नई दिल्ली। भारत एक बार फिर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में ऐतिहासिक मुकाम की ओर बढ़ रहा है। लगभग 41 वर्षों बाद, राकेश शर्मा के बाद एक और भारतीय नागरिक अंतरिक्ष की सीमाओं को पार करने जा रहा है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अनुभवी टेस्ट पायलट शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष मिशन Axiom-4 में शामिल किया गया है। यह मिशन उन्हें इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक पहुंचाने वाला है – और इसी के साथ शुभांशु ISS पहुंचने वाले पहले पूर्ण भारतीय नागरिक बन सकते हैं।
Axiom-4 मिशन की लॉन्चिंग 25 जून को दोपहर 12:01 बजे (भारतीय समयानुसार) तय की गई है। इस ऐतिहासिक मिशन को अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी SpaceX संचालित कर रही है, जिसमें शुभांशु समेत कुल चार अंतरिक्ष यात्री सवार होंगे। अंतरिक्ष यान Crew Dragon द्वारा संचालित यह मिशन, Axiom Space और नासा के सहयोग से संचालित हो रहा है।
शुभांशु शुक्ला ने भारतीय वायुसेना में 15 वर्षों तक कॉम्बैट और टेस्ट पायलट के रूप में सेवा दी है। उनका चयन न केवल तकनीकी योग्यता के आधार पर हुआ, बल्कि भारत की उभरती हुई अंतरिक्ष क्षमताओं और वैश्विक सहभागिता का भी यह प्रतीक बन गया है।
Axiom Space के चीफ एस्ट्रोनॉट माइकल लोपेज़-एलेग्रिया ने शुभांशु की सराहना करते हुए कहा, “वह न केवल उत्कृष्ट पायलट हैं, बल्कि अंतरिक्ष मिशन के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से भी पूरी तरह तैयार हैं। यह मिशन भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग का नया अध्याय लिखेगा।”
यह मिशन भारत के लिए वैश्विक मंच पर वैज्ञानिक और अंतरिक्ष क्षमताओं की एक बड़ी पहचान बन सकता है। ISRO द्वारा संचालित स्वदेशी मिशनों के साथ-साथ, अब भारतीय नागरिक निजी वैश्विक अंतरिक्ष अभियानों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
