विजय हजारे ट्रॉफी: आखिरी ओवर के रोमांच में छत्तीसगढ़ ने उत्तराखंड को 8 रनों से रौंदा, देव आदित्य सिंह बने जीत के हीरो
Vijay Hazare Trophy 2026: जयपुर के केएल सैनी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-सी के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने उत्तराखंड को 8 रनों से शिकस्त दे दी। कप्तान कुणाल चंदेला और आंजनेय सूर्यवंशी के अर्धशतक भी उत्तराखंड को जीत नहीं दिला सके।

जयपुर/देहरादून: विजय हजारे वनडे ट्रॉफी में रोमांच की पराकाष्ठा देखने को मिली। जयपुर के केएल सैनी स्टेडियम में खेले गए एलीट ग्रुप-सी के मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने उत्तराखंड के विजय रथ को रोकते हुए 8 रनों की करीबी जीत दर्ज की। उत्तराखंड के कप्तान कुणाल चंदेला ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन छत्तीसगढ़ द्वारा दिए गए 266 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तराखंड की टीम निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 258 रन ही बना सकी। छत्तीसगढ़ की इस जीत के सबसे बड़े सूत्रधार गेंदबाज देव आदित्य सिंह रहे, जिन्होंने अंतिम ओवरों में अपनी धारदार गेंदबाजी से मैच का पासा पलट दिया।
छत्तीसगढ़ की बल्लेबाजी: कप्तान अमनदीप खरे की जुझारू पारी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी छत्तीसगढ़ की टीम की शुरुआत सधी हुई रही। सलामी बल्लेबाज आयुष पांडे (28) और एजी तिवारी (33) ने पहले विकेट के लिए 58 रनों की साझेदारी कर एक मजबूत आधार तैयार किया। हालांकि, मध्यक्रम में विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे टीम एक समय दबाव में दिख रही थी।
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मयंक वर्मा: 21 रन
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संजीत देसाई: 17 रन
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विकल्प तिवारी: 35 रन (26 गेंद, 1 छक्का, 3 चौके)
छत्तीसगढ़ की पारी को असली गति कप्तान अमनदीप खरे और पीएम यादव की जोड़ी ने दी। दोनों ने छठे विकेट के लिए महज 6 ओवरों में 56 रनों की ‘तूफानी’ साझेदारी की। यादव ने 29 रनों का योगदान दिया, जबकि अमनदीप खरे ने कप्तानी पारी खेलते हुए 64 गेंदों पर 62 रन बनाए। छत्तीसगढ़ की पूरी टीम 50वें ओवर की अंतिम गेंद पर 265 रनों के स्कोर पर सिमट गई।
उत्तराखंड की गेंदबाजी: कमल बोरा और अभय नेगी का जलवा
उत्तराखंड के गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ को बहुत बड़े स्कोर तक जाने से रोका।
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कमल बोरा: 9 ओवर में 55 रन देकर सर्वाधिक 3 विकेट।
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अभय नेगी: 10 ओवर में 41 रन देकर 2 महत्वपूर्ण सफलताएं।
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मयंक मिश्रा: 10 ओवर में 48 रन और 2 विकेट।
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एसी अयाची: 6 ओवर में 31 रन देकर 2 विकेट झटके।
लक्ष्य का पीछा: उत्तराखंड की खराब शुरुआत और मध्यक्रम का संघर्ष
266 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी उत्तराखंड की शुरुआत किसी दुःस्वप्न जैसी रही। टीम ने महज 17 रन के स्कोर पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों (एसी अयाची और संस्कार रावत) के विकेट खो दिए। इसके बाद कप्तान कुणाल चंदेला (67) और शाश्वत डंगवाल (22) ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़े।
मध्यक्रम में आंजनेय सूर्यवंशी ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने कप्तान चंदेला के साथ 69 रनों की साझेदारी की और खुद भी 62 रनों की बेहतरीन पारी खेली। जब तक आंजनेय और सुचित जे क्रीज पर थे, उत्तराखंड की जीत पक्की लग रही थी।
सुचित जे की जुझारू पारी और अंतिम क्षणों का रोमांच
निचले क्रम में विकेट गिरने के बावजूद सुचित जे ने एक छोर थामे रखा। उत्तराखंड को अंतिम ओवर में जीत के लिए 11 रनों की दरकार थी, लेकिन छत्तीसगढ़ के गेंदबाज देव आदित्य सिंह ने सटीक यॉर्कर और मिश्रण से सुचित को 255 के स्कोर पर आउट कर उत्तराखंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। देव आदित्य ने अपने 10 ओवर के स्पेल में मात्र 33 रन देकर 4 विकेट चटकाए।
विजय हजारे ट्रॉफी पॉइंट टेबल का समीकरण
इस हार के साथ ही उत्तराखंड की नॉकआउट की राह कठिन हो गई है।
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कुल मैच: 7
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जीत: 3 | हार: 4
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अंक: 12
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स्थान: ग्रुप-सी में छठा नंबर
वर्तमान में ग्रुप-सी में पंजाब पहले और मुंबई दूसरे स्थान पर काबिज है। उत्तराखंड को अपनी स्थिति सुधारने के लिए आगामी मैचों में बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी।
मुख्य आकर्षण (Match Highlights):
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मैन ऑफ द मोमेंट: देव आदित्य सिंह (4/33) जिन्होंने आखिरी ओवर में 11 रन डिफेंड किए।
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टॉप स्कोरर: कुणाल चंदेला (67) और अमनदीप खरे (62)।
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टर्निंग पॉइंट: आंजनेय सूर्यवंशी का 201 के स्कोर पर आउट होना, जिसने उत्तराखंड की रन गति पर ब्रेक लगा दिया।
विशेषज्ञों की राय: खेल प्रेमियों का मानना है कि उत्तराखंड की हार का मुख्य कारण शुरुआती ओवरों में धीमी बल्लेबाजी (संस्कार रावत और अयाची की पारियां) रही, जिसके चलते अंतिम ओवरों में रन रेट का दबाव बढ़ गया।



