हरिद्वार। उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की सक्रियता चर्चा का केंद्र बन गई है। गुरुवार, 1 अक्टूबर को हरिद्वार में निकाली गई उनकी ‘धन्यवाद संवाद यात्रा’ के दौरान जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत किया, वहीं रावत ने कई राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘पलटूराम’ करार दिया और भारतीय जनता पार्टी पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। यात्रा के दौरान उनके काफिले में सबसे आगे चल रहे वाहन पर ‘Tiger Is Back’ का पोस्टर भी खास आकर्षण का केंद्र रहा।
नीतीश कुमार पर हरीश रावत का सीधा हमला
हरिद्वार में मीडिया से बातचीत के दौरान हरीश रावत से बिहार की राजनीति और नीतीश कुमार को लेकर सवाल किया गया। इसके जवाब में उन्होंने नीतीश कुमार को ‘पलटूराम’ बताते हुए कहा कि उन्होंने जितना पलटूराम नीतीश कुमार को देखा है, उतना किसी और को नहीं देखा।
रावत ने कहा कि नीतीश कुमार पहले भारतीय जनता पार्टी के विरोध में विभिन्न राजनीतिक दलों को एकजुट करने में जुटे रहे, लेकिन बाद में उन्होंने बीजेपी के साथ ही राजनीतिक तालमेल किया और उसके पक्ष में बोलने लगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की बैठक और नीतीश कुमार की राजनीतिक भूमिका को लेकर विपक्षी खेमे में चर्चा चल रही है।
रावत की टिप्पणी को उनकी ओर से नीतीश कुमार की राजनीतिक दिशा में बदलाव पर की गई आलोचना के रूप में देखा जा रहा है।
ईडी-सीबीआई को लेकर भी बीजेपी पर बरसे
हरीश रावत ने बीजेपी सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों को लेकर भी तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि जब तक वह बीजेपी का विरोध करते रहेंगे, उनके दरवाजे पर ईडी और सीबीआई आती रहेंगी। रावत ने कहा कि उनका जीवन खुली किताब है और जिस किसी को भी जांच करनी है, वह जांच कर सकता है।
उन्होंने यहां तक कहा कि जांच के लिए उनके रिश्तेदारों तक को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है। रावत के इस बयान में केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जाते रहे सवालों की झलक दिखाई दी। हालांकि ईडी और सीबीआई से जुड़े मामलों में किसी आरोप या कार्रवाई का अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होता है।
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भी साधा निशाना
धन्यवाद संवाद यात्रा के दौरान हरीश रावत ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि देश में वोट चोरी होती है तो चुनी हुई सरकारों का नैतिक बल समाप्त हो जाता है। रावत ने मौजूदा सरकारों को लेकर आरोप लगाया कि वे वोट चोरी से बनी हुई सरकारें हैं और अब उनके जाने का समय आ गया है।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि ‘वोट चोरी’ का मुद्दा विपक्षी राजनीति में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों के संदर्भ में लगातार उठाया जाता रहा है। रावत ने भी अपने संबोधन में इसी मुद्दे को केंद्र में रखते हुए सरकार पर राजनीतिक हमला बोला।
‘टाइगर इज बैक’ पोस्टर ने खींचा ध्यान
हरीश रावत की धन्यवाद संवाद यात्रा का सबसे चर्चित दृश्य उस समय सामने आया जब उनके काफिले के सबसे आगे चल रहे वाहन पर ‘Tiger Is Back’ का पोस्टर नजर आया। पोस्टर में हरीश रावत की जींस और शर्ट पहने तस्वीर लगाई गई थी। यात्रा के दौरान समर्थकों ने फूल-मालाओं और आतिशबाजी के साथ रावत का जगह-जगह स्वागत किया।
‘टाइगर इज बैक’ को लेकर जब रावत से सवाल किया गया तो उन्होंने इसे समर्थकों की भावनाओं और उनके स्वागत से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग लोगों की अपनी भावनाएं होती हैं और समर्थकों ने जिस भावना से उनका स्वागत किया, उसके लिए वह उनका धन्यवाद करते हैं।
अनुपमा रावत भी यात्रा में हुईं शामिल
यात्रा के दौरान मैंगो फार्म हाउस के पास हरिद्वार ग्रामीण की कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने भी समर्थकों के साथ अपने पिता का स्वागत किया और यात्रा में शामिल हुईं। हरिद्वार ग्रामीण से अनुपमा रावत वर्तमान विधायक हैं और हरीश रावत की राजनीतिक गतिविधियों के दौरान उनकी मौजूदगी भी लगातार नजर आ रही है।
धन्यवाद संवाद यात्रा हरिद्वार से आगे बढ़ते हुए लक्सर और खानपुर की ओर गई। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और समर्थकों के स्वागत ने यात्रा को राजनीतिक रूप से भी चर्चा में ला दिया।
‘लोगों के प्यार ने स्वस्थ होकर वापस लौटने की ताकत दी’
यात्रा को लेकर हरीश रावत ने कहा कि इसका मूल संदेश देश और प्रदेश में परिवर्तन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यात्रा को लेकर लोगों में उत्साह दिखाई दे रहा है और वह इसके लिए जनता का धन्यवाद करना चाहते हैं।
रावत ने कहा कि लोगों ने उन्हें पहले भी बहुत प्यार दिया है और उन्हीं के आशीर्वाद से वह स्वस्थ होकर फिर से राजनीतिक रूप से सक्रिय हुए हैं। उन्होंने जनता के आशीर्वाद को अपनी ताकत बताते हुए कहा कि आगे भी वह इसी समर्थन के आकांक्षी हैं।
हरिद्वार पर बढ़ा हरीश रावत का फोकस
हरीश रावत की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब वह पिछले कुछ दिनों से हरिद्वार को लेकर लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। सितंबर के अंतिम सप्ताह में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में हरिद्वार जिले की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा भी सार्वजनिक की थी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया था कि चुनाव लड़ने का अंतिम निर्णय समय, परिस्थितियों, उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए लिया जाएगा।
इससे पहले हरिद्वार में गंगा पूजन के दौरान भी रावत ने कहा था कि उनके मन में हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा है और उनकी व्यक्तिगत आकांक्षा है कि जीवन के अंतिम समय में उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के रूप में निकले।
2027 से पहले हरिद्वार की सियासत में बढ़ी हलचल
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हरीश रावत की हरिद्वार में बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है। उनकी धन्यवाद संवाद यात्रा, जनता से सीधा संवाद, समर्थकों का स्वागत और ‘टाइगर इज बैक’ जैसे पोस्टर यह दिखाते हैं कि रावत फिलहाल हरिद्वार में अपनी राजनीतिक मौजूदगी को सक्रिय रूप से बनाए हुए हैं।
हालांकि उनकी ओर से हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा सामने आ चुकी है, लेकिन सीट और उम्मीदवारी को लेकर अंतिम निर्णय अभी परिस्थितियों और राजनीतिक प्रक्रिया पर निर्भर बताया गया है।
फिलहाल, नीतीश कुमार पर ‘पलटूराम’ वाला हमला, बीजेपी पर ईडी-सीबीआई और ‘वोट चोरी’ को लेकर निशाना, तथा ‘टाइगर इज बैक’ पोस्टर के साथ निकली धन्यवाद संवाद यात्रा ने हरीश रावत को एक बार फिर उत्तराखंड की सियासी चर्चाओं के केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में हरिद्वार को लेकर उनकी सक्रियता किस राजनीतिक दिशा में जाती है, इस पर प्रदेश की नजर बनी हुई है।
