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UP Voter List 2026: उत्तर प्रदेश मतदाता सूची में ऐतिहासिक ‘शुद्धीकरण’, 2.89 करोड़ नाम कटे; लखनऊ और कानपुर में सबसे बड़ा उलटफेर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के “महा-शुद्धीकरण” अभियान को अंजाम दिया है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा जारी संशोधित ड्राफ्ट (Revised Draft) ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद प्रदेश की मतदाता सूची से कुल 2.89 करोड़ विसंगत नामों को हटा दिया गया है, जिसके बाद अब उत्तर प्रदेश में पात्र मतदाताओं की कुल संख्या 12.55 करोड़ रह गई है।

डिजिटल स्ट्राइक: फर्जी और मृतक वोटरों का ‘सफाया’

चुनाव आयोग के इस कदम को अब तक का सबसे बड़ा शुद्धीकरण अभियान माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सूची को पारदर्शी बनाने के लिए डुप्लीकेट, मृतक और शिफ्ट हो चुके मतदाताओं की बारीकी से पहचान की गई। इस प्रक्रिया में सबसे ज्यादा असर शहरी क्षेत्रों में देखा गया है, जहाँ ‘फ्लोटिंग पॉपुलेशन’ यानी काम के सिलसिले में शहर बदलने वाली आबादी बड़ी संख्या में थी।


जिलेवार आंकड़ों ने चौंकाया: राजधानी लखनऊ में 30% नामों की कटौती

संशोधित सूची के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई बड़े जिलों में मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है:

1. लखनऊ और कानपुर: महानगरों में भारी कमी

  • लखनऊ: राजधानी में सबसे चौंकाने वाली गिरावट रही। यहाँ पहले 39.9 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर 27.9 लाख रह गए हैं। करीब 30 प्रतिशत नाम सूची से बाहर हो गए हैं।

  • कानपुर: यहाँ की 10 विधानसभाओं से कुल 9,02,148 नाम हटाए गए हैं, जो कुल वोटरों का लगभग 25.50% है।

2. गाजियाबाद और पश्चिम यूपी का हाल

  • गाजियाबाद: औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहाँ 28.84% यानी 8.18 लाख नाम कटे हैं। साहिबाबाद विधानसभा में सर्वाधिक 38.32% कटौती हुई है।

  • बागपत: यहाँ भी 1.77 लाख मतदाता ‘गायब’ पाए गए हैं, जिससे अब कुल संख्या 7.99 लाख रह गई है।

  • बरेली: जिले में 21 प्रतिशत (7.16 लाख) मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

3. पूर्वांचल और बुंदेलखंड में बड़े बदलाव

  • वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में लगभग 18% नाम हटाए गए हैं।

  • आगरा: यहाँ 36.71 लाख में से 9 लाख से अधिक नाम कटे, अब 27.63 लाख वोटर शेष हैं।

  • जौनपुर और बलिया: जौनपुर में भारी कटौती के साथ-साथ बलिया में भी प्रशासन ने 4.50 लाख नाम हटाए हैं।


मतदाता सूची पुनरीक्षण: एक नजर में मुख्य आंकड़े

जिला हटाए गए नाम (लगभग) वर्तमान कुल मतदाता
लखनऊ 12 लाख (30%) 27.9 लाख
कानपुर 9.02 लाख
आगरा 9 लाख 27.63 लाख
गाजियाबाद 8.18 लाख 20.19 लाख
बरेली 7.16 लाख 26.91 लाख
बलिया 4.50 लाख 20.54 लाख

मृतक, शिफ्टेड और फर्जी वोटरों पर कार्रवाई

रायबरेली के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि यहाँ हटाए गए 3.48 लाख नामों में 67,808 मृतक, 1.70 लाख स्थानांतरित और 29,336 डुप्लीकेट मतदाता शामिल थे। यही पैटर्न पूरे प्रदेश में देखने को मिला है। मुरादाबाद में ‘लो-मैपिंग’ श्रेणी के मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी है, जबकि 1200 से अधिक मतदाताओं वाले बूथों का विभाजन कर नए बूथ बनाए गए हैं।

मुख्य चुनाव अधिकारी की अपील: “अभी भी है मौका”

मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि यद्यपि यह संशोधित ड्राफ्ट है, लेकिन जिन पात्र नागरिकों के नाम किसी कारणवश कट गए हैं, वे अभी भी निराश न हों। प्रशासन ने जानकारी दी है कि प्रभावित लोग फॉर्म 6 भरकर दोबारा अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। राजनीतिक दलों को भी नए बूथों की सूची सौंप दी गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।


पारदर्शी चुनाव की ओर बड़ा कदम

UP Voter List में इस बड़े बदलाव का सीधा असर आगामी विधानसभा और स्थानीय चुनावों पर पड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फर्जी नामों के हटने से चुनाव के परिणाम अधिक सटीक और पारदर्शी होंगे। अब यह राजनीतिक दलों पर निर्भर है कि वे अपने आधार को मजबूत करने के लिए नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए कितनी तत्परता दिखाते हैं।

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