
नई दिल्ली | भारत आज अपनी लोकतांत्रिक यात्रा के 76 गौरवशाली वर्ष पूरे कर 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में उभरा था। आज, जब नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत अपनी सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन कर रहा है, दुनिया भर के शक्तिशाली देशों ने भारत को सलाम किया है। अमेरिका के नए प्रशासन से लेकर पड़ोसी देश चीन और बांग्लादेश तक ने इस अवसर पर भारत के लिए मित्रता और सहयोग के संदेश भेजे हैं।
अमेरिका: “भारत के साथ संबंध ऐतिहासिक और परिणामोन्मुखी”
अमेरिका में नई सरकार के गठन के बाद भारत के साथ रिश्तों में एक नई ऊर्जा देखी जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से भारत को हार्दिक बधाई दी है। रुबियो ने अपने आधिकारिक बयान में भारत-अमेरिका के बढ़ते रक्षा और तकनीकी सहयोग पर जोर दिया।
मार्को रुबियो ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत एक ऐतिहासिक संबंध साझा करते हैं। रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती प्रौद्योगिकियों (Emerging Tech) पर हमारे घनिष्ठ सहयोग से लेकर क्वाड (QUAD) के माध्यम से हमारे बहुस्तरीय जुड़ाव तक, अमेरिका-भारत संबंध दोनों देशों और भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए वास्तविक परिणाम प्रदान कर रहे हैं।“ उन्होंने आने वाले वर्ष में साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर काम करने की उत्सुकता भी जाहिर की।
चीन: राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बताया “अच्छा पड़ोसी और साझेदार”
सीमा पर जारी तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बधाई संदेश कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीनी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, जिनपिंग ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भेजकर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
जिनपिंग ने अपने संदेश में कहा कि चीन और भारत “अच्छे पड़ोसी, मित्र और साझेदार“ हैं। जानकारों का मानना है कि जिनपिंग का यह नरम रुख 2026 में दोनों एशियाई शक्तियों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत हो सकता है।
बांग्लादेश: “हर भारतीय नागरिक को बधाई”
भारत के निकटतम पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार बांग्लादेश ने भी इस राष्ट्रीय उत्सव में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने एक विशेष संदेश जारी करते हुए कहा, “बांग्लादेश भारत के प्रत्येक महिला, पुरुष और बच्चे को 77वें गणतंत्र दिवस पर बधाई देता है।“ यह संदेश दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव को पुन: पुष्ट करता है।
26 जनवरी: एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य का उदय
गणतंत्र दिवस केवल परेड और झांकियों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारे संविधान की सर्वोच्चता का प्रतीक है। हालांकि भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हो गया था, लेकिन सही मायने में 1950 में संविधान अपनाने के बाद ही भारत एक पूर्ण गणराज्य बना।
गणतंत्र दिवस का महत्व:
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संवैधानिक गरिमा: इसी दिन भारत ने अपने स्वयं के नियम और कानून लागू किए, जो समानता, स्वतंत्रता और न्याय पर आधारित हैं।
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राष्ट्रीय एकता: धर्म, जाति और संप्रदाय से ऊपर उठकर हर भारतीय इस दिन को राष्ट्र प्रेम के उत्सव के रूप में मनाता है।
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शौर्य का प्रदर्शन: कर्तव्य पथ (पूर्व में राजपथ) पर होने वाले आयोजन में दुनिया भारत की सैन्य आधुनिकता और परंपरागत विरासत का संगम देखती है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती धमक
77वें गणतंत्र दिवस पर मिल रहे संदेशों से यह स्पष्ट है कि भारत अब केवल एक दक्षिण एशियाई शक्ति नहीं, बल्कि एक वैश्विक प्रभावक (Global Influencer) बन चुका है। चाहे वह अमेरिका के साथ ‘क्रिटिकल टेक्नोलॉजी’ पर साझेदारी हो या ग्लोबल साउथ की आवाज बनना, भारत की ‘सॉफ्ट’ और ‘हार्ड’ पावर दोनों का लोहा दुनिया मान रही है।
मार्को रुबियो का ‘क्वाड’ का जिक्र करना और जिनपिंग का ‘साझेदार’ कहना इस बात की तस्दीक करता है कि भविष्य की वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका अपरिहार्य है।
राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत सवा सौ करोड़ भारतीय
आज राजधानी दिल्ली से लेकर सुदूर गांवों तक तिरंगा गर्व से लहरा रहा है। वैश्विक नेताओं की बधाई यह बताती है कि एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे विश्व के लिए प्रेरणा हैं। 77वां गणतंत्र दिवस हमें याद दिलाता है कि विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।



