलू जरूरतों के लिए एक निजी फाइनेंस कंपनी से ऋण लिया था। इस ऋण की मासिक किश्त 1,320 रुपये तय की गई थी। आरोपी एजेंट, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली का निवासी बताया जा रहा है, पिछले तीन महीनों से लगातार पीड़ित के घर आकर किश्त वसूल रहा था।
किश्त के नियमित भुगतान और बार-बार घर आने के कारण परिवार ने उस पर भरोसा करना शुरू कर दिया था, लेकिन इसी भरोसे की आड़ में आरोपी एक घिनौनी साजिश रच रहा था।
पति की गैरमौजूदगी का उठाया फायदा
पीड़ित पति के मुताबिक, घटना 2 फरवरी 2026 की है। उस दिन वह काम के सिलसिले में घर से बाहर गया हुआ था। घर में महिला अकेली थी। आरोप है कि वसूली एजेंट किश्त लेने के बहाने घर पहुंचा। जब उसे पता चला कि महिला का पति घर पर नहीं है, तो उसने महिला को बहला-फुसलाकर काशीपुर रोड स्थित एक होटल में चलने को राजी कर लिया।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि होटल के कमरे में आरोपी ने महिला की मर्जी के खिलाफ उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, दुष्कर्म करने के बाद आरोपी ने पीड़ित महिला को मुंह बंद रखने की धमकी भी दी। उसने डराते हुए कहा कि यदि इस बारे में किसी को बताया तो परिणाम बेहद घातक होंगे।
मानसिक तनाव और मामले का खुलासा
घटना के बाद से ही पीड़िता गहरे मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में चली गई थी। वह घर में गुमसुम रहने लगी और किसी से बात नहीं कर रही थी। जब पति ने अपनी पत्नी के व्यवहार में आए इस अचानक बदलाव को देखा और बार-बार दबाव डालकर तनाव का कारण पूछा, तो पीड़िता फूट-फूट कर रोने लगी और उसने अपने साथ हुई आपबीती सुनाई।
जैसे ही सच सामने आया, पति के होश उड़ गए। उसने तुरंत कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही आरोपी वसूली एजेंट फरार है। उसने किश्त के लिए फोन करना बंद कर दिया है और उसका मोबाइल नंबर भी लगातार बंद आ रहा है।
पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्य संकलन
मामले की गंभीरता को देखते हुए रुद्रपुर पुलिस अलर्ट मोड पर है। रुद्रपुर कोतवाली के एसएसआई अनिल कुमार जोशी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु:
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महिला पुलिस टीम की जांच: पीड़िता के बयानों और घटनास्थल के निरीक्षण के लिए महिला पुलिस कर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई है।
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सीसीटीवी सर्विलांस: काशीपुर रोड स्थित उस होटल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जहां महिला को ले जाने का दावा किया गया है।
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कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR): आरोपी के मोबाइल नंबर और उसकी लोकेशन का पता लगाने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही है।
एसएसआई अनिल कुमार जोशी ने कहा, “मामला अत्यंत गंभीर है। महिला के साथ हुई इस घटना में निष्पक्ष जांच की जा रही है। होटल के रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज से यह साफ हो जाएगा कि आरोपी और पीड़िता वहां पहुंचे थे या नहीं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
रिकवरी एजेंटों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
रुद्रपुर की इस घटना ने एक बार फिर बैंकों और फाइनेंस कंपनियों द्वारा नियुक्त किए जाने वाले थर्ड पार्टी रिकवरी एजेंटों की भूमिका को संदिग्ध बना दिया है। अक्सर देखा जाता है कि ये एजेंट वसूली के लिए ग्राहकों पर दबाव बनाते हैं, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब किसी एजेंट पर इस तरह के गंभीर आपराधिक कृत्य का आरोप लगा हो।
क्षेत्र के निवासियों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फाइनेंस कंपनियों को अपने कर्मचारियों और एजेंटों का पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) अनिवार्य रूप से करवाना चाहिए ताकि इस तरह के असामाजिक तत्वों को घर-घर तक पहुंचने से रोका जा सके।
कानून के तहत कार्रवाई और आगे की राह
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और जल्द ही कोर्ट में उसके धारा 164 (CRPC) के तहत बयान दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस बरेली स्थित आरोपी के ठिकाने पर भी दबिश देने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होटल प्रबंधन ने बिना उचित पहचान पत्र या संदिग्ध गतिविधि के बावजूद कमरा उपलब्ध कराया है, तो उन पर भी कानूनी गाज गिर सकती है।
रुद्रपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अजनबी या बाहरी व्यक्ति पर अत्यधिक भरोसा न करें और यदि कोई डराता या धमकाता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।



