By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: वाराणसी में ऐतिहासिक पल: पीएम मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम की वार्ता, रिश्तों में नई ऊर्जा की उम्मीद
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > वाराणसी में ऐतिहासिक पल: पीएम मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम की वार्ता, रिश्तों में नई ऊर्जा की उम्मीद
देशफीचर्ड

वाराणसी में ऐतिहासिक पल: पीएम मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम की वार्ता, रिश्तों में नई ऊर्जा की उम्मीद

The Hill India News
Last updated: September 11, 2025 1:47 am
The Hill India News
Published: September 11, 2025
Share
SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बुधवार शाम वाराणसी पहुंचे रामगुलाम का भव्य स्वागत किया गया। लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने उनकी अगवानी की।

Contents
भारत-मॉरीशस के रिश्तों की गहराईवार्ता के प्रमुख एजेंडेवाराणसी दौरे का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्वभारतवंशियों के साथ भावनात्मक जुड़ावराजनीतिक और कूटनीतिक महत्व

भारत-मॉरीशस के रिश्तों की गहराई

भारत और मॉरीशस के रिश्ते ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद प्रगाढ़ रहे हैं। वाराणसी दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा,

“मॉरीशस हमारे संस्कृति और दिल के अत्यंत करीब है। वहां के प्रधानमंत्री के वाराणसी आने से दोनों देशों के रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे।”

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मॉरीशस में बसे भारतीय मूल के लोग आज भी धर्म और अध्यात्म से गहराई से जुड़े हुए हैं। खास बात यह है कि मॉरीशस के लोगों ने भारत से गंगा जल लेकर वहां गंगा तालाब का निर्माण किया है, जो आज भी भारत के साथ उनकी आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है।


वार्ता के प्रमुख एजेंडे

पीएम मोदी और पीएम रामगुलाम के बीच वाराणसी में होने वाली बैठक सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार वार्ता में निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया जाएगा:

  • सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सहयोग को और बढ़ावा देना
  • शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग
  • व्यापार और निवेश को नई दिशा देना
  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक साझेदारी

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए अहम मानी जा रही है।


वाराणसी दौरे का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

वाराणसी सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र ही नहीं है, बल्कि इसे विश्व की सबसे प्राचीन आध्यात्मिक नगरी माना जाता है। यहां मॉरीशस के प्रधानमंत्री का आना अपने आप में एक बड़ा संदेश है।

  • दोनों प्रधानमंत्री वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
  • गंगा आरती में शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दोनों देशों की साझा विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।

भारतवंशियों के साथ भावनात्मक जुड़ाव

मॉरीशस की कुल आबादी का बड़ा हिस्सा भारतीय मूल का है। लगभग 68% जनसंख्या भारतीय मूल की है, जिनमें से अधिकतर का नाता उत्तर प्रदेश और बिहार से है। यही वजह है कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री का वाराणसी आना भारतवंशियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का क्षण है।

भारतवंशियों ने न केवल अपनी भाषा, धर्म और परंपराओं को जीवित रखा है बल्कि भारत और मॉरीशस के रिश्तों को भी मजबूत किया है। गंगा जल ले जाकर मॉरीशस में बनाए गए गंगा तालाब को इस जुड़ाव का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।


राजनीतिक और कूटनीतिक महत्व

विश्लेषकों के मुताबिक, वाराणसी में होने वाली यह मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण है।

  • यह भारत की सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी का एक बड़ा उदाहरण है।
  • हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और मॉरीशस की साझेदारी चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
  • व्यापार और निवेश के नए अवसर खुल सकते हैं, खासकर आईटी, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्रों में।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम की वाराणसी में मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक घटना नहीं है, बल्कि यह भारत-मॉरीशस संबंधों में नई ऊर्जा का संचार करने वाला ऐतिहासिक क्षण है।

सांस्कृतिक जुड़ाव, आर्थिक साझेदारी और सामरिक सहयोग—इन तीनों मोर्चों पर यह बैठक आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करेगी।

You Might Also Like

G-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे जो बाइडेन, बतौर राष्ट्रपति आए हैं पहली बार भारत
पहले अपने पति के साथ करी ‘करवा चौथ’ की खूब शॉपिंग, फिर जीजा के साथ हो गई नौ दो ग्यारह
माउंट एवरेस्ट पर सफल हुआ अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, ऐसे बचाई गई बर्फीले तूफान से 580 ट्रेकर्स की जान
Vivo-India के 3 बड़े अधिकारीयों को ED ने किया अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग का है मामला
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) पीवी अय्यर से मुलाकात की
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तर प्रदेशफीचर्डशिक्षा

यूपी के मदरसों में बड़ा बदलाव: अब नहीं मिलेगी कामिल-फाजिल की डिग्री, केवल 12वीं तक होगी पढ़ाई; योगी कैबिनेट के फैसले से शिक्षा व्यवस्था में नया अध्याय

The Hill India News
The Hill India News
August 4, 2026
₹382 में LIC का हिस्सा खरीदने का सुनहरा मौका! सरकार बेच रही 6.5% हिस्सेदारी, जानिए कैसे बन सकते हैं देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी के भागीदार
फरीदाबाद के स्कूल में दिनदहाड़े महिला शिक्षक की निर्मम हत्या: 32 सेकेंड में 34 वार से दहला शहर, CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात
उत्तराखंड में SIR अभियान तेज: 19 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस, दस्तावेजों की जांच के लिए राज्यभर में नोडल अधिकारी तैनात
देवभूमि बन रही विश्व की आध्यात्मिक राजधानी: चारधाम के साथ जागेश्वर, कैंची धाम और त्रियुगीनारायण में उमड़ा आस्था का सैलाब, टूट रहे हर साल के रिकॉर्ड
मांजलपुर उपचुनाव में BJP की शानदार जीत: सतीश पटेल ने 30 हजार से अधिक वोटों से कांग्रेस को हराया, गुजरात में कमल फिर खिला
ITR Refund का इंतजार खत्म कब होगा? जानिए इनकम टैक्स रिफंड की पूरी प्रक्रिया, कितने दिनों में मिलेगा पैसा और किन वजहों से हो सकती है देरी
पप्पू यादव के भगवा प्रदर्शन पर INDIA गठबंधन में दरार! सपा ने किया किनारा, राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष के अलग-अलग सुर आए सामने
NEET पेपर लीक आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘छात्रों को मिलेगा न्याय, लेकिन अपराधियों को नहीं मिलेगी कोई राहत’; FIR, पुलिस कार्रवाई और जांच पर कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
JPSC परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल: हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर, परीक्षा रद्द करने से लेकर CBI जांच तक उठीं बड़ी मांगें
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?