By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल — 46 IAS अफसरों के तबादले, 10 जिलों के डीएम बदले
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तर प्रदेश > उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल — 46 IAS अफसरों के तबादले, 10 जिलों के डीएम बदले
उत्तर प्रदेशफीचर्ड

उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल — 46 IAS अफसरों के तबादले, 10 जिलों के डीएम बदले

The Hill India News
Last updated: October 29, 2025 3:02 am
The Hill India News
Published: October 29, 2025
Share
Image Source : FILE
SHARE

लखनऊ, 29 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार देर रात एक बड़ा प्रशासनिक reshuffle करते हुए 46 IAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद कार्मिक विभाग ने इन तबादलों की सूची जारी की। इस फेरबदल में 10 जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदले गए हैं, साथ ही कई मंडलायुक्तों, नगर आयुक्तों और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। सरकार के इस कदम को नौकरशाही में कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

Contents
मंडलायुक्त स्तर पर बड़े बदलावमहिला IAS अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारियाँ10 जिलों के डीएम बदले गए — रामपुर, हाथरस, सीतापुर शामिलवरिष्ठ स्तर पर भी कई अहम नियुक्तियाँनगर आयुक्तों और सीडीओ स्तर पर भी बदलावफेरबदल के पीछे रणनीति — विकास और प्रशासन दोनों पर फोकसपश्चिम से पूर्व तक संतुलित पुनर्गठनविश्लेषण — “पोस्टिंग्स के ज़रिए मैसेज भी”हालिया तबादलों की पृष्ठभूमि

मंडलायुक्त स्तर पर बड़े बदलाव

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इस बार मंडलायुक्त स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। IAS रूपेश कुमार को सहारनपुर का नया मंडलायुक्त बनाया गया है, जबकि भानु चंद्र गोस्वामी को मेरठ मंडलायुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, वरिष्ठ अधिकारी राजेश प्रकाश को विंध्याचल मंडल का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है। इन तबादलों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल दोनों इलाकों में प्रशासनिक संतुलन को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है।


महिला IAS अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारियाँ

महिला अधिकारियों को भी इस बार प्रमुख दायित्व दिए गए हैं। IAS धनलक्ष्मी के. को मत्स्य विभाग का महानिदेशक बनाया गया है। वहीं, कृत्तिका ज्योत्सना को बस्ती का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
दोनों अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूर्व में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए जानी जाती रही हैं।


10 जिलों के डीएम बदले गए — रामपुर, हाथरस, सीतापुर शामिल

इस व्यापक फेरबदल में कुल 10 जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदले गए हैं।
प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:

  • रामपुर: नए जिलाधिकारी की नियुक्ति के साथ जिले में प्रशासनिक सख्ती बढ़ाने की कवायद।
  • हाथरस: अभी तक गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी निभा रहे अतुल वत्स को हाथरस का जिलाधिकारी बनाया गया है।
  • सीतापुर: राजा गणपति आर. को सीतापुर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
  • बस्ती: कृत्तिका ज्योत्सना को डीएम का पदभार दिया गया है।
  • गाजियाबाद: प्रशासनिक रोटेशन के तहत नए अधिकारी की तैनाती की जाएगी।

वहीं, राहुल पांडेय, जो अब तक हाथरस के डीएम थे, उन्हें राज्य कर विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है।


वरिष्ठ स्तर पर भी कई अहम नियुक्तियाँ

राज्य सरकार ने वरिष्ठ स्तर पर भी कई बदलाव किए हैं।
बालकृष्ण त्रिपाठी को सामान्य प्रशासन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। मयूर माहेश्वरी को विद्युत उत्पादन निगम का प्रबंध निदेशक (MD) बनाया गया है। अभिषेक आनंद को आबकारी विभाग में विशेष सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन तैनातियों को सरकार की “कार्य निष्पादन आधारित” नीति के अनुरूप माना जा रहा है, जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को अधिक प्रभावशाली पद दिए जा रहे हैं।


नगर आयुक्तों और सीडीओ स्तर पर भी बदलाव

नगर निकाय और विकास प्राधिकरणों में भी कई अधिकारी बदले गए हैं। कई जिलों में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बदले गए हैं ताकि विकास योजनाओं की गति को और तेज किया जा सके। सरकार का मानना है कि राज्य में 2025-26 की विकास परियोजनाओं और G-20 प्रभाव क्षेत्रों में काम को गति देने के लिए यह प्रशासनिक फेरबदल जरूरी था।


फेरबदल के पीछे रणनीति — विकास और प्रशासन दोनों पर फोकस

सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि जिला स्तर पर कानून-व्यवस्था, राजस्व वसूल और विकास कार्यों की गति में कोई कमी न आए। इसलिए, जिन जिलों में शिकायतें या प्रगति की धीमी रफ्तार थी, वहां अधिकारियों को बदला गया है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,

“मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी जिले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य प्रदेश के हर कोने में सुशासन सुनिश्चित करना है।”


पश्चिम से पूर्व तक संतुलित पुनर्गठन

इस फेरबदल की खासियत यह है कि यह सिर्फ राजधानी या प्रमुख जिलों तक सीमित नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद) से लेकर पूर्वी हिस्से (बस्ती, विंध्याचल, सीतापुर) तक अधिकारियों का रोटेशन किया गया है। इससे न केवल प्रशासनिक अनुभव का आदान-प्रदान होगा, बल्कि नई जगहों पर कार्यकुशलता का भी परीक्षण होगा।


विश्लेषण — “पोस्टिंग्स के ज़रिए मैसेज भी”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल आगामी विधान परिषद चुनावों और लोकसभा 2026 की तैयारी से भी जुड़ा हो सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता अब “ग्राउंड पर डिलीवरी” है। जहां योजनाओं का असर जनता तक नहीं पहुंच रहा, वहां नए अधिकारियों को मौका दिया जा रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. अनिल मिश्रा कहते हैं,

“यह सिर्फ नौकरशाही फेरबदल नहीं है, बल्कि संदेश है कि राज्य सरकार अपने सिस्टम में गति और पारदर्शिता चाहती है।”


हालिया तबादलों की पृष्ठभूमि

यह इस साल का तीसरा बड़ा फेरबदल है।
पिछले चार महीनों में राज्य सरकार ने 100 से अधिक IAS/IPS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। अगस्त में भी 27 IAS और 19 IPS अफसरों को नए पद दिए गए थे। इस बार का reshuffle उस श्रृंखला का विस्तार है, जिसका मकसद “संतुलित प्रशासनिक ऊर्जा” सुनिश्चित करना है।

योगी सरकार का यह 46 IAS अधिकारियों का फेरबदल एक मजबूत प्रशासनिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। राज्य सरकार अब विकास, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं की जमीनी मॉनिटरिंग को लेकर और सख्त होती दिख रही है। नई तैनातियों से उम्मीद की जा रही है कि जिलों में कामकाज की गति बढ़ेगी और शासन-प्रशासन में पारदर्शिता आएगी।

You Might Also Like

Uttarakhand: चमोली में बड़ा टनल हादसा, THDC सुरंग के भीतर आपस में भिड़ीं दो लोको ट्रेनें, 70 मजदूर घायल; मची अफरा-तफरी
Eye Flu: आई फ्लू होने पर रखें इन बातों का ध्यान, जानिए लक्षण और घरेलू इलाज
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा फैसला : ग्रुप सी और डी के 35 हजार अस्थायी कर्मचारियों को किया जाएगा स्थायी..
लखनऊ मेट्रो का महाविस्तार: 10 नए कॉरिडोर से बदलेगी राजधानी की तस्वीर, बाराबंकी से उन्नाव तक दौड़ेगी मेट्रो
कंबोडिया : उपराष्ट्रपति ने कंबोडिया के राजा राजा नोरोडोम सिहामोनी से भेंट की, प्रधानमंत्री हुन सेन से भी मुलाकात की
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डविदेश

कैनबरा से मेलबर्न तक कूटनीति की नई इबारत: ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी ने विपक्ष के नेता से की मुलाकात, द्विदलीय समर्थन ने दिखाई ‘रणनीतिक मजबूती’

The Hill India News
The Hill India News
July 10, 2026
Monsoon Weather Update 2026: दिल्ली-NCR सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’, पूरे देश में सक्रिय हुआ बादलों का पहरा
यूपी में 20 IAS अफसरों का बड़ा फेरबदल, शुभा वर्मा श्रमायुक्त तो नेहा शर्मा को मिला अहम जिम्मा
TMC से बगावत करने वाले तीन दिग्गज बने BJP के राज्यसभा उम्मीदवार, समझिए बंगाल का नया ‘जीत का गणित’
मानवाधिकार बनाम कूड़े का पहाड़: देहरादून के कारगी चौक डंपिंग जोन पर NHRC का बड़ा प्रहार, 4 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
उत्तराखंड रेलवे कनेक्टिविटी को बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री धामी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने रखे कई अहम प्रस्ताव
उत्तराखंड: ‘लोन देने में आनाकानी नहीं चलेगी’, कम CD रेशियो वाले 6 जिलों में विशेष शिविर लगाने के सीएम धामी के कड़े निर्देश
मानसून को लेकर एक्शन मोड में देहरादून प्रशासन: लापरवाही पर ब्लैकलिस्ट की चेतावनी, सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अल्टीमेटम
वकीलों के आत्मसम्मान और आजीविका पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: महज आरोपों के आधार पर IBA नहीं कर सकता ब्लैकलिस्ट; देश में बनेगी ‘नेशनल लीगल एकेडमी’
नैनीताल में आधी रात को हाई-वोल्टेज ड्रामा: दुष्कर्म का आरोपी व्यापार मंडल अध्यक्ष फेसबुक लाइव कर पुलिस के सामने निगला जहर, नाजुक हालत में हायर सेंटर रेफर
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?