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The Hill India > Blog > उत्तराखंड > आशा रोड़ी चेक पोस्ट पर GST विभाग के अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का शोषण
उत्तराखंड

आशा रोड़ी चेक पोस्ट पर GST विभाग के अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का शोषण

The Hill India Desk
Last updated: July 19, 2023 4:42 pm
The Hill India Desk
Published: July 19, 2023
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Dehradun : आज दून उद्योग व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष विपिन नागलिया के नेतृत्व में, जीएसटी मुख्यालय पर आई. एस. बृजवाल अपर आयुक्त से भेंट कर जीएसटी विभाग द्वारा चल रहे इंस्पेक्टर राज पर विरोध जताया।

दून उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष विपिन नागलिया ने बताया कि किस प्रकार जीएसटी के अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है और आशा रोड़ी चेक पोस्ट पर जीएसटी विभाग के अधिकारियों द्वारा व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है और प्रतिदिन छोटे-छोटे कारण बताकर व्यापारियों से दोगुना जीएसटी पेनल्टी के नाम पर वसूला जा रहा है ।

अध्यक्ष ने यह भी बताया कि किस प्रकार एक व्यापारी ने कावड़ के चलते अपना माल रेलवे से मंगाया जोकि 13 जुलाई को आना था किंतु हरिद्वार में कुछ प्राकृतिक कारणों से ट्रेन देहरादून नहीं पहुंच सकी और वापस चली गई वहीं ट्रेन अगले दिन आई तो जीएसटी अधिकारियों द्वारा माल रेलवे स्टेशन पर रोक लिया गया और जो व्यापारी ने ₹30000 जीएसटी देकर माल मंगवाया था उसके ऊपर जीएसटी के नाम पर पुनः ₹60000 पेनल्टी मांगी जा रही है।

उक्त मामले में व्यापारी का यह कहना है कि उसे तो पता ही नहीं है कि माल वापस चला गया या रेलवे में ही है रेलवे द्वारा व्यापारी को इस विषय पर ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई ना ही रेलवे द्वारा माल भेजने वाले व्यापारी को इस विषय पर कोई सूचना दी गई। अधिकारी का कहना है कि ई वे बिल दोबारा बनना चाहिए था अगर माल समय पर नहीं पहुंच पाया था तो इस पर व्यापारी का यह कहना था कि उसे पता चलेगा कि माल वापस चला गया तभी तो वह ई वे बिल बनाएगा व्यापारी को तो इस विषय पर कोई सूचना नहीं थी । अधिकारी मानने को तैयार नहीं थे और दोबारा दोगुना जीएसटी पेनल्टी के नाम पर वसूलने पर अड़े हुए थे जिस कारण व्यापार मंडल को आज मुख्यालय कूच करना पड़ा ।

आज आलम यह है कि जहां व्यापारियों को व्यापार करना था वहां इन अधिकारियों के गब्बर टैक्स वसूलने की जिद से व्यापारियों का समान रेलवे स्टेशन पर पड़ा है। नागलिया जी ने यह भी कहा कि यदि कोई एक अधिकारी किसी कारण से जांच के लिए व्यापारी का माल रुकता है तो उसकी जांच दूसरे अधिकारी द्वारा की जानी चाहिए और गुण दोष के आधार पर दूसरे अधिकारी द्वारा ही कोई कार्यवाही की जानी चाहिए जो अधिकारी माल को पकड़े वही अधिकारी को माल छोड़ने का अधिकार नहीं होना चाहिए ।

दून उद्योग व्यापार मण्डल के कार्यकारी अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल जी ने बताया कि प्रदेश एवं महानगर का व्यापारी बड़ी ईमानदारी के साथ जीएसटी भरकर व्यापार कर रहा है परंतु आज भी अधिकारियों के द्वारा उनको ऐसा सताया जाता है कि व्यापारी व्यापार नहीं चोरी कर रहा हो, देहरादून शहर मों व्यापारियों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा.

ऐसा कभी भी यहां के व्यापारी ने सोचा नहीं था। जबकि यहां का व्यापारी एक रजिस्टर्ड व्यापारी हैं और परेशान भी उन्हीं लोगों को किया जा रहा है। आज तो अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है और अगर जल्द से जल्द इन अधिकारियों की नकेल नहीं कसी तो एक बड़ा आंदोलन होगा। जिसके लिए आने वाले समय में विभाग स्वयं जिम्मेदार होगा।

दून उद्योग व्यापार मण्डल के महासचिव सुनिल मैसोंन ने बताया कि जिस प्रकार से इन अधिकारियों का यह व्यापारी विरोधी रवैया चल रहा है इससे व्यापारी समाज बहुत ज्यादा व्यथित है इस समय जहां व्यापारी अपनी रोजमर्रा की आवश्यकता को पुरा करने में अपने आप को असहज महसूस कर रहा है वहीं विभाग के अधिकारियों की तानाशाही चरम पर है।

हमारे उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति अलग है और जहां पूरे देश में भारी बारिश के कारण प्रत्येक राज्य सरकार राहत दे रही है वही उत्तराखंड का जीएसटी विभाग अपने बर्बर रवैया से व्यापारियों को कानून के नाम पर परेशान करने पर तुला हुआ है। आलम यह हो गया है कि जो भी रजिस्टर्ड व्यापारी है उन्हें ही ज्यादा परेशान करके पेनल्टी के नाम पर दोबारा दोबारा दुगना जीएसटी अधिकारी द्वारा वसूला जा रहा है।

अधिकारियों को चाहिए कि वह व्यापारियों का मार्गदर्शन करें और यदि उनके बिल में कोई त्रुटि होगी गई है तो उसको सुधारने का प्रयास करें व्यापारी पूरी तरीके से टैक्स चोरी के खिलाफ हैं किंतु जो सही बेल है उसमें कोई ना कोई लिपिकीय त्रुटि हो जाने के कारण जो पेनल्टी लगाई जा रही है यह बंद होनी चाहिए। जिस प्रकार से व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है यह क्या लगाए जा रहे हैं की आने वाले चुनाव में देखने को मिल सकता है क्योंकि इस प्रकार अधिकारियों द्वारा व्यापारियों की प्रताड़ना से एंटी इनकंबेंसी की लहर उत्पन्न हो रही है. बातचीत के पश्चात अपर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि हम कल ही सभी अधिकारियों के साथ बैठक कर आप सभी की समस्याओं का निवारण करेंगे।

प्रतिनिधिमण्डल में दून उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रभाकर, गुरभेज सिंह, राजू पूरी, हिमांशु, जगदीश प्रसाद, सतीश मेहता, राजू गुलाटी, मोहित भाटिया, अजय सिंघल, कुल भूषण अग्रवाल, राजेश बडोनी, अजय वाधवा, प्रमोद गुप्ता, अनुज रस्तोगी, राहुल सूद, शिवम मेहता, मनीष बजाज, उमेश मारवाह, चेतन मेहता, देवेंद्र पाल मोंटी, संदीप मुखर्जी, प्रदीप कुमार, आशीष शर्मा, रंजीत सेमवाल, सूरज रावत आदि उपस्थित रहे।

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