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दिल्ली में प्रदूषण पर आपात कदम: जिला स्तर पर इंटर-डिपार्टमेंटल टीमें सक्रिय, निजी दफ्तरों में ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू कराने की जिम्मेदारी

नई दिल्ली | 25 नवंबर 2025: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गया है, जिसके बाद सरकार ने क्रमिक प्रतिक्रिया कार्ययोजना (GRAP) के तीसरे चरण (Stage–III) को प्रभावी कर दिया है। प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सोमवार देर शाम सभी सरकारी दफ्तरों और निजी कार्यालयों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू करने के निर्देश जारी कर दिए थे।

अब प्रशासन ने इन निर्देशों को जमीनी स्तर पर सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर इंटर-डिपार्टमेंटल टीमें गठित की हैं, जो निजी दफ्तरों में भी WFH लागू कराने की निगरानी करेंगी।

वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि केंद्र द्वारा अनुमोदित GRAP की संशोधित व्यवस्था के तहत जिला प्रशासन को प्रदूषण नियंत्रण उपायों को कठोरता से लागू करने के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।


AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में, हालात चिंताजनक

दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर ने फिर चिंता बढ़ा दी है। रविवार और सोमवार को हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई थी, लेकिन कई इलाकों में AQI 450 के पार चला गया, जिसके बाद यह ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक प्रदूषण का यह स्तर फेफड़ों, हृदय और आंखों पर सीधा असर डाल सकता है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए।

इसी को देखते हुए पर्यावरण विभाग ने संशोधित GRAP-III को लागू किया, जिसमें ट्रैफिक नियंत्रण, निर्माण गतिविधियों पर रोक और सरकारी–निजी दफ्तरों के लिए WFH जैसी कड़ी पाबंदियां शामिल हैं।


जिला-स्तर टीमों के जिम्मे सबसे बड़ी चुनौती: WFH का सख्त अनुपालन

दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में अंतर-विभागीय टीम (Inter-Departmental Teams) बनाने का आदेश दिया गया है।
इन टीमों में शामिल होंगे—

  • जिलाधिकारी कार्यालय के अधिकारी
  • नगर निगम (MCD)
  • पर्यावरण विभाग
  • परिवहन विभाग
  • दिल्ली पुलिस
  • उद्योग एवं श्रम विभाग के प्रतिनिधि

इनका प्राथमिक दायित्व होगा:

  1. निजी दफ्तरों में WFH लागू कराने की निगरानी
  2. GRAP के अन्य प्रावधानों की निरंतर जांच
  3. इकाइयों, बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण
  4. उल्लंघन मिलने पर त्वरित कार्रवाई व रिपोर्टिंग

अधिकारी ने बताया कि कई निजी कार्यालयों द्वारा पहले चरण में जारी WFH निर्देशों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा था, इसलिए अब जिला स्तर से मॉनिटरिंग बढ़ाई जा रही है।


सरकारी दफ्तर भी हुए वर्क-फ्रॉम-होम मोड में

दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी विभागों को निर्देश दिया है कि—

  • अत्यावश्यक सेवाओं को छोड़कर प्रत्येक विभाग अपने कर्मचारियों को WFH सुविधा दे
  • मीटिंग व फाइल मूवमेंट अधिकतम संभव सीमा तक डिजिटल मोड में किया जाए
  • फील्ड-लेवल स्टाफ को ही आवश्यकतानुसार बुलाया जाए

परिवहन विभाग ने भी सलाह जारी की है कि जो भी कर्मचारी या निजी क्षेत्र से जुड़े लोग दफ्तर नहीं जाना चाहते, उन्हें छूट दी जाए ताकि यातायात का दबाव कम हो और प्रदूषण में होने वाली वृद्धि पर अंकुश लगाया जा सके।


निर्माण गतिविधियां बंद, कचरा जलाने पर विशेष निगरानी

GRAP-III लागू होते ही राजधानी में कई और सख्तियां भी शुरू हो गई हैं—

निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियां तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित

बड़े प्रोजेक्ट, सड़क निर्माण, पुल निर्माण जैसी गतिविधियां रोक दी गई हैं।
केवल आवश्यक सेवाओं जैसे—राष्ट्रीय सुरक्षा, रेलवे, मेट्रो, अस्पताल आदि से जुड़े निर्माण कार्यों को अनुमति है।

औद्योगिक इकाइयों की निगरानी

मानकों का उल्लंघन पाेने पर औद्योगिक इकाइयों को बंद किया जा रहा है।
प्रदूषणकारी ईंधन का इस्तेमाल करने वाली इकाइयों पर विशेष नजर है।

कचरा जलाने पर सख्ती

MCD और दिल्ली पुलिस को कचरा जलाने वालों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ड्रोन सर्वे और मोबाइल मॉनिटरिंग टीमें लगातार मैदान में तैनात हैं।


WFH क्यों जरूरी? विशेषज्ञों की राय

आईआईटी–दिल्ली के पर्यावरण वैज्ञानिक प्रो. हर्ष सिंह कहते हैं कि प्रदूषण के गंभीर स्तर पर संपर्क कम से कम होना आवश्यक है।
उनके अनुसार—

“दिल्ली में प्रदूषण का बड़ा हिस्सा वाहनों से उत्सर्जित धुएं से आता है। यदि प्रतिदिन लाखों लोग सड़कों पर नहीं उतरेंगे, तो यह प्रदूषण को स्थिर करने में मदद करेगा। WFH ऐसे समय में बेहद प्रभावी कदम साबित होता है।”

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में घर से बाहर निकलना विशेष रूप से जोखिमपूर्ण है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें सांस या हृदय संबंधी समस्याएं हैं।


लोगों से भी सहयोग की अपील

दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि—

  • जब तक जरूरी न हो, निजी वाहन का उपयोग न करें
  • साझा वाहन, मेट्रो और बस का अधिक से अधिक प्रयोग करें
  • घरों और संस्थानों में कचरा न जलाएं
  • एअर प्यूरीफायर का उपयोग बढ़ाएं
  • सुबह–शाम बाहर व्यायाम या दौड़ने से बचें

अधिकारी ने कहा कि,

“प्रदूषण नियंत्रण सिर्फ सरकारी प्रयासों से संभव नहीं, इसमें नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।”


आगे क्या? GRAP के और सख्त चरण भी लागू हो सकते हैं

यदि प्रदूषण स्तर लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में बना रहा, तो सरकार को GRAP के चौथे चरण (Stage–IV) की ओर बढ़ना पड़ सकता है। इसमें निम्न कदम शामिल होते हैं—

  • दिल्ली में ट्रक प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध
  • डीज़ल वाहनों पर कड़ी पाबंदी
  • स्कूल–कॉलेज बंद
  • और भी व्यापक WFH निर्देश

फिलहाल उम्मीद है कि हवा की दिशा और मौसम में बदलाव से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि नीतियों के क्रियान्वयन में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी

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