Kanpur Crime News: शिक्षा का मंदिर शर्मसार, कानपुर में 10वीं की छात्रा से कोचिंग संचालक ने किया दुष्कर्म; पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार
कानपुर/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से एक हृदयविदारक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के दक्षिण कमिश्नरेट के किदवई नगर इलाके में एक कोचिंग संस्थान के संचालक ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करते हुए 10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म किया। आरोपी ने खौफ और धमकी के साये में 15 वर्षीय पीड़िता का करीब एक महीने तक शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य हाइलाइट्स:
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आरोपी: देवेंद्र पटेल, ब्राइट कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालक और स्कूल शिक्षक।
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पीड़िता: 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा, 10वीं कक्षा में पढ़ती है।
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धाराएं: रेप (Rape) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज।
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धमकी: विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने का दिया था खौफ।
भरोसे का कत्ल: दिसंबर से चल रहा था घिनौना खेल
कानपुर के किदवई नगर स्थित ‘ब्राइट कोचिंग इंस्टीट्यूट’ (Bright Coaching Institute) में पढ़ने वाली 10वीं की छात्रा के साथ यह दरिंदगी दिसंबर 2025 में शुरू हुई। आरोपी देवेंद्र पटेल, जो पीड़िता के स्कूल में भी शिक्षक है, ने छात्रा के भोलेपन और विश्वास का फायदा उठाया।
पीड़िता के अनुसार, पहली बार आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर कोचिंग सेंटर में ही अपनी हवस का शिकार बनाया। जब छात्रा ने इस घिनौने कृत्य का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे और उसके छोटे भाई व माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी। इस डर ने 15 साल की बच्ची को भीतर से तोड़ दिया और वह खामोश रह गई। इसी खामोशी का फायदा उठाकर आरोपी शिक्षक करीब एक महीने तक लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
घटना की परतें तब खुलीं जब गुरुवार, 8 जनवरी को छात्रा ने कोचिंग जाने से साफ इनकार कर दिया। वह डरी और सहमी हुई थी। जब उसकी मां ने बार-बार जोर दिया और रोने की वजह पूछी, तो छात्रा का सब्र टूट गया। उसने फूट-फूटकर अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई। यह सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
परिजन जब विरोध करने कोचिंग पहुंचे, तो आरोपी देवेंद्र पटेल ने अपनी गलती मानने के बजाय उल्टा परिवार को ही झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद परिजनों ने बिना देरी किए किदवई नगर थाने पहुँचकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी शिकंजा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किदवई नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने तुरंत टीम गठित की।
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एफआईआर: पीड़िता के पिता की तहरीर पर आरोपी देवेंद्र पटेल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की दुष्कर्म संबंधी धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत केस दर्ज किया गया।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।
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मेडिकल जांच: पीड़िता को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है और कोर्ट में उसके बयान दर्ज कराए जा रहे हैं।
देश विदेश की अन्य बड़ी खबरें (10 जनवरी, 2026)
कानपुर की इस शर्मनाक घटना के साथ-साथ राज्य और देश के अन्य हिस्सों में भी कई बड़ी हलचलें देखी जा रही हैं:
1. यूपी में ‘आसमानी आफत’ और कड़ाके की ठंड
कानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में इस समय भीषण शीतलहर का प्रकोप है। मौसम विभाग ने 10 जनवरी के लिए अलीगढ़ और मथुरा में ओलावृष्टि (Hailstorm) का अलर्ट जारी किया है। वहीं, कानपुर में सुबह के समय घना कोहरा देखा जा रहा है, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है।
2. जयपुर ऑडी हादसा: एक की मौत
जयपुर के पत्रकार कॉलोनी में एक बेकाबू ऑडी कार ने ठेलों को रौंद दिया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 15 घायल हैं। सीएम भजनलाल शर्मा ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
3. भारत-अफगानिस्तान कूटनीति
तालिबान के वरिष्ठ सदस्य नूर अहमद नूर ने नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास में चार्ज डी’अफेयर्स का पद संभाल लिया है। इसे भारत और काबुल के बीच सुधरते रिश्तों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
4. यूपी वोटर लिस्ट ‘बुक-ए-कॉल’ सुविधा
चुनाव आयोग ने यूपी के मतदाताओं के लिए नई सेवा शुरू की है। अब आप घर बैठे बीएलओ (BLO) से कॉल बुक कर सकते हैं ताकि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया 48 घंटे में पूरी हो सके।
विशेषज्ञों की राय: सुरक्षा और सतर्कता जरूरी
कानपुर की इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मनोवैज्ञानिकों और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि:
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बच्चों से संवाद: माता-पिता को अपने बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार रखना चाहिए कि वे किसी भी असामान्य घटना को तुरंत साझा कर सकें।
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कोचिंग सेंटर्स का ऑडिट: प्रशासन को कोचिंग संस्थानों और वहां के स्टाफ का पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य करना चाहिए।
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सीसीटीवी निगरानी: शैक्षणिक संस्थानों के हर कोने में सीसीटीवी कैमरे और महिला सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित होनी चाहिए।



