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The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखण्ड : कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय .
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखण्ड : कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय .

The Hill India News
Last updated: March 3, 2025 2:33 pm
The Hill India News
Published: March 3, 2025
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01-जनपद उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की लगभग 1354 एकड़ भूमि को ग्रीन फील्ड टाउनशिप विकसित किये जाने हेतु सिडकुल को हस्तान्तरित किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

जनपद उधमसिंहनगर, तहसील किच्छा के ग्राम गडरियाबाग, नूरपुर, पन्थपुरा, रजपुरा, बण्डिया व लक्ष्मीपुर में वर्ष 2014 में राज्य सरकार को कुल प्राप्त 798.7039 है० यानी 1972 एकड़ सीलिंग भूमि में से ग्राम गडरियाबाग में 264.47 एकड़, नूरपुर में 236.38 एकड़, पन्थपुरा में 137.06 एकड़, रजपुरा में 272. 66 एकड़, बण्डिया में 178.02 एकड़ तथा ग्राम लक्ष्मीपुर में 265.31 एकड़ इस प्रकार कुल 1354.14 एकड़ अर्थात 548.2388 है० भूमि (श्रेणी 5-1, नवीन परती दर्ज) को ग्रीन फील्ड टाउनशिप विकसित किये जाने हेतु सिडकुल के पक्ष में शुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट द्वारा दी गई मंजूरी।

02-स्टाम्प एवं निबंधन विभाग, उत्तराखण्ड में विभागीय ढांचा पुनर्गठन किये जाने के सम्बन्ध में लिया गया निर्णय।

स्टाम्प एवं निबंधन विभाग में वर्ष 2005 एवं 2006 के बाद विभागीय ढांचे का पुनर्गठन नहीं किया गया था। राज्य गठन के समय राजस्व प्राप्ति लगभग 90 करोड़ और लेखपत्रों की संख्या लगभग 81000 थी, जोकि वर्तमान में क्रमशः रू0 2700 करोड़ व 2.50 लाख है। वर्तमान में विभाग में सरकार की सरलीकरण, समाधान एवं त्वरित निस्तारण एवं मूलभूत जनसुविधाएं उपलब्ध कराने की शासन की प्रतिबद्धता के क्रम में कई नवाचार गतिमान है। जैसे कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन, वर्चुअल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था तथा धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने हेतु आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था को प्रवृत्त किया जाना है।

जनसामान्य का सब रजिस्ट्रार कार्यालय में आमजन का आवागमन अत्यधिक होता है तथा उनके स्वामित्व के महत्वपूर्ण अभिलेख कार्यालयों में अनुरक्षित रहते हैं। अतः कार्यालय स्तर पर त्वरित सेवा को उपलब्ध कराये जाने के लिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ अधिकारियों के 09 पद एवं सहयोगी कार्मिकों के 29 पद स्वीकृत किये गये हैं। जनसुविधा एवं राजस्व वृद्धि के दृष्टिगत अधिकारियों को पर्वतीय जनपदों का अतिरिक्त दायित्व सौंपते हुये जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की कैबिनेट द्वारा दी गई मंजूरी।

03-मत्स्य विभागान्तर्गत ट्राउट प्रोत्साहन योजना को कैबिनेट द्वारा दी गई स्वीकृति।

राज्य के पर्वतीय जनपदों में विभिन्न मत्स्य प्रजातियों की तुलना में ट्राउट मत्स्य सबसे अधिक वृद्धि दर वाली मछली है, जिससे कार्यरत मत्स्य पालकों की आजीविका बेहतर रूप से संचालित हो रही है। ट्राउट फार्मिंग देश में हिमालयी राज्यों तक ही सीमित है एवं ट्राउट मछली के स्वास्थ्य/पोषण लाभ अन्य मछलियों की तुलना में अधिक होने के कारण यह अत्याधिक लाभदायक व्यवसाय है। राज्य में उपलब्ध प्राकृतिक जलसंसाधन ट्राउट मात्स्यिकी विकास हेतु अपेक्षित सहयोग प्रदान करते हैं, जिसके दृष्टिगत ट्राउट फार्मिंग के सतत विकास हेतु मा० मुख्यमंत्री जी, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने हेतु और ट्राउट मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अन्तर्गत मत्स्य विभाग के रूपये 200 करोड़ की योजना शुरू किए जाने की घोषणा के अनुपालन में ट्राउट फार्मिंग के सतत् विकास हेतु ट्राउट प्रोत्साहन योजना तैयार की गयी है जिसके अन्तर्गत एकीकृत रेसवेज यूनिटों के निर्माण के साथ कार्यरत मत्स्य पालकों को पांच वर्षीय इनपुट सपोर्ट उपलब्ध कराया जायेगा जिससे कार्यरत मत्स्य पालक सुचारू रूप से फार्मिंग कर सके। उक्त के साथ ही योजना अन्तर्गत मत्स्य बीज की माग को पूरा करने हेतु ट्राउट हैचरियाँ भी स्थापित की जायेगी। मछलियों के विपणन हेतु मत्स्य पालकों को आवश्यक उपकरण यथा डीप फ्रीजर, आईस बॉक्स, पलेक आईस मशीन उपलब्ध करायें जायेंगे। योजना का वित्तपोषण भारत सरकार के कार्यक्रम एफ०आई०डी०एफ० (Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund / मात्स्यिकी और जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि) से किया जायेगा। इस योजना के संचालन से राज्य में लगभग 600 मेट्रिक टन ट्राउट का उत्पादन बढेगा जबकि प्रतिवर्ष 75 लाख मत्स्य बीज उत्पादन किया जायेगा। योजना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 1800 से अधिक व्यक्तियों को लाभ मिलेगा। उक्त योजना राज्य में ट्राउट फार्मिंग को व्यवस्थित रूप से सुदृढ करेगी तथा राज्य को ट्राउट डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने हेतु कारगर सिद्ध होगी।

04-सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप कार्यवाहियों में परिवादियों को पूर्ण सहयोग दिये जाने के उद्देश्य से सतर्कता विभाग में रिवॉल्विंग फण्ड के संचालन हेतु नियमावली को शासनादेश के रूप में विकसित किये जाने के सम्बन्ध में लिया गया निर्णय।

सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप कार्यवाहियों में परिवादियों के पूर्ण सहयोग दिये जाने के उद्देश्य से परिवादियों द्वारा ट्रैप के समय दी जाने वाली रिश्वत राशि के पुनर्भरण हेतु सृजित रिवॉल्विंग फण्ड के रखरखाव/सुचारू रूप से संचालन हेतु उत्तराखण्ड भ्रष्टाचार निरोधक सतर्कता विभाग रिवॉल्विंग फण्ड नियमावली को शासनादेश के रूप में विकसित किए जाने का लिया गया निर्णय।

05-राज्य सम्पत्ति विभाग की समूह क एव समूह ख सेवा नियमावली 2025 को दी गई मंजूरी।
राज्य सम्पत्ति विभाग, उत्तराखण्ड में उत्तर प्रदेश राज्य सम्पत्ति विभाग की समूह क सेवा नियमावली 1988 और समूह ख के पदो के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश राज्य सम्पत्ति विभाग की समूह ख व ग सेवा नियमावली, 1983 प्रचलित है। अब राज्य सम्पत्ति विभाग के समूह क (मुख्य व्यवस्थाधिकारी (सी०ग्रे०) एवं मुख्य व्यवस्थाधिकारी) व समूह ख (वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी एवं व्यवस्थाधिकारी) के पदों हेतु उत्तराखण्ड राज्य सम्पत्ति विभाग समूह क एवं ख सेवा नियमावली 2025 प्रख्यापित की जा रही है, जिसे कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है।

06-निदेशालय, पेंशन एवं हकदारी, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत मिनिस्ट्रियल संवर्ग के पदों के सृजन के संबंध में लिया गया निर्णय।

निदेशालय, पेंशन एवं हकदारी, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत मिनिस्ट्रियल संवर्ग के अन्तर्गत विभागीय कार्यावश्यकता के दृष्टिगत कतिपय उपकोषागारों (जिनमें 01 सहायक लेखाकार से ही कार्य सम्पादित किया जा सकता है) में सृजित सहायक लेखाकार के 02 पदों में से 01 पद समर्पित करते हुए, समर्पित पद के सापेक्ष कनिष्ठ सहायक के 13 नवीन पद सर्जित किए जाने के प्रस्ताव को दी गई मंजूरी।

07-मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना में नये प्रावधान/दिशा-निर्देश सम्मिलित किये जाने का लिया गया निर्णय।

ग्राम्य विकास विभाग के उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों के कल्याणार्थ वर्ष 2016 में श्मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना प्रारम्भ की गयी। उक्त महिला स्वयं सहायता समूहों/ग्राम संगठनों एवं कलस्टर संगठनों के तहत विभिन्न घटकों को आच्छादित किये जाने एवं महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई निम्न पांच घोषणाओं को दी गई स्वीकृति।
महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से जनपदों में आयोजित विभिन्न कार्यशालाओं, कार्यक्रमों एवं महिला सम्मान कार्यकम हेतु मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत रू0 2.30 करोड़ की धनराशि प्रदान की जाएगी।
क्लस्टर स्तरीय संगठन (सी.एल.एफ.) में महिलाओं की व्यवसायिक गतिविधियों के संचालन हेतु रू0 15.40 करोड़ की धनराशि प्रदान की जाएगी।

लखपति दीदी बनाये जाने के उद्देश्य से रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर आरबी०आई० के माध्यम से मार्केटिंग प्रोडक्ट डेवलपमेंट एण्ड क्वालिटी कंट्रोल सेंटर हेतु अल्मोड़ा के हवालबाग एवं जनपद पौड़ी के कोटद्वार में स्थापित प्रत्येक सेंटर हेतु रू. 25.00 लाख की धनराशि प्रदान की जायेगी।

डिजिटल एम.आई.एस. हेतु ई-बुक कीपरों हेतु प्रथम चरण के 140 मॉडल क्लस्टर के 500 ई-बुक कीपरों हेतु टेबलेट प्रदान किये जाने के उद्देश्य से रू0 75.00 लाख की धनराशि प्रदान की जायेगी।

राष्ट्रीय स्तर के राज्य में आयोजित होने वाले 02 सरस मेला के आयोजन हेतु मेचिंग ग्रान्ट के रूप में प्रति मेला रू0 11.12 लाख की धनराशि प्रदान की जायेगी।

उक्त घोषणाओं की प्रतिपूर्ति हेतु मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना में नये प्रावधान/दिशा-निर्देश सम्मिलित किये जाने का प्रस्ताव मंत्रिमण्डल के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिसे कैबिनेट द्वारा मंजूरी प्रदान की गई।

08-उत्तराखण्ड के आन्दोलन का इतिहास तथा लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों को पाठ्य पुस्तकों में शामिल किए जाने के संबंध में मा0 मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन हेतु प्रारम्भिक शिक्षा के अंतर्गत कक्षा-06 से कक्षा-08 तक के लिए पाठ्यचर्या में हमारी विरासत एवं विभूतियाँ सहायक पुस्तिका के रूप में विकसित/शामिल किये जाने का लिया गया निर्णय।
राज्य सरकार द्वारा ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है, कि उत्तराखण्ड के आन्दोलन का इतिहास तथा लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों को हमारी पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जा सके के क्रियान्वयन हेतु प्रारम्भिक शिक्षा के अंतर्गत कक्षा-06 से कक्षा-08 तक के लिए पाठ्यचर्या में हमारी विरासत एवं विभूतियाँ सहायक पुस्तिका के रूप में विकसित/शामिल किए जाने से उत्तराखण्ड के आन्दोलन का इतिहास तथा लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों को प्रारम्भिक शिक्षा के अंतर्गत कक्षा -06 से 08 तक की पाठ्य पुस्तकों में शामिल किये जाने पर छात्र-छात्राओं को उत्तराखण्ड राज्य की अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त होगी।

09-उत्तराखण्ड भारतीय नागरिक सुरक्षा नियमावली, 2024 अधिसूचित किये जाने के संबंध में कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

वर्तमान परिदृश्य के दृष्टिगत गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दिनांक 01.07.2023 को सम्पूर्ण देश में लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (अधिनियम संख्या 46 सन् 2023) के आलोक में उत्तराखण्ड भारतीय नागरिक सुरक्षा नियमावली 2024 को अधिसूचना के माध्यम से अधिसूचित कर दिया गया है। इस नियमावली के अन्तर्गत इलेक्ट्रॉनिक संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलन एवं अभिरक्षा हेतु प्रक्रिया निर्धारित की गयी है। इसके अतिरिक्त इस कानून के अन्तर्गत जीरो-एफ०आई०आर० एवं ई-एफ०आई०आर० पंजीकृत करने की प्रक्रिया एवं फोरेंसिक परीक्षण के सुदृढ़ीकरण आदि हेतु जिला एवं राज्य स्तरीय पुलिस नियंत्रण कक्ष गठित कर प्रक्रियाओं का उल्लेख भी किया गया है।

10-उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् विनियम, 2009, मे अध्याय-बारह के विद्यमान विनियम में क्रमांक 9 के पश्चात क्रमांक-10 को जोड़े जाने का निर्णय।

उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा विनियम, 2009, मे अध्याय-बारह के विद्यमान विनियम 14 (7) (ग) समकक्ष संस्थाओं की सूची में अन्तिम क्रमांक 9 के बाद क्रमांक-10 पर कक्षा-10 (हाईस्कूल) परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरान्त उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित तीन वर्षीय पालिटेक्निक डिप्लोमा परीक्षा उत्तीर्ण को उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद की कक्षा 12 (इण्टरमीडिएट) उत्तीर्ण की समकक्षता होगी जोड़ा जाना है, जिसके फलस्वरूप कक्षा-10 के उपरान्त पॉलिटेक्निक डिप्लोमा परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी अन्य स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे।

उक्त के दृष्टिगत उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा विनियम, 2009 के अध्याय-12 के विद्यमान विनियम-14(7) (ग) में कमांक 9 के पश्चात कमांक-10 कक्षा 10 (हाईस्कूल) परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरान्त तीन वर्षीय पालिटेक्निक डिप्लोमा परीक्षा उत्तीर्ण को उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् की कक्षा 12 (इण्टरमीडिएट) उत्तीर्ण की समकक्षता प्रदान किये जाने पर मा० मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।

11-भारत सरकार द्वारा प्रख्यापित एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को राज्यान्तर्गत अंगीकृत/लागू किये जाने के सम्बन्ध में लिया गया निर्णय।

वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवाऐं विभाग) भारत का राजपत्र की अधिसूचना दिनांक-24 जनवरी, 2025 में उल्लिखित व्यवस्था के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य के समस्त विभागों, जहाँ नई पेंशन योजना (एनपीएस) लागू हैं, के साथ ही विकल्प के रूप में सम्बन्धित विभागों में कार्यरत कार्मिकों हेतु दिनांक 01 अप्रैल, 2025 से एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को लागू किये जाने हेतु उक्त अधिसूचना को राज्यान्तर्गत अंगीकृत किया जाता है।

12-उत्तराखण्ड कारागार विभाग, उप महानिरीक्षक कारागार, वरिष्ठ अधीक्षक कारागार एवं अधीक्षक कारागार सेवा नियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के सम्बन्ध में लिया गया निर्णय।
वर्तमान में कारागार प्रशासन एवं सेवा सुधार विभाग, उत्तराखण्ड में उप महानिरीक्षक कारागार, वरिष्ठ कारागार अधीक्षक एवं कारागार अधीक्षक के पदों पर नियुक्ति/पदोन्नति हेतु उत्तर प्रदेश कारागार (श्रेणी अ एवं श्रेणी ब) सेवा नियमावली, 1982 के द्वारा कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत सृजित कारागार के पदों के पुनर्गठन किया गया, जिसमें उप महानिरीक्षक, कारागार लेवल-13, 123100-215900 (ग्रेड वेतन 8700) का एक पद सृजित किया गया तथा वरिष्ठ अधीक्षक कारागार के पदों को ग्रेड-01 लेवल-12, 78800-209200 (ग्रेड वेतन 7600) तथा ग्रेड-02 लेवल-11, 67700-208700 (ग्रेड वेतन 6600) में विभाजित किया गया है, जिसे उक्त नियमावली में सम्मिलित किया जाना है। कारागार प्रशासन एवं सेवा सुधार विभाग, उत्तराखण्ड में उप महानिरीक्षक कारागार, वरिष्ठ कारागार अधीक्षक एवं कारागार अधीक्षक के पदों पर नियुक्ति एवं पदोन्नति की प्रक्रिया/नियम/विनियम इत्यादि निर्धारित किये जाने हेतु विभागीय हित में उत्तराखण्ड कारागार विभाग, उप महानिरीक्षक कारागार, वरिष्ठ अधीक्षक कारागार एवं अधीक्षक कारागार सेवा नियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने का निर्णय लिया गया है।

13-राज्य की चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र 2024-25 में क्रय किये जाने वाले गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य एवं गन्ना विकास अंशदान (कमीशन) की दर निर्धारित किये जाने के संबंध में लिया गया निर्णय।

राज्य की सहकारी सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्रों के दौरान कय किये जाने वाले गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य इस हेतु गठित राज्य परामर्शी समिति की संस्तुति के आधार पर निर्धारित किया जाता है। राज्य परामर्शी समिति की संस्तुति के आधार पर विगत पेराई सत्र हेतु निर्धारित गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य को चालू पेराई सत्र 2024-25 में यथावत् रखे जाने का लिया गया निर्णय।
गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य अगैती प्रजाति रू० 375.00 प्रति कुन्टल (मिल गेट पर) और सामान्य प्रजाति रू० 365.00 प्रति कुन्टल (मिल गेट पर)
विगत पेराई सत्र की भांति चीनी मिलों के बाह्य कय केन्द्रों से गन्ने का परिवहन मिल तक कराये जाने के मद में होने वाली कटौती रू० 09.50 प्रति कुन्तल निधारित किए जाने का निर्णय।
विगत पेराई सत्र की भांति गन्ना विकास अंशदान (कमीशन) की दर रू० 5.50 प्रति कुन्तल निर्धारित किए जाने को भी दी गई मंजूरी।

14-उत्तराखण्ड पुलिस सेवा संवर्ग में अपर पुलिस अधीक्षक, उच्चत्तम वेतनमान व अपर पुलिस अधीक्षक, उच्चतर वेतनमान के नये पद सृजित होने के दृष्टिगत उक्त पदों पर पदोन्नति हेतु अर्हकारी सेवावधि का निर्धारण किये जाने व पदोन्नति हेतु चयन समिति का गठन किये जाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड पुलिस सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन के निर्णय को मिली मंजूरी।

15-उत्तराखण्ड राज्य के कार्मिकों को अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण प्रदान किये जाने हेतु उत्तराखण्ड सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण नियमावली 2010 प्रख्यापित की गयी, जिसे समय-समय पर संशोधित किया जाता रहा है। वहीं इस नियमावली के अतिरिक्त पदोन्नति के लिए अधिकांश विभागों की सेवा निगमावलियों में भी परन्तुक के रूप में अर्हकारी सेवा में छूट प्रदान किये जाने सम्बन्धी प्रावधान किये गये हैं। सज्ञान में आया है कि कतिपय विभागों द्वारा सम्बन्धित पद की सेवा नियमावली में अर्हकारी सेवा में शिथिलता प्रदान करते हुए पात्रता क्षेत्र का विस्तार किये जाने सम्बन्धी प्रावधानों के आलोक में अर्हकारी सेवा में छूट/शिथिलीकरण प्रदान करते हुए अपने स्तर पर कार्मिको की पदोन्नतियां की जा रही हैं और साथ ही सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण नियमावली, 2010 (समय-समय पर यथासंशोधित) के अन्तर्गत भी पदोन्नति हेतु अहंकारी सेवा में शिथिलीकरण प्रदान करते हुए शिथिलीकरण का दोहरा लाभ कार्मिको को प्रदान किया जा रहा है।

अतः उक्त के दृष्टिगत राज्याधीन सेवाओं में पदोन्नति के प्रकरणों में समरूपत्ता एवं सगत्तता बनाए रखने हेतु उत्तराखण्ड सरकारी सेवक पदोन्नति के लिए अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण नियमावली, 2025 प्रख्यापित किए जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

16-मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन के संबंध में लिया गया निर्णय।

उत्तराखण्ड राज्य में एकल (निराश्रित)/परित्यक्ता/विधवा महिलाओं को उनके निवास स्थान/गाँव/क्षेत्र में ही रोजगार सृजन हेतु प्रोत्साहित करने व उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृद्ध करते हुए उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर उनके जीवन स्वर में गुणात्मक सुधार लाये जाने हेतु मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना प्रारंभ किए जाने का लिया गया निर्णय।

17-कुमाऊं क्षेत्र की कोसी, गोला और दाबका नदियों के खनन रॉयल्टी शुल्क में कैबिनेट द्वारा संशोधन करने की अनुमति प्रदान किए जाने का लिया गया निर्णय।
जो वर्तमान में 15 पैसे से 45 पैसे प्रति टन और तुलाई 0.07 से 0.05 प्रति टन की गई है।
इसके अलावा लाभार्थी और परिचालन लागत को 4.9 से 4.56 प्रति टन किए जाने का कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

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