फीचर्डमौसम

उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी: दिल्ली में 13 साल का रिकॉर्ड टूटा, राजस्थान में पारा शून्य से नीचे; जानें कब मिलेगी राहत

नई दिल्ली/जयपुर। उत्तर भारत के राज्यों में इस समय कुदरत का कड़ाके की सर्दी जारी है। कड़ाके की सर्दी और बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर राजस्थान के रेगिस्तान और पंजाब-हरियाणा के मैदानों तक, समूचा उत्तर भारत इस समय ‘कोल्ड वेव’ (शीत लहर) की चपेट में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अगले 48 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली में टूटे रिकॉर्ड: आयानगर और पालम में जमी बर्फ जैसी ठंड

देश की राजधानी दिल्ली में इस सीजन की सबसे भीषण शीत लहर दर्ज की गई है। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात दिल्लीवासियों के लिए ‘कांपने वाली’ साबित हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के आयानगर स्टेशन पर न्यूनतम तापमान गिरकर महज 2.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी कम है।

सबसे चौंकाने वाले आंकड़े पालम स्टेशन से सामने आए हैं, जहां पिछले 13 वर्षों का रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया है। पालम में पारा 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम है। बर्फीली हवाओं के कारण ‘फील लाइक’ तापमान (महसूस होने वाली ठंड) इससे भी कहीं अधिक दर्ज किया गया।

राजस्थान में ‘माइनस’ की मार: ओस की बूंदें बनीं बर्फ

राजस्थान में ठंड का आलम यह है कि रेगिस्तानी राज्य अब पहाड़ी इलाकों जैसी ठंड का अहसास करा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे (माइनस में) चला गया है।

  • प्रतापगढ़: यहां न्यूनतम तापमान शून्य से 2 डिग्री नीचे (-2°C) दर्ज किया गया।

  • बाड़मेर: रेगिस्तानी जिले में पारा शून्य से 1 डिग्री नीचे (-1°C) पहुंच गया।

  • पिलानी और सीकर: इन क्षेत्रों में भी पारा 1 से 2 डिग्री के बीच झूल रहा है।

हालात ये हैं कि सुबह के समय खेतों में खड़ी फसलों और गाड़ियों के शीशों पर ओस की बूंदें जमी हुई दिखाई दे रही हैं। जयपुर में भी रविवार की सुबह 9.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ काफी सर्द रही। राजस्थान में कड़ाके की सर्दी के कारण प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया है।

पंजाब और हरियाणा: ‘जमाव बिंदु’ के करीब पहुंचा पारा

पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में भी स्थिति भयावह बनी हुई है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों को ‘फ्रीजर’ बना दिया है।

  • पंजाब का बठिंडा 1.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

  • हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

भीषण ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने यातायात की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। पंजाब और हरियाणा के कई हाईवे पर विजिबिलिटी (दृश्यता) 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं और हवाई उड़ानों पर भी असर पड़ा है।

क्यों पड़ रही है इतनी ठंड? मौसम विभाग का विश्लेषण

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी राज्यों—उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर—में हो रही भारी बर्फबारी के कारण वहां से चलने वाली ठंडी और शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं सीधे मैदानी इलाकों की ओर रुख कर रही हैं। इन बर्फीली हवाओं के मार्ग में कोई अवरोध न होने के कारण दिल्ली, राजस्थान और पंजाब में कड़ाके की सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है।

“अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में शीत लहर की स्थिति बनी रहेगी। घने कोहरे के कारण सुबह और रात के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। IMD स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।” — वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक, IMD

आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर

इस भीषण ठंड ने न केवल यातायात बल्कि आम लोगों की सेहत पर भी बुरा असर डाला है। अस्पतालों में सांस के मरीजों और हृदय रोगियों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस भीषण शीत लहर के दौरान बुजुर्ग और बच्चे विशेष सावधानी बरतें और केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।

राजधानी दिल्ली में बेघर लोगों के लिए बनाए गए ‘नाइट शेल्टर्स’ (रैन बसेरे) फुल नजर आ रहे हैं। सड़कों के किनारे रहने वाले लोग अलाव जलाकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

आगे क्या? अगले 48 घंटों का अनुमान

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अभी ठंड से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अगले दो दिनों तक दिल्ली, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में ‘कोल्ड डे’ से लेकर ‘सीवियर कोल्ड डे’ की स्थिति बनी रह सकती है। 15 जनवरी के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके बाद तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है।


उत्तर भारत में इस समय कुदरत का कड़ा इम्तिहान चल रहा है। दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में जारी यह ठंड पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ रही है। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति सावधानी और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना ही एकमात्र बचाव है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button