By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: गणतंत्र दिवस पर ‘न्याय’ की हुंकार: उत्तरकाशी में धराली आपदा पीड़ितों का उग्र प्रदर्शन, DM के आश्वासन पर 15 दिन का ‘विराम’
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > गणतंत्र दिवस पर ‘न्याय’ की हुंकार: उत्तरकाशी में धराली आपदा पीड़ितों का उग्र प्रदर्शन, DM के आश्वासन पर 15 दिन का ‘विराम’
उत्तराखंडफीचर्ड

गणतंत्र दिवस पर ‘न्याय’ की हुंकार: उत्तरकाशी में धराली आपदा पीड़ितों का उग्र प्रदर्शन, DM के आश्वासन पर 15 दिन का ‘विराम’

The Hill India News
Last updated: January 26, 2026 1:21 pm
The Hill India News
Published: January 26, 2026
Share
SHARE

उत्तरकाशी जहाँ एक ओर समूचा राष्ट्र 77वें गणतंत्र दिवस के उल्लास में डूबा था, वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में आपदा की मार झेल रहे ग्रामीणों के चेहरों पर मायूसी और आक्रोश की लकीरें साफ दिखाई दीं। अगस्त 2025 की उस भयावह त्रासदी को बीते महीनों बीत चुके हैं, लेकिन धराली के ग्रामीणों के घाव आज भी हरे हैं। सोमवार को अपनी लंबित मांगों और सरकार की ‘अनदेखी’ के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय का रुख किया और कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए।

Contents
ADM और SDM के साथ वार्ता रही विफलDM प्रशांत आर्य का 15 दिनों का अल्टीमेटमधराली आपदा पीड़ितों की प्रमुख मांगें: एक नजर मेंफ्लैशबैक: 5 अगस्त 2025 की वो काली रातग्रामीणों का दर्द: “अब और नहीं सहेंगे अनदेखी”प्रशासनिक दृष्टिकोण और आगे की राह

ADM और SDM के साथ वार्ता रही विफल

आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने शुरुआत में ADM और SDM को वार्ता के लिए भेजा। घंटों चली बातचीत के बावजूद ग्रामीणों का रुख कड़ा बना रहा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि उन्हें अब कोरे आश्वासनों की नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है। अधिकारियों के साथ वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन और उग्र होने लगा, जिसके बाद स्वयं जिलाधिकारी (DM) प्रशांत आर्य को मोर्चा संभालना पड़ा।

DM प्रशांत आर्य का 15 दिनों का अल्टीमेटम

स्थित को बिगड़ते देख जिलाधिकारी प्रशांत आर्य आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की व्यथा को सुना और मानवीय आधार पर उनकी मांगों को जायज ठहराया। DM ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि अगले 15 दिनों के भीतर उनकी सभी प्रमुख मांगों का निस्तारण कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी के इस ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि, ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन में समाधान नहीं हुआ, तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।


धराली आपदा पीड़ितों की प्रमुख मांगें: एक नजर में

धराली के ग्रामीणों ने अपनी मांगों का एक विस्तृत मांग पत्र प्रशासन को सौंपा है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • कल्प केदार मंदिर का जीर्णोद्धार: मलबे में दबे प्राचीन और पौराणिक कल्प केदार मंदिर का पुनरुद्धार कर उसकी गरिमा बहाल की जाए।

  • पुनर्वास नीति के तहत बसावट: जिन लोगों के घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भूमि आवंटित कर बसाया जाए।

  • व्यवसायिक मुआवजा: होटल और अन्य छोटे-बड़े व्यवसाय चलाने वाले व्यापारियों को उचित आर्थिक सहायता और दोबारा काम शुरू करने के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाए।

  • वाहनों और दुकानों की क्षतिपूर्ति: मलबे में दबे टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर और पूरी तरह नष्ट हो चुकी दुकानों का पूर्ण मुआवजा दिया जाए।

  • कृषि कर्ज माफी: लघु एवं सीमांत किसानों के कृषि ऋण को मानवीय आधार पर माफ किया जाए, क्योंकि उनकी उपजाऊ भूमि मलबे में तब्दील हो चुकी है।

  • किरायेदारों को सहायता: आपदा में नुकसान झेलने वाले किरायेदारों को भी उचित राहत राशि दी जाए।


फ्लैशबैक: 5 अगस्त 2025 की वो काली रात

गौरतलब है कि बीते वर्ष 5 अगस्त 2025 को उत्तरकाशी के धराली में कुदरत का कहर टूटा था। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण आया मलबा देखते ही देखते पूरे धराली बाजार को लील गया। पूरा इलाका लगभग 30 से 40 फीट मलबे के नीचे दब गया था। इस भीषण आपदा में 50 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और करोड़ों की संपत्ति खाक हो गई थी। आज भी कई परिवार ऐसे हैं जिनके पास न रहने को छत है और न आजीविका का कोई साधन।

ग्रामीणों का दर्द: “अब और नहीं सहेंगे अनदेखी”

काली कमली धर्मशाला में आयोजित सभा के दौरान ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की सुस्ती ने उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया है। ग्रामीणों ने कहा, “हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन हमारी आजीविका और अस्तित्व के संकट पर सरकार कब जागेगी?”

प्रशासनिक दृष्टिकोण और आगे की राह

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रशासन आपदा पीड़ितों के प्रति संवेदनशील है। सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। 15 दिनों का समय इसलिए लिया गया है ताकि तकनीकी बाधाओं को दूर कर पीड़ितों के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि पहुंचाई जा सके।

अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन 15 दिनों की अपनी समय सीमा पर खरा उतरता है या धराली के ग्रामीणों को एक बार फिर कलेक्ट्रेट की चौखट पर दस्तक देनी पड़ेगी।

You Might Also Like

नैनीताल हाईकोर्ट: लोहाघाट विधायक के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई, 12 मई को होगी अगली बहस
Chhattisgarh: 40 एकड़ में फैली बारूद फैक्ट्री में धमाका, ब्लास्ट के बाद 5 KM तक दहला इलाका
जन्मदिन पर पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दी मुख्यमंत्री धामी को शुभकामनाएं, कहा – “जनसेवा के संकल्प प्रेरणादायक…”
हरियाणा: अपने शताब्दी वर्ष में राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान को 100 गांव गोद लेकर पशुपालन विकास करना चाहिए – नरेंद्र सिंह तोमर
हिमाचल प्रदेश में फिर फटा बादल, कई इलाकों में आई बाढ़ बिजली आपूर्ति ठप
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

EPFO अपडेट: क्या सच में ATM और UPI से तुरंत निकलेगा PF पैसा? जानिए वायरल दावे की पूरी सच्चाई

The Hill India News
The Hill India News
June 18, 2026
धामी कैबिनेट ने पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी और निशानेबाज जसपाल राणा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, शोक प्रस्ताव पारित
श्रेयस अय्यर ने रचा इतिहास: विराट कोहली, केएल राहुल और सिद्धू को पीछे छोड़ वनडे में बनाया बड़ा रिकॉर्ड, भारत की धमाकेदार जीत
ईरान ने डील में अमेरिका को दी मात? ट्रंप की ‘डील मास्टर’ छवि पर उठे सवाल, समझौते से मिले अरबों डॉलर के फायदे
उत्तराखंड: धामी कैबिनेट की अहम बैठक जारी, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर रोजगार और निवेश तक कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: दो सीटें, तीन उम्मीदवार और क्रॉस वोटिंग का सस्पेंस, NDA-INDIA दोनों की बढ़ी धड़कनें
400 करोड़ पार करते ही ‘पेड्डी’ मेकर्स का बड़ा दांव, फिल्म में जोड़े गए करीब 6 मिनट के नए सीन
गोविंदा-सुनीता के तलाक की अफवाहों पर बेटी टीना आहूजा का दर्द छलका, बोलीं- “मैं कोई संत नहीं हूं, ये बातें परेशान करती हैं”
ममता बनर्जी की सुरक्षा पर सियासी बवाल: डेरेक ओ’ब्रायन ने किया बड़ा दावा, बोले- ‘दीदी की हिफाजत के लिए रातभर देना पड़ा पहरा’
उद्धव ठाकरे पर फिर मंडराया जून संकट! कौन हैं वे 6 सांसद, जिनकी बगावत की चर्चाओं ने बढ़ाई शिवसेना (UBT) की चिंता?
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?