By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: फ्लाइट के पहिये में छिपकर काबुल से दिल्ली पहुंचा 13 साल का लड़का: सुरक्षा एजेंसियां सकते में
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > फ्लाइट के पहिये में छिपकर काबुल से दिल्ली पहुंचा 13 साल का लड़का: सुरक्षा एजेंसियां सकते में
देशफीचर्ड

फ्लाइट के पहिये में छिपकर काबुल से दिल्ली पहुंचा 13 साल का लड़का: सुरक्षा एजेंसियां सकते में

The Hill India News
Last updated: September 23, 2025 1:54 am
The Hill India News
Published: September 23, 2025
Share
SHARE

नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर शनिवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी को हैरान कर दिया। अफगानिस्तान से आई केएएम एयरलाइंस (RQ-4401) की फ्लाइट के लैंडिंग गियर कम्पार्टमेंट से एक 13 वर्षीय बच्चा जीवित बाहर निकला। यह वाकया 21 सितंबर को सुबह करीब 11:10 बजे का है, जब विमान काबुल से दिल्ली पहुंचा।

Contents
मिल गया ‘लाल स्पीकर’, बढ़ी जिज्ञासाजांच-पड़ताल के बाद वापसी फ्लाइट से भेजा गया वापसजिंदा कैसे बचा बच्चा? बड़ा सवालसुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ीऐसा पहली बार नहीं हुआमानवाधिकार संगठनों ने उठाए सवालभारत के लिए क्या मायने?

विमान के पास मौजूद एयरलाइन सुरक्षा कर्मियों ने सबसे पहले बच्चे को संदिग्ध स्थिति में देखा। पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह अफगानिस्तान के कुंदुज शहर का निवासी है और बिना टिकट, छिपकर काबुल से दिल्ली तक का सफर तय कर आया।


मिल गया ‘लाल स्पीकर’, बढ़ी जिज्ञासा

जब विमान की सुरक्षा और इंजीनियरिंग टीम ने लैंडिंग गियर क्षेत्र की जांच की, तो वहां से एक छोटा लाल रंग का स्पीकर भी मिला। यह स्पीकर बच्चे के पास कैसे पहुंचा और उसने इसे क्यों साथ लाया, यह जांच का विषय है। सूत्रों का कहना है कि यह संभवत: बच्चे की निजी वस्तु थी, लेकिन एयरलाइन और सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं।


जांच-पड़ताल के बाद वापसी फ्लाइट से भेजा गया वापस

एयरलाइन सुरक्षा अधिकारियों ने बच्चे को तुरंत संबंधित एजेंसियों के हवाले कर दिया। उसकी मेडिकल जांच की गई और कड़ी पूछताछ भी हुई। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि बच्चा बेहतर भविष्य की तलाश में भारत आना चाहता था।
हालांकि सभी कानूनी और सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद, उसी दिन दोपहर को उसे केएएम एयरलाइंस की वापसी फ्लाइट (RQ-4402) से काबुल वापस भेज दिया गया।


जिंदा कैसे बचा बच्चा? बड़ा सवाल

एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, विमान का लैंडिंग गियर कम्पार्टमेंट उड़ान के दौरान सबसे खतरनाक स्थानों में से एक होता है।

  • यहां तापमान माइनस 40 से माइनस 60 डिग्री तक गिर सकता है।
  • ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम होता है।
  • तेज हवा और टर्बुलेंस से बच पाना लगभग नामुमकिन होता है।

ऐसे में किसी भी व्यक्ति का इतनी लंबी दूरी तक जीवित रहना लगभग असंभव माना जाता है। यही वजह है कि इस घटना ने एयरलाइन इंडस्ट्री और सुरक्षा विशेषज्ञों को हैरान और चिंतित कर दिया है।


सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी

यह घटना सीधे-सीधे एयरपोर्ट सिक्योरिटी की बड़ी चूक को उजागर करती है। सवाल यह है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद 13 साल का बच्चा कैसे विमान के पहिये वाले हिस्से तक पहुंच गया और वहां छिपकर उड़ान भरने में सफल हो गया?

  • क्या एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी स्कैनिंग और परिधि सुरक्षा (Perimeter Security) पर्याप्त नहीं थी?
  • क्या ग्राउंड स्टाफ की सतर्कता में कमी रही?
  • या फिर यह एयरलाइन की आंतरिक सुरक्षा जांच का फेल्योर है?

गंभीर सवालों ने न केवल काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, बल्कि क्षेत्रीय विमानन सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


ऐसा पहली बार नहीं हुआ

इतिहास में इससे पहले भी कई बार लोग विमानों के लैंडिंग गियर में छिपकर यात्रा करने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में उनकी मौत हो गई।

  • 2019 में लंदन में एक विमान के लैंडिंग गियर से गिरे युवक की मौत हुई थी।
  • अमेरिका, स्पेन और अफ्रीका में भी कई ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि जीवित बचे मामलों की संख्या बेहद दुर्लभ है और यह बच्चा उसी दुर्लभ श्रेणी में आता है।

मानवाधिकार संगठनों ने उठाए सवाल

इस घटना के बाद मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि अफगानिस्तान की बिगड़ती सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों की वजह से बच्चे भी देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे हैं।
कुंदुज जैसे इलाकों से लोगों का पलायन इस बात की ओर इशारा करता है कि वहां शांति और सुरक्षा की स्थिति बेहद खराब है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना केवल सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि मानवीय संकट का प्रतीक भी है।


भारत के लिए क्या मायने?

भारत ने तुरंत बच्चे को वापस भेजकर यह संदेश दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करता है। लेकिन इस घटना से यह सवाल भी उठता है कि यदि यह बच्चा हथियार या खतरनाक वस्तु लेकर आता तो स्थिति कितनी गंभीर हो सकती थी।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अब इस घटना की रिपोर्ट तैयार कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी किसी चूक को दोहराने से रोका जा सके।

काबुल से दिल्ली फ्लाइट के लैंडिंग गियर में छिपकर आया 13 साल का यह बच्चा जिंदा कैसे बच गया, यह एक रहस्य और चमत्कार दोनों है। लेकिन यह घटना विमानन सुरक्षा के ढांचे पर बड़ा सवालिया निशान भी छोड़ गई है।

जहां एक ओर यह घटना मानवीय त्रासदी और संघर्षों की झलक दिखाती है, वहीं दूसरी ओर यह एयरपोर्ट और एयरलाइन सुरक्षा को और मजबूत करने का भी अलर्ट है।

You Might Also Like

Goa Nightclub Fire: आग में 25 लोगों की मौत, आरोपी मालिक फुकेत भागे; भारत लाना अब चुनौती
स्कॉर्पियो खाई में गिरी, मां की मौत बेटा गंभीर
ऑपरेशन सिंदूर: परमाणु युग में भारत का संयमित लेकिन निर्णायक सैन्य संदेश – ब्रिटिश विश्लेषक की टिप्पणी
हाथरस में 6 साल की मासूम की हत्या से सनसनी: 33 वर्षीय महिला और नाबालिग प्रेमी ने रिश्ते का राज छुपाने के लिए लिया मासूम का जीवन
केरल : राहुल बोले- इस महंगाई में गरीब का जीना मुश्किल,
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड में लागू हुई ‘महक क्रांति नीति 2026’, चंपावत-नैनीताल में बनेगी देश की पहली ‘सिनेमन वैली’; 91,000 किसानों की बदलेगी किस्मत

The Hill India News
The Hill India News
June 13, 2026
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से बदला मौसम, अगले 5 दिन उत्तर भारत में आंधी-तूफान का तांडव; जानें यूपी में कब आएगा मॉनसून
आज से पीएम मोदी का फ्रांस और स्लोवाकिया का ऐतिहासिक दौरा; राफेल जेट और स्कॉर्पीन पनडुब्बी पर टिकीं दुनिया की नजरें
लक्सर में दरिंदगी की हदें पार; मायके में घुसकर पत्नी पर कांच की बोतल से हमला, फिर सरेआम दे दिया ‘तीन तलाक’
IMA की 158वीं पासिंग आउट परेड आज, पहली बार 9 महिला कैडेट्स ‘अंतिम पग’ पार कर रचेंगी इतिहास; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी गवाह
अचानक ठप हुए फेसबुक और इंस्टाग्राम, ‘मेटा का सर्वर डाउन’ होने से दुनिया भर में मची खलबली, करोड़ों यूजर्स परेशान
‘पीएम मोदी कलयुग में भगवान का अवतार’ उत्तराखंड में धामी सरकार के मंत्री का अजीबो-गरीब  बयान
जिला प्रशासन की अनूठी पहल: देहरादून में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को मिलेगा निःशुल्क उपचार; डीएम डॉ. आशीष चौहान ने शुरू किया महा-अभियान
UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा 2026: चारधाम यात्रा, मौसम का अलर्ट और भारी जाम का संकट; आयोग की अपील— ‘एक दिन पहले पहुंचें परीक्षा केंद्र’
नैनीताल में सड़क हादसा: जल संस्थान के बेकाबू ट्रक ने दिल्ली की मां-बेटी को रौंदा; वैन को टक्कर मारने के बाद भीड़ में घुसा वाहन, हालत बेहद नाजुक
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?