By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: Uttarakhand: 2027 कुंभ को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी तेज, सीएम धामी ने गंगा तट पर संतों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > Uttarakhand: 2027 कुंभ को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी तेज, सीएम धामी ने गंगा तट पर संतों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक
उत्तराखंडफीचर्ड

Uttarakhand: 2027 कुंभ को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी तेज, सीएम धामी ने गंगा तट पर संतों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक

The Hill India News
Last updated: November 28, 2025 1:29 pm
The Hill India News
Published: November 28, 2025
Share
SHARE

हरिद्वार: हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित दिव्य और भव्य कुंभ के आयोजन को लेकर उत्तराखंड सरकार ने तैयारियों की गति और तेज कर दी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में गंगा तट पर सभी 13 अखाड़ों के आचार्यों और संतों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। यह पहली बार है जब कुंभ से जुड़े सभी पहलुओं पर विमर्श के लिए बैठक सीधे गंगा किनारे आयोजित की गई, जो स्वयं में परंपरा, आध्यात्मिकता और प्रशासनिक समन्वय का अनूठा संदेश देती है।

Contents
मुख्यमंत्री द्वारा 2027 कुंभ स्नान की तिथियों की घोषणा“संतों की प्रेरणा और आशीर्वाद के बिना कुंभ का सफल आयोजन संभव नहीं” — मुख्यमंत्री धामी2021 के कुंभ की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए 2027 को बनाया जाएगा “ऐतिहासिक”सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय मजबूत, भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यानस्वच्छता, पर्यावरण और आधारभूत संरचना पर विशेष फोकससंत समाज ने की मुख्यमंत्री की पहल की सराहनाबैठक में उपस्थित प्रमुख संत एवं जनप्रतिनिधि

इस विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने 2027 कुंभ स्नान की प्रमुख तिथियों की आधिकारिक घोषणा भी की और आयोजन को दिव्य, भव्य, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए संत समाज से आशीर्वाद व मार्गदर्शन प्राप्त किया। संतों ने भी संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाए जा रहे कदमों की सराहना की तथा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।


मुख्यमंत्री द्वारा 2027 कुंभ स्नान की तिथियों की घोषणा

सीएम धामी ने बैठक के दौरान 2027 कुंभ के प्रमुख स्नानों की तिथियाँ जारी कीं। घोषित तिथियाँ इस प्रकार हैं—

  • 14 जनवरी 2027 — मकर संक्रांति
  • 06 फरवरी 2027 — मौनी अमावस्या
  • 11 फरवरी 2027 — वसंत पंचमी
  • 20 फरवरी 2027 — माघ पूर्णिमा
  • 06 मार्च 2027 — महाशिवरात्रि (अमृत स्नान)
  • 08 मार्च 2027 — फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान)
  • 07 अप्रैल 2027 — नव संवत्सर
  • 14 अप्रैल 2027 — मेष संक्रांति (अमृत स्नान)
  • 15 अप्रैल 2027 — श्रीराम नवमी
  • 20 अप्रैल 2027 — चैत्र पूर्णिमा

इन तिथियों की घोषणा के साथ ही राज्य सरकार ने 2027 के लिए व्यापक पैमाने पर तैयारियों का रोडमैप सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर दिया है।


“संतों की प्रेरणा और आशीर्वाद के बिना कुंभ का सफल आयोजन संभव नहीं” — मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर निर्णय में संत समाज की परंपराओं, आवश्यकताओं और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा:

“कुंभ केवल आयोजन नहीं, यह सनातन संस्कृति की आत्मा है। संतों की प्रेरणा, सुझाव और आशीर्वाद के बिना इस महायोजना की पूर्णता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हमारा प्रयास है कि कुंभ 2027 को संत समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप ऐतिहासिक बनाया जाए।”

सीएम धामी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘भारत को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने’ के दिए गए संदेश को साकार करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।


2021 के कुंभ की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए 2027 को बनाया जाएगा “ऐतिहासिक”

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2021 का कुंभ कोविड-19 महामारी के कारण सीमित दायरे में आयोजित हुआ था, जहाँ शाही स्नान भी प्रतीकात्मक रूप से कराया गया। इसलिए 2027 में सरकार का लक्ष्य है कि हरिद्वार कुंभ—

  • अधिक संगठित,
  • अधिक सुरक्षित,
  • अधिक पारंपरिक,
  • अधिक विशाल,
  • और सांस्कृतिक रूप से अधिक प्रभावशाली रूप में आयोजित किया जाए।

उन्होंने कहा कि 2027 में श्रद्धालुओं की संख्या 2010 और 2021 दोनों के मुकाबले कई गुना अधिक होने की संभावना है, इसलिए सुरक्षा, व्यवस्थापन और आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।


सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय मजबूत, भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान

कुंभ 2027 में सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने विस्तृत तैयारी की जानकारी दी:

  • पुलिस, PAC, SDRF, NDRF और फायर विभाग में समन्वय
  • राज्य व केंद्र की सभी सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त प्लान
  • भीड़ प्रबंधन के लिए उन्नत तकनीक और पिछले कुंभों के अनुभवों का उपयोग
  • आकस्मिक आपात स्थितियों के लिए पूर्वाभ्यास एवं बेहतर रिस्पांस सिस्टम
  • यातायात प्रबंधन और रूट प्लानिंग की समय से पहले तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ के दौरान तमाम विभाग सुरक्षा के हर पहलू पर ध्यान रखते हुए सभी जरूरी उपाय सुनिश्चित करेंगे।


स्वच्छता, पर्यावरण और आधारभूत संरचना पर विशेष फोकस

धामी ने स्पष्ट किया कि कुंभ क्षेत्र में—

  • घाटों की स्वच्छता,
  • कचरा प्रबंधन,
  • जल निकासी व्यवस्था,
  • पर्यावरण संरक्षण,
  • सड़कों, पार्किंग और आवागमन मार्गों के विकास,
  • प्रकाश व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति

पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस उद्देश्य से विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। इसके साथ ही 2010 और 2021 के सफल कुंभ आयोजनों में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभव का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि हर प्रक्रिया सुचारू ढंग से संचालित हो सके।


संत समाज ने की मुख्यमंत्री की पहल की सराहना

अखाड़ों के आचार्यों और संतों ने कुंभ 2027 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण और संस्कृति संरक्षण को लेकर उनकी पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि—

“संत समाज राज्य सरकार के साथ है, और हम सब मिलकर कुंभ 2027 को विश्व-स्तरीय आयोजन बनाएंगे।”

बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री ने सभी संतों व अखाड़ा प्रतिनिधियों के साथ भोजन भी किया।


बैठक में उपस्थित प्रमुख संत एवं जनप्रतिनिधि

बैठक में विभिन्न अखाड़ों के प्रमुख आचार्य एवं संत उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख थे:

  • महंत रविन्द्र पुरी महाराज – निरंजनी अखाड़ा
  • महंत कौशल गिरी महाराज – आनंद अखाड़ा
  • रविन्द्र पुरी महाराज – महानिर्वाणी अखाड़ा
  • महंत हरिगिरी महाराज – जूना भैरव अखाड़ा
  • डॉ. साधनानन्द महाराज – पंचअग्नि अखाड़ा
  • महंत सत्यगिरि महाराज – आवाहन अखाड़ा
  • महंत सत्यम गिरी – अटल अखाड़ा
  • महंत मुरली दास महाराज – निर्वाणी अनी अखाड़ा
  • महंत वैष्णव दास – दिगम्बर अनी अखाड़ा
  • महंत राजेन्द्र दास जी – निर्मोही अनी अखाड़ा
  • महंत दुर्गादास महाराज – बड़ा उदासीन अखाड़ा
  • महंत भगतराम दास – नया उदासीन अखाड़ा
  • महंत जसविंदर महाराज – निर्मल अखाड़ा

इसके अलावा प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे:

  • सांसद राज्यसभा कल्पना सैनी
  • विधायक हरिद्वार मदन कौशिक
  • विधायक रानीपुर आदेश चौहान
  • विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा
  • महापौर हरिद्वार किरन जैसल
  • महापौर रुड़की अनीता देवी अग्रवाल
  • पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द
  • आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय
  • आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप
  • मेलाधिकारी सोनिका
  • जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित
  • एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल
  • सीडीओ ललित नारायण मिश्रा

You Might Also Like

Uttarakhand : विभागीय अधिकारियों को दिये कोविड जांच बढ़ाने के निर्देश
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: फॉर्महाउस, बंगले और करोड़ों की संपत्ति के आरोपों में घिरे 6 अहम किरदार, एसआईटी जांच से बढ़ी हलचल
उत्तराखण्ड में तकनीकी क्रांति की ओर कदम: सीएम धामी ने लॉन्च की 5 डिजिटल सेवाएं, किए बड़े ऐलान
West Bengal: राशन घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, टीएमसी नेता को किया गिरफ्तार
उत्तरकाशी: स्वास्थ्य मंत्री ने दी जनपद को करोड़ों रुपये की योजनाओं की सौगात
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

पंजाब में अनोखा लंगर! अब पूड़ी-सब्जी नहीं, मुफ्त में मिलेगा पेट्रोल; दोपहिया को ₹500 और कार वालों को ₹1,000 का तेल

The Hill India News
The Hill India News
August 18, 2026
1.20 करोड़ के लालच में खौफनाक कत्ल! YouTube के झूठे दावे पर नाबालिग की हत्या, शरीर का हिस्सा लेकर 3 दिन तक भटकते रहे आरोपी
‘मिर्जापुर: द मूवी’ का भौकाल ट्रिपल होने वाला है! रवि किशन ने बढ़ाई एक्साइटमेंट, बोले- ‘4 सितंबर को पूरा देश पागल हो जाएगा’
चमोली में बारिश का कहर! कल्पेश्वर महादेव मंदिर परिसर में घुसा पहाड़ का मलबा, पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग भी ठप; कई जगह जनजीवन प्रभावित
दिल्ली SIR में 47 लाख वोटरों का नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर! 24 अगस्त को खुलेगा बड़ा राज, जानिए किस इलाके में सबसे ज्यादा और कहां सबसे कम फॉर्म जमा हुए
झारखंड में ‘कहीं खुशी-कहीं गम’! JSSC CGL रद्द होते ही फूट-फूटकर रोए चयनित अभ्यर्थी, बोले- ‘हमारा क्या कसूर था?’
“मुझे अब शांति से मरने दो…” ट्विशा शर्मा की मौत से पहले के 90 मिनट ने खोले कई राज, CBI चार्जशीट में पति-सास पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप
ऋषिकेश में उफनती बीन नदी का रौद्र रूप, मैक्स वाहन पलटने से मचा हड़कंप; SDRF ने जान जोखिम में डालकर बचाई दो जिंदगियां
देहरादून में भारत का दमदार आगाज, एशियन स्केटिंग ट्रॉफी के पहले दिन 8 मेडल पर कब्जा; 3 गोल्ड के साथ चीन को दी कड़ी चुनौती
भाजपा की नई केंद्रीय टीम में उत्तराखंड का दबदबा, बलूनी पर तीसरी बार भरोसा तो तीरथ का बढ़ा कद; दुष्यंत गौतम की विदाई के संकेत?
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?