हरिद्वार: हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने हरिद्वार में नए ESIC मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस मेडिकल कॉलेज में हर साल 50 विद्यार्थियों को MBBS में प्रवेश दिया जाएगा। खास बात यह है कि मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हरिद्वार में पहले से मौजूद ESIC अस्पताल के बुनियादी ढांचे और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए की जाएगी। आधिकारिक घोषणा के अनुसार कॉलेज को शैक्षणिक सत्र 2027-28 से शुरू करने की योजना है।
30 जून की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला
हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर यह फैसला कर्मचारी राज्य बीमा निगम की 198वीं बैठक में लिया गया। यह बैठक 30 जून 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में ESIC की स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल एजुकेशन और अस्पतालों के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। इसी क्रम में हरिद्वार में नए ESIC मेडिकल कॉलेज की स्थापना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।
सरकार के मुताबिक, हरिद्वार में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में प्रति वर्ष 50 MBBS सीटों पर प्रवेश होगा। इसके लिए किसी नए अस्पताल को शून्य से खड़ा करने के बजाय मौजूदा ESIC अस्पताल के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के साथ मेडिकल शिक्षा और अस्पताल सेवाओं के बीच तालमेल बनाने में मदद मिल सकती है।
हरिद्वार के छात्रों के लिए क्यों खास है यह फैसला?
मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हर साल 50 विद्यार्थियों को MBBS शिक्षा के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा। अभी तक हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों के अनेक मेडिकल अभ्यर्थियों को MBBS की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों और राज्यों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर मेडिकल कॉलेज शुरू होने से विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के नजदीक चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
NEET-UG के जरिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की प्रतिस्पर्धा लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में हरिद्वार में 50 MBBS सीटों का जुड़ना उत्तराखंड की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था में एक और अवसर के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि इन सीटों की प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, सीटों के वर्गीकरण और अन्य नियमों की विस्तृत जानकारी संबंधित आधिकारिक प्रवेश अधिसूचना के अनुसार स्पष्ट होगी।
मेडिकल कॉलेज के साथ मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था
इस परियोजना का फायदा केवल मेडिकल छात्रों तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बीच सीधा संबंध होने से मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकता है। मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की क्लीनिकल ट्रेनिंग अस्पताल के माध्यम से होगी, जिससे उन्हें वास्तविक मरीजों के बीच चिकित्सा का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
मौजूदा ESIC अस्पताल के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल किए जाने से पहले से उपलब्ध संसाधनों को मेडिकल शिक्षा के लिए उपयोग में लाया जा सकेगा। इससे अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के बीच बेहतर समन्वय विकसित होने की संभावना है। आने वाले समय में फैकल्टी, विभागों, लैब, प्रशिक्षण सुविधाओं और अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं के विकास के साथ संस्थान का दायरा भी बढ़ सकता है।
उत्तराखंड की मेडिकल शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और मैदानी दोनों तरह के भौगोलिक क्षेत्रों वाले राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एक महत्वपूर्ण विषय है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए चिकित्सा क्षेत्र में शिक्षा और करियर के नए अवसर बन सकते हैं।
हरिद्वार की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भी यह संस्थान महत्वपूर्ण हो सकता है। हरिद्वार उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्र का प्रमुख शहर है और आसपास के कई क्षेत्रों से इसकी सीधी कनेक्टिविटी है। यहां मेडिकल कॉलेज शुरू होने से चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
CM धामी ने जताया आभार
हरिद्वार में ESIC मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, हरिद्वार में ESIC मेडिकल कॉलेज की स्थापना से राज्य में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा और युवाओं को MBBS की पढ़ाई के लिए एक और महत्वपूर्ण संस्थान मिलेगा। साथ ही क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में भी इससे मदद मिलने की उम्मीद है।
50 सीटों से शुरुआत, आगे बढ़ सकता है दायरा
फिलहाल हरिद्वार ESIC मेडिकल कॉलेज के लिए 50 MBBS सीटों की वार्षिक क्षमता तय की गई है। किसी भी नए मेडिकल कॉलेज की शुरुआत के बाद उसकी शैक्षणिक और चिकित्सा सुविधाओं का विकास चरणबद्ध तरीके से होता है। इसलिए आने वाले वर्षों में संस्थान में अन्य सुविधाओं और विभागों के विस्तार की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी।
हालांकि अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि कॉलेज की तैयारियां किस गति से पूरी होती हैं और 2027-28 के प्रस्तावित शैक्षणिक सत्र तक आवश्यक शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय मानकों को कैसे पूरा किया जाता है। प्रवेश प्रक्रिया और सीटों से संबंधित अंतिम जानकारी संबंधित नियामकीय एवं प्रवेश प्राधिकरणों की अधिसूचनाओं के बाद स्पष्ट होगी।
हरिद्वार के लिए क्या बदलेगा?
50 MBBS सीटें, मौजूदा ESIC अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग, मेडिकल शिक्षा का नया केंद्र, स्थानीय युवाओं के लिए अवसर और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की संभावना—इन सभी पहलुओं को मिलाकर देखें तो हरिद्वार में ESIC मेडिकल कॉलेज की मंजूरी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
यानी आने वाले समय में हरिद्वार सिर्फ धार्मिक और पर्यटन नगरी के रूप में ही नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर सकता है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि प्रस्तावित 2027-28 सत्र तक कॉलेज की तैयारियां किस तरह आगे बढ़ती हैं और पहली MBBS बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया कब शुरू होती है।
