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उत्तराखंड: बर्फ की आगोश में देवभूमि; कुमाऊँ-गढ़वाल में सीजन का पहला हिमपात, प्रशासन हाई अलर्ट पर

देहरादून/पिथौरागढ़: देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदल ली है। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ और सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में शुक्रवार को भारी उत्तराखंड बर्फबारी 2026 का नजारा देखने को मिला। जहां ऊंचे शिखरों ने सफेद चादर ओढ़ ली है, वहीं निचले इलाकों में बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। मुनस्यारी और चौकोड़ी जैसे पर्यटक स्थलों पर सीजन की पहली बर्फबारी होने से पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं, हालांकि स्थानीय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

पिथौरागढ़: आदि कैलाश से मुनस्यारी तक चांदी जैसी चमक

सीमांत जिले पिथौरागढ़ के ऊंचाइ वाले इलाकों में शुक्रवार को कुदरत का अनोखा रूप देखने को मिला। मुनस्यारी, चौकोड़ी और धरमघर में सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया। व्यास और दारमा घाटी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों, जिनमें आदि कैलाश, ओम पर्वत, गुंजी और कालापानी शामिल हैं, वहां कई फीट तक बर्फ जम चुकी है।

खलियाटॉप और अन्य ऊंची चोटियों पर हुई इस बर्फबारी ने पूरे जिले को कड़ाके की ठंड की चपेट में ले लिया है। सैलानी इस मौसम का लुत्फ उठाने के लिए भारी संख्या में मुनस्यारी और चौकोड़ी का रुख कर रहे हैं।

प्रशासन मुस्तैद: स्वास्थ्य और बिजली विभाग को निर्देश

बिगड़ते मौसम और भारी बर्फबारी को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) आशीष भटगांई ने कड़े कदम उठाए हैं। प्रशासन की प्राथमिकता संचार और मार्ग कनेक्टिविटी को बनाए रखना है।

  • स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि आपातकालीन दवाइयां, ऑक्सीजन और एंबुलेंस की सुविधा 24/7 उपलब्ध रहे।

  • राशन और रसद: ऊंचाई वाले इलाकों में खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।

  • अवरुद्ध मार्ग: सड़कों से बर्फ हटाने के लिए जेसीबी और आवश्यक मशीनरी को संवेदनशील पॉइंट पर तैनात कर दिया गया है।

  • हेल्पलाइन: किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 1077 जारी किया है।


अल्मोड़ा: दोपहर बाद बदला मौसम, स्कूलों में छुट्टी का ऐलान

अल्मोड़ा जनपद में भी शुक्रवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। नगर क्षेत्र सहित जिले के ऊंचाई वाले स्थानों पर भारी हिमपात हुआ। सुबह से ही चल रही ठंडी हवाओं और बादलों की आवाजाही के बाद दोपहर में बारिश शुरू हुई, जो देखते ही देखते बर्फबारी में तब्दील हो गई।

प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल जागेश्वर, बिनसर वन्यजीव अभयारण्य, कसार देवी, मोरनौला और स्याही देवी में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। शाम होते-होते द्वाराहाट के दूनागिरि, रानीखेत के चौबटिया और लमगड़ा के शहरफाटक इलाके भी पूरी तरह सफेद हो गए।

सावधानी की अपील: मौसम विभाग के भारी बर्फबारी के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने 24 जनवरी को जनपद के सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।


पर्यटन को पंख, लेकिन चुनौतियां भी अपार

उत्तराखंड बर्फबारी 2026 की इस पहली दस्तक ने पर्यटन कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। होटल बुकिंग में अचानक उछाल देखा जा रहा है। हालांकि, बर्फबारी के कारण बिजली और संचार सेवाएं बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। तापमान में आई भारी गिरावट के कारण पाइपलाइनों में पानी जमने की खबरें भी सामने आ रही हैं।

यात्रियों के लिए मुख्य सलाह:

  1. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें।

  2. वाहनों में एंटी-स्किड चैन और पर्याप्त ईंधन रखें।

  3. प्रशासन द्वारा जारी टोल-फ्री नंबरों को अपने पास सुरक्षित रखें।


प्रकृति का सौंदर्य और संघर्ष का संगम

उत्तराखंड के पहाड़ों में हुई यह बर्फबारी खेती (खासकर सेब के बगीचों) के लिए तो वरदान मानी जा रही है, लेकिन आम जनजीवन के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा का प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को कम से कम असुविधा हो।

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