रुद्रपुर (उधम सिंह नगर)। उत्तराखंड में नशा माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अब धरातल पर प्रचंड रूप धारण कर रही है। रुद्रपुर में नशा तस्करी के साथ-साथ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने वाले कुख्यात तस्कर नाजिम के खिलाफ प्रशासन ने अपनी घेराबंदी तेज कर दी है। ताजा घटनाक्रम में, रुद्रपुर नगर निगम ने नाजिम के आवास को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अपराधियों और नशा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
15 दिनों के भीतर मांगे गए दस्तावेज, वरना गरजेगा बुल्डोजर
रुद्रपुर नगर निगम द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि नाजिम और उसके परिजनों को अगले 15 दिनों के भीतर अपने आवास के वैध दस्तावेज, रजिस्ट्री और स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत करने होंगे। जानकारी के अनुसार, यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब या मालिकाना हक से जुड़े पुख्ता कागजात पेश नहीं किए गए, तो प्रशासन बिना किसी पूर्व सूचना के अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर देगा।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह संपत्ति सरकारी भूमि या नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई प्रतीत होती है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त जांच के बाद अब बुल्डोजर की कार्रवाई के लिए जमीन तैयार की जा रही है।
पुलिस पर हमला और मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
गौरतलब है कि रुद्रपुर नशा तस्कर नाजिम लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी के काले कारोबार में लिप्त था। हाल ही में पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान नाजिम और उसके गुर्गों ने वर्दीधारी पुलिसकर्मियों पर हमला करने का दुस्साहस भी किया था। पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए न केवल आपराधिक मुकदमे दर्ज किए, बल्कि उसकी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति: अपराधियों पर शिकंजा
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड को नशामुक्त उत्तराखंड बनाने का संकल्प मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जो कोई भी कानून को हाथ में लेगा या युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में ‘धाकड़ धामी’ की सरकार काम कर रही है। नशा माफिया समाज के लिए कलंक हैं। हमने पहले भी कई अपराधियों के अवैध ठिकानों पर बुल्डोजर चलाया है और नाजिम जैसे अपराधियों के खिलाफ भी यही कड़ा रुख अपनाया जाएगा।” — विकास शर्मा, महापौर, रुद्रपुर
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
महापौर ने आगे कहा कि नशा तस्करी केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को बर्बाद करने की एक साजिश है। नाजिम जैसे अपराधी न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि वे समाज की जड़ों को खोखला कर रहे हैं। पुलिसकर्मियों पर हमला करना इस बात का प्रमाण है कि इन अपराधियों के मन में कानून का कोई भय नहीं रह गया था, जिसे अब बहाल किया जा रहा है।
प्रशासन का मानना है कि नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना ही इस समस्या का स्थाई समाधान है। इसी रणनीति के तहत रुद्रपुर नगर निगम और स्थानीय पुलिस अब ऐसे सभी संदिग्ध निर्माणों की सूची तैयार कर रही है जो नशा माफियाओं के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं।
रुद्रपुर में पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
यह पहला मामला नहीं है जब रुद्रपुर में अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुल्डोजर चला हो। इससे पहले भी प्रशासन ने कई गैंगस्टर और ड्रग तस्करों के अवैध गोदामों और घरों को जमींदोज किया है। महापौर विकास शर्मा ने स्पष्ट किया कि “नशा माफियाओं के लिए रुद्रपुर में कोई जगह नहीं है। शहर को नशा मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक अंतिम तस्कर सलाखों के पीछे न पहुंच जाए।”
कानून का राज और जनता का समर्थन
प्रशासन की इस सक्रियता को स्थानीय जनता का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। नागरिकों का कहना है कि नशा तस्करी के कारण शहर का माहौल खराब हो रहा था और पुलिस पर हमले की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। अब बुल्डोजर की चेतावनी ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं।
रुद्रपुर में नशा तस्कर नाजिम के खिलाफ यह कार्रवाई अन्य अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है। उत्तराखंड सरकार की सख्त छवि और नगर निगम की सक्रियता यह साफ करती है कि देवभूमि में अब ‘अपराध की कमाई’ से खड़े किए गए महलों को ढहने से कोई नहीं रोक सकता। 15 दिन बाद होने वाली संभावित कार्रवाई पर पूरे शहर की नजरें टिकी हुई हैं।



