By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: अंग तस्करी रोकने को धामी सरकार ने बनाए सख्त नियम
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > अंग तस्करी रोकने को धामी सरकार ने बनाए सख्त नियम
उत्तराखंड

अंग तस्करी रोकने को धामी सरकार ने बनाए सख्त नियम

The Hill India Desk
Last updated: May 26, 2023 3:00 pm
The Hill India Desk
Published: May 26, 2023
Share
SHARE

अंग तस्करी रोकने को धामी सरकार ने बनाए सख्त नियम

ब्रेन डेड मरीजों के परिजनों की स्वेच्छा से होने वाले अंगदान को स्वास्थ्य विभाग ने छह चिकित्सकों की एक्सपर्ट कमेटी का किया गठन

वर्ष 2017 में देहरादून में किडनी चोरी करने वाले बड़े रैकेट का हुआ था खुलासा

देहरादून। उत्तराखंड में अंग तस्करी पर नकेल कसने के लिए राज्य की धामी सरकार ने कठोर नियम बना दिए हैं। इसके तहत ब्रेन डेड मरीजों के परिजनों की स्वेच्छा से होने वाले अंग प्रत्यारोपण को लेकर उत्तराखंड सरकार (स्वास्थ्य विभाग) ने छह चिकित्सकों की एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। इसमें तीन न्यूरोसर्जन व तीन आईसीयू डॉक्टर्स को शामिल किया गया है। इस एक्सपर्ट कमेटी के मंतव्य और पूरी तरह से संतुष्ट होने पर ही ब्रेन डेड मरीज के अंगों का प्रत्यारोपण संभव हो सकेगा।

विदित हो कि वर्ष 2017 में देहरादून के लालतप्पड़ में देश को झकझोर कर रख देने वाला किडनी कांड सामने आया था। किडनी चोर इस रैकेट के तार देश के अलग-अलग राज्यों ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जुड़े थे। लालतप्पड़ में खुले इस अवैध अस्पताल में बीते कई सालों से अक्षय राउत और उसके तमाम सहयोगी गरीब लोगों के भोलेपन और उनकी जरूरतों का फायदा उठाकर उनकी किडनी निकालकर बेचने का काम कर रहे थे। इस मामले में दो दर्जन के करीब लोगों को पूरी तफ्तीश के दौरान गिरफ्तार किया गया था।

बहरहाल, इस कांड के सामने आने के बाद पहली बार राज्य में अंग तस्करी को रोकने के लिए गंभीर मंथन शुरू हुआ! अब, राज्य की धामी सरकार ने इसे लेकर सख्त नियम बना दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में हाल ही में देहरादून के नामी अस्पताल एवं दो मेडिकल कॉलेज ने स्वास्थ्य महानिदेशालय से अपने स्तर से ब्रेन डेड मरीजों के अंग प्रत्यारोपण की अनुमति मांगी थी।

सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य महानिदेशालय ने इन अस्पतालों के प्रस्ताव पर यह कहते हुए आपत्ति जताई कि बगैर सरकारी नियंत्रण के इस अनुमति का दुरुपयोग हो सकता है। ऐसे में बीते दिनों स्वास्थ्य महानिदेशक की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैहक में तय हुआ कि अस्पतालों को सीधे तौर पर यह अधिकार प्रदान नहीं किये जा सकते।

इसे देखते हुए एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा किया गया है। इस कमेटी में स्वास्थ्य विभाग के दो विशेषज्ञों एवं आईएमए के चार विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। इनमें तीन न्यूरोसर्जन एवं तीन आईसीयू डॉक्टर्स को शामिल किया गया है।
अस्पतालों में ब्रेन डेड मरीज के अंग प्रत्यारोपण का कोई मामला सामने आता है तो पहले इस एक्सपर्ट कमेटी के सामने इसे प्रस्तुत किया जाएगा। परिजनों की स्वेच्छा जताने पर ही कमेटी इसे लेकर अपनी राय देगी। इसके बाद ही ब्रेन डेड मरीज के अंग प्रत्यारोपण सम्भव हो सकेगा।

इसलिए रखे गए छह एक्सपर्ट

कमेटी में एक न्यूरोसर्जन एवं आईसीयू डॉक्टर की तीन टीमें बनाई गई हैं। किन्हीं कारणों के चलते अगर एक टीम उपलब्ध नहीं है तो दूसरी व तीसरी टीम यह कार्य करेगी।

अभी तक नहीं आया कोई मामला

जब से इस एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया गया है तब से इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। गौरतलब है कि इस कमेटी के गठान के पीछे मंशा भी यही है कि ब्रेन डेड मरीजों के अंगों की तस्करी आदि कार्य न हों। अस्पतालों को यह अधिकार न देने के पीछे भी यही मंशा है कि किसी भी तरह से राज्य में अंग तस्करी का कारोबार न पनपे। गौरतलब है देश के कई राज्यों में बकायदा अंग तस्करी के तमाम गिरोह अस्पतालों में सक्रिय हैं जो अस्पतालों से सांठगांठ कर इन गलत कामों को अंजाम दे रहे हैं.

You Might Also Like

उत्तराखण्ड : जेई/एई पेपरलीक मामले में बडी गिरप्तारी
देहरादून का ऐतिहासिक घंटाघर बना और भव्य, CM धामी ने किया रूपांतरण व स्वचालित प्रकाश व्यवस्था का लोकार्पण
Uttarakhand : पिथोरागढ़ जिले के वीरान गांव में फंसे CEC राजीव कुमार, गुजारनी पड़ सकती है पूरी रात, सुबह 10 बजे तक पहुचेगी रेस्क्यू टीम
विकास की रफ्तार: धामी सरकार ने 7 हजार किमी सड़कें कीं ‘गड्डा मुक्त’, पिरूल और रोपवे परियोजनाओं से बदली उत्तराखंड की तस्वीर
राज्य के तीन लाख से अधिक किसानों की बदलेगी किस्मत
TAGGED:Chief Minister Pushkar Singh DhamiDehradunUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

NEET पेपर लीक विवाद: PM मोदी के ‘कड़े कानून’ के भरोसे के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, प्रदर्शनकारी छात्रों को राहत देने के संकेत

The Hill India News
The Hill India News
July 24, 2026
UTU पेपर लीक कांड में बड़ा एक्शन: असिस्टेंट प्रोफेसर पर मुकदमा, अगस्त में दोबारा होगी परीक्षा; शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
TET पर सरकार का बड़ा ऐलान: लाखों सरकारी शिक्षकों को नहीं मिलेगी छूट, संसद में साफ कहा- परीक्षा पास करना रहेगा अनिवार्य
छात्रों से बातचीत को तैयार केंद्र सरकार, NEET विवाद के बीच संवाद से समाधान निकालने की पहल तेज
पेपर लीक और लाठीचार्ज के विरोध में बिहार उबल पड़ा: कई जिलों में छात्रों का प्रदर्शन तेज, शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
5 करोड़ शिवभक्तों के स्वागत को तैयार हरिद्वार: कांवड़ मेले में 32 अस्थायी अस्पताल, जंगलों में वनकर्मियों की चौकसी और सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम
‘बटवारा 1947’ को बिना किसी कट के मिली सेंसर बोर्ड की मंजूरी, 14 अगस्त को बड़े पर्दे पर दिखेगी विभाजन की दर्दभरी कहानी
रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव: अब TTE की टिकट जांच होगी बॉडी कैमरे की निगरानी में, बातचीत और विवाद की पूरी रिकॉर्डिंग होगी
अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! सेना के बाद CAPFs में 50% आरक्षण, जानिए आर्मी और अर्धसैनिक बलों की नौकरी में क्या है सबसे बड़ा अंतर
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक का बड़ा खुलासा: परीक्षा रद्द, हजारों छात्रों का भविष्य अधर में
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?