
अमेरिका और खाड़ी देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान में इन दिनों ऐसा माहौल देखने को मिल रहा है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राजधानी तेहरान में सार्वजनिक स्थानों पर आम नागरिकों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। महिलाओं, बच्चों और पुरुषों के लिए अलग-अलग बूथ बनाए गए हैं, जहां उन्हें AK-47 जैसी असॉल्ट राइफल चलाना सिखाया जा रहा है। इतना ही नहीं, ईरान के सरकारी टीवी चैनलों पर भी लाइव कार्यक्रमों में हथियारों की ट्रेनिंग दिखाई जा रही है।
तेहरान के मशहूर हफ़्ते तिर स्क्वायर पर बनाए गए विशेष गन बूथ इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और सैन्यकर्मियों से हथियार चलाने की बुनियादी ट्रेनिंग ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला सैन्यकर्मी आम महिलाओं को बंदूक पकड़ने, निशाना लगाने और गोली चलाने के तरीके समझा रही हैं। वहीं बच्चों और पुरुषों के लिए अलग ट्रेनर मौजूद हैं, जो उन्हें सैन्य अभ्यास करा रहे हैं।
ईरान के सरकारी मीडिया में भी युद्ध जैसी तैयारियों का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी चैनल “ओफोग टीवी” पर प्रसारित एक लाइव कार्यक्रम में एक टीवी एंकर खुद असॉल्ट राइफल के साथ नजर आया। कार्यक्रम के दौरान एंकर ने दावा किया कि वह बुनियादी सैन्य ट्रेनिंग ले रहा है और जरूरत पड़ने पर देश की रक्षा के लिए युद्ध में भी शामिल होगा। इस दौरान स्टूडियो में मौजूद एक IRGC कमांडर ने उसे हथियार चलाने के तरीके बताए।
सबसे ज्यादा विवाद उस समय हुआ जब लाइव शो के दौरान एंकर ने संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के राष्ट्रीय झंडे की दिशा में गोली चला दी। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कई लोगों ने इसे खाड़ी देशों के लिए एक राजनीतिक संदेश बताया, जबकि कुछ विशेषज्ञों ने इसे ईरान की आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान इन दिनों टीवी पर हथियारों की ट्रेनिंग से जुड़े कार्यक्रमों की संख्या लगातार बढ़ा रहा है। प्राइमटाइम स्लॉट में प्रसारित हो रहे इन कार्यक्रमों का मकसद आम नागरिकों को संभावित बड़े युद्ध के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करना बताया जा रहा है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में कम से कम तीन बड़े टीवी कार्यक्रमों में एंकर और मेहमान हथियारों के साथ दिखाई दिए।
न्यूज एजेंसी AFP द्वारा जारी तस्वीरों में साफ दिखाई देता है कि तेहरान में सैन्य माहौल तेजी से बढ़ रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर सैन्य प्रशिक्षण शिविर जैसे दृश्य नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि इन कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी भी काफी अधिक देखी जा रही है। कई महिलाएं हथियारों की ट्रेनिंग लेते हुए कैमरे में कैद हुईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के कारण ईरान अपने नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार करना चाहता है। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों और लगातार जारी बयानबाजी ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। ऐसे में ईरान की यह पहल केवल सैन्य तैयारी नहीं, बल्कि जनता के बीच राष्ट्रवाद और सुरक्षा भावना मजबूत करने की रणनीति भी मानी जा रही है।
हालांकि, बच्चों को हथियारों की ट्रेनिंग दिए जाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल भी उठ रहे हैं। कई मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है कि इस तरह के कदम समाज में भय और सैन्य मानसिकता को बढ़ावा दे सकते हैं। दूसरी ओर, ईरान समर्थक समूहों का कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए हर नागरिक का तैयार रहना जरूरी है।
ईरान में चल रही यह सैन्य तैयारी अब केवल सेना तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आम नागरिक भी इसका हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं। सार्वजनिक चौक, टीवी स्टूडियो और ट्रेनिंग बूथ — हर जगह एक ही संदेश दिया जा रहा है कि देश किसी भी संभावित संघर्ष के लिए खुद को तैयार कर रहा है।



